हलद्वानी (उत्तराखंड) के अमेजन ई-काॅमर्स के वेयर हाउस जो एमएनएम लाॅजिस्टिक्स द्वारा संचालित किया जा रहा था में 5 जून 2026 की अर्धरात्रि में भीषण आग लगने के कारण दो युवा मजदूर नरेंद्र आर्य (नीरज) और अमित मारे गए जो दिन में डिलीवरी बाॅय की नौकरी करते थे और रात में गार्ड की नौकरी कर रहे थे.
एक संयुक्त जांच दल ने अमेजन वेयर हाउस का दौरा किया और पाया कि वहां सुरक्षा मानकों की पूर्ण अवहेलना की गई है. केवल मुनाफे को अतिरिक्त रूप से बढ़ाने के लिए वर्कर्स की जान को खतरे में डाला गया. पूरे बंद गोदाम में अंदर गार्ड बैठा दिए गए, जिसमें कोई गार्ड रूम नहीं था, बल्कि पूरे पैक समान के बीच में गार्डों को अपने हालत पर छोड़ दिया गया. वेयर हाउस में कोई फायर एक्जिट नहीं था, कोई फायर अलार्म नहीं था. यहां तक कि धुंआ बाहर निकलने के लिए एग्जाॅस्ट फैन तक नहीं था. वेयर हाॅउस के पास अग्निशमन विभाग द्वारा जारी की जाने वाली फायर एनओसी तक नहीं थी. कुल मिलाकर कंपनी की आपराधिक लापरवाही के कारण दो युवा मजदूरों की जान चली गई और दो परिवार बेसहारा हो गए.
जांच दल ने अग्निकांड में मारे गये दोनों मृतकों के घरों में जाकर परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया और इस पूरे मामले की न्यायिक जांच करने, दोषी लोगों पर मुकदमा दर्ज करने, इस तरह से संचालित तमाम गोदामों में शीघ्र अग्नि एवं अन्य सुरक्षा उपायों की जांच करने, अमेजन ई-काॅमर्स के वेयर हाउस के बगल में संचालित अन्य गोदामों में प्रशासन तत्काल सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने और साथ ही दोनों मृतकों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नियमित सरकारी नौकरी देने की मांग की.
जांच दल में भाकपा(माले) के जिला सचिव डाॅ. कैलाश पांडेय, ऐक्टू नेता ललित मटियाली, अमेजन इंडिया वर्कर्स यूनियन के नीतेश, हाॅकर जाॅइंट एक्शन कमिटी के योगेश सैनी, किसान नेता जगतार सिंह बाजवा, राजकिशोर व शेर सिंह, ग्रामीण ई-रिक्शा कल्याण समिति के खेमकरण सैनी, यूकेडी के भुवन बिष्ट, राजीव लोचन आदि भी थे.