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भाकपा (माले) ने बिंदुखत्ता को नगर पालिका बनाने की घोषणा का कड़ा विरोध किया

बिंदुखत्ता, 20 दिसम्बर 2014. भाकपा(माले) के किसान नेताओं की एक संक्षिप्त बैठक को सम्बोधित करते हुए वरिष्ठ नेता बहादुर सिंह जंगी ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार बिंदुखत्ता को भू-माफियाओं का अड्डा बनाने पर तुली है। बड़े भू-माफियाओं के दबाव के चलते ही जल्दबाजी में सरकार द्वारा बिन्दुखत्ता को नगर पालिका बनाने की घोषणा बिंदुखत्ता की जनता की आकांक्षाओं पर कुठराघात है। यहां की जनता ने वर्षों से राजस्व गांव की लड़ाई लड़ी है लेकिन मुख्यमंत्री हरीश रावत और स्थानीय विधायक व काबीना मंत्री हरीश चन्द्र

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संकल्प दिवस पर उत्तराखण्ड में याद किये गये कॉमरेड विनोद मिश्र

बिंदुखत्ता (नैनीताल)। धर्म को राजनीति में मिलाने का परिणाम ही पेशावर में तालिबानी हमला है, हमारे देश में भी लव जेहाद के नाम पर भाजपा जो साम्प्रदायिक माहौल बना रही है वह देश के लिए खतरनाक संकेत है। यह बात भाकपा माले के पूर्व महासचिव कॉमरेड विनोद मिश्र के स्मृति दिवस पर गुरुवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कही। बैठक की शुरूआत तालिबान द्वारा मारे गये निर्दोष बच्चों को श्रृद्धांजलि से हुई। बैठक में जिला सचिव कैलाश पाण्डे ने कहा पेशावर में निर्दोष बच्चों की नृशंस हत्या दुःखद ह

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हल्द्वानी में महिला कामगारों की राज्य स्तरीय कार्यशाला सम्पन्न

"सबसे ज्यादा काम, सबसे कम दाम और सबसे कम सुरक्षा ये है महिला कामगारों की स्थिति"-कविता कृष्णन "प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘श्रमेव जयते‘ नारे का पर्याय है- श्रम का सम्मान नहीं, श्रम की पहचान नहीं। दरअसल मोदी का ‘मेक इन इण्डिया‘ और ‘श्रमेव जयते‘ श्रम कानूनों को कमजोर करके श्रम के शोषण के लिये ताले खोलने का अभियान है जिससे काॅरपोरेट मनमाने तरीके से श्रम की लूट कर सकें।" अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (एपवा) की राष्ट्रीय सचिव कविता कृष्णन ने यह बात ‘एक्टू‘ द्वारा आयोजित ‘‘महिला कामगारों की

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“प्रतिरोध दिवस” पर उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन

'एक्टू' ने ट्रेड यूनियनों के अखिल भारतीय समन्वय द्वारा श्रम सुधारों के नाम पर श्रम कानूनों में ही संशोधन करने के केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ 5 दिसंबर के राष्ट्रव्यापी "प्रतिरोध दिवस" के आवाहन पर उत्तराखण्ड के विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किये. नैनीताल, रामनगर, हल्द्वानी, रुद्रपुर, लोहाघाट, अल्मोड़ा, रानीखेत, बाजपुर, काशीपुर आदि स्थानों पर धरना-प्रदर्शन आयोजित कर राष्ट्रपति से श्रम-संशोधनों को ख़ारिज करने की मांग की गयी. रुद्रपुर में संयुक्त कार्यक्रम में एक्टू के प्रदेश महामंत्री के. के.