वर्ष 35 / अंक - 42 / गया: एक बार फिर मुसहर टोले पर हमला

गया: एक बार फिर मुसहर टोले पर हमला

गया: एक बार फिर मुसहर टोले पर हमला

गया (सरकार ने जसका नाम बदल कर गयाजी कर दिया है) केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी का गृह जिला है और खिजरसराय उनका गृह प्रखंड. इसी खिजरसराय प्रखंड की एकं मुसहर बस्ती पर सामंती गुंडों के हमले में मांझी (मुसहर) समुदाय के एक व्यक्ति का निधन हो गया. इस हमले में कई लोग घायल भी हुए हैं.

बीते 9 अक्टूबर की शाम करीब साढ़े 5 बजे खिजरसराय के बाना मांझी टोला में इसी गांव का लेबर सप्लायर संतोष सिंह आ धमका. उसने लोगों से ईंट भट्ठा पर काम करने के लिए जोर-जबरदस्ती शुरू कर दी. मांझी समुदाय ने लोगों ने कहा – ‘हमलोग भटठा पर काम करने नही जाते हैं.’ इसी बात पर संतोष सिंह और उसके साथ आए तीन-चार गुंडों ने लोगों के साथ मारपीट शुरु कर दी. मारपीट में लाठी से चोट लगने पर सज्जन मांझी (30 वर्ष) का सिर फट गया. बीच-बचाव करने आई एक महिला कांति देवी (65 वर्ष) के सीने पर्र इंट लगने से वह बेहोश होकर गिर गई और गहरी चोट के कारण ईलाज के दौरान ही उनका निधन हो गया. अन्य कई लोग भी घायल हुए.

10 अक्टूबर को पोस्टमार्टम के बाद जब महिला का शव गांव पहुंचा तो गुस्साए ग्रामीणों ने अतरी-खिजरसराय-गया रोड को घंटो जाम कर दिया. पुलिस प्रशासन की नींद भी जाम के बाद ही खुली और मौके पर पहुंचे नीमचक-बथानी अनुमंडल पदाधिकारी ने मृतक के परिजनों को पारिवारिक लाभ का 20 हजार रुपये का चेक और लाश जलाने के लिए 3000/रूपये नगद देने के साथ हत्यारों पर कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया.

11 अक्टूबर को भाकपा(माले) जिला सचिव का. निरंजन कुमार के नेतृत्व में जांच टीम बाना मांझी टोला पहुंची. टीम ने घटना की पूरी जानकारी ली. ग्रामीणों ने बताया कि संतोष सिंह काफी दबंग और अपराधी चरित्र का आदमी है. बगल के गांव शेदपुर की पासवान जाति की एक महिला ने बताया कि उसने उसके तीन साल के बच्चे पर चौपहिया वाहन चढ़ा दिया था. आज तक उस पर कोई कार्रवाई नही हुई. मांझी टोले के अन्य लोगों ने बताया कि वह पहले भी बात-बात पर घरों में घुस कर उनके साथ मारपीट करता रहा है. जानवर चराने व पर्दा पर जाने पर रोक लगाना और गाली-गलौज करना और ईंट भटठा पर जाने के लिए दादनी (एडवांस) नहीं लेने पर भी काम करने के लिए जबरन दबाव बनाना, ये सब वह हमेशा करता रहता है. जांच टीम में ऐपवा जिला सचिव रीता बर्णवाल, भाकपा(माले) के खिजरसराय प्रखंड सचिव बच्चू सिंह, बिनोद पासवान, राजू पासवान, संजय पासवान, कैलाश मांझी, आनंद कुमार आदि नेता शामिल थे.

13 अक्टूबर को खिजसराय में धुरा पर से थाना तक विरोध मार्च किया गया और अपराधियों को अविलम्ब गिरफ्तार कर स्पीडी ट्रायल के जरिए कठोर सजा देने, घायलों को ईलाज के लिए 50 हजार रुपये देने और मृतक के आश्रितों को 20 लाख रूपये का मुआवजा देने के साथ सरकारी नौकरी देने की मांग की गई. इस मार्च में बड़ी संख्या में भूमिहीन गरीब महिलायें, लड़कियां और पुरुष शामिल हुए.

खिजरसराय में पिछले एक महीने में मुसहर समुदाय के लोगों पर लंपट सामंती अपराधियों के हमले की यह तीसरी वारदात है. इसके पहले पथरा गांव में एक अधेड़ महिला के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी गई थी और  कुंड़ुवा धर्मशाला के रहने वाले अजय मांझी का भट्टदारों के सांठ-गांठ से पटना जिले के सिगोड़ी थाना हाजत में पुलिस द्वारा पीट-पीट कर मार डाला गया था. पथरा के दोषियों को तो पुलिस ने अभी तक गिरफ्तार भी नहीं किया है. 

– निरंजन कुमार


17 October, 2026