1970 के दशक में पूर्वी चंपारण जिले में भाकपा(माले) पार्टी को स्थापित करने वाले प्रमुख नेताओं में शामिल और भाकपा(माले) के वरिष्ठ नेता कामरेड महेंद्र पटेल का 13 अक्टूबर की रात्रि दो बजे निधन हो गया. उनकी उम्र करीब 86 वर्ष थी. पिछले कुछ वर्षों से वे हृदय रोग से पीड़ित थे.
का. महेंद्र पटेल ने नक्सलबाड़ी की क्रांतिकारी भावना से प्रेरित हो कर उस समय के संपर्क के आधार पर अपनी राजनीति की शुरुआत भाकपा(माले) पीसीसी से की लेकिन जल्द ही कामरेड गंभीरा प्रसाद और अन्य साथियों के संपर्क में आ गए और पूर्वी चंपारण जिले में भाकपा(माले) लिबरेशन की स्थापना में जुट गए.
1970 का दशक सामंतवाद और राज्य सत्ता के दमन के खिलाफ जनसंघर्षों का तूफानी दशक था. कामरेड गंभीरा प्रसाद की शहादत के बाद का. महेंद्र प्रसाद ने अन्य साथियों के साथ मिलकर जिले में पार्टी का नेतृत्व किया. 1980 के दशक के शुरुआती वर्षों में उन्होंने पार्टी को विभाजित करने की कोशिशों, जिसमें कई साथियों को शहादत भी देनी पड़ी, के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी. विभाजनकारी ताकतों का शासक वर्गीय पार्टियों में विलय के साथ अंत हो गया.
कामरेड महेंद्र पटेल पर कई बार जानलेवा हमले हुए. उनको कई बार जेल भी जाना पड़ा. लेकिन उन्होंने अडिग रहते हुए भाकपा(माले) के परचम को बुलंद रखा.
बिहार राज्य जनवादी देशभक्त मोर्चा और आइपीएफ गठन के महत्वपूर्ण साथी रहे. आदापुर सीट से 1990 के बिहार विधानसभा चुनाव और 1998 में उपचुनाव में वे पार्टी के प्रत्याशी भी रहे. सामंती उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष हो, मजदूरी के लिए संघर्ष हो, पुलिस दमन हो या अराजकतावादियों का आतंक हो या कोई राज्य सत्ता का दमन और आतंक हो – उन्होंने पूरी कतारों को डटना और संघर्ष करना सिखाया. जीवन में अर्थाभाव उन्हें कभी विचलित नहीं कर सका.
पूर्वी चम्पारण के जनप्रिय नेता और जुझारू क्रांतिकारी कामरेड महेंद्र पटेल का अंतिम दाह संस्कार उनके पैतृक गांव में ही संपन्न हुआ. उनकी अंतिम यात्रा में शामिल भाकपा(माले) नेता व पूर्व विधायक का. बीरेंद्र प्रसाद गुप्ता, और प्रभुदेव यादव, उपेंद्र सहनी, जीतलाल सहनी सहित जिले के तमाम प्रमुख नेताओं और क्रांतिकारी साथियों ने गहरी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके बताए रास्ते पर चलकर उनके अधूरे सपनों और जनमुक्ति के संघर्षों को हर हाल में मंजिल तक पहुंचाने का संकल्प लिया.
कामरेड महेंद्र पटेल का जाना हमारे आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है, लेकिन उनका जीवन और संघर्ष हमारे लिए प्रेरणा देता रहेगा.