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छात्राओं को पंख लगाने की बजाए पंख कतरने में लगे हैं नीतीश कुमार, स्कूल-काॅलेज बन गए हैं कत्लगाह: मीना तिवारी.

प्रेस हैंड आउट (11 January)
वैशाली के अंबेदकर कन्या वि़द्यालय छात्रा हत्याकांड की उच्चस्तरीय जांच कराये सरकार. हत्यारे-बलात्कारी की शिनाख्त कर अविलंब कड़ी सजा दी जाए.
17 जनवरी को राज्यव्यापी प्रतिवाद.
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पटना 11 जनवरी 2016
वैशाली के दौलतपुर के राजकीय अंबेदकर कन्या आवासीय विद्यालय की 10 वीं कक्षा में पढ़ रही मेरी बेटी ने दिनांक 6 जनवरी की शाम में मुझे फोन किया और मुझे स्कूल आने को कहा. अगली सुबह 7 जनवरी को मैं स्कूल पहुंची. बेटी ने मुझसे किसी सर का जिक्र करते हुए कहा कि – ‘सर गलत कार्य करने को कहते हैं. कहते हैं कि ऐसा करोगी तो परीक्षा में नंबर बढ़वा देंगे.’ इतना सुनने के बाद मैंने कहा कि प्राचार्य से बात करती हूं. मेरी बेटी ने मुझे रोकते हुए कहा -‘नहीं, मां, तुम्हारे जाने के बाद मुझे ये मारे-पीटेंगे.’ मैंने एक न सुनी और अपनी बेटी का झोला-सामान लेकर चलने को कहा. जब मैं अपनी बेटी को हाॅस्टल से घर ले जाने लगी, तो वहां के शिक्षकों ने उसे मेरे साथ जाने नहीं दिया. उसका झोला वगैरह छीन लिया और मुझे स्कूल के गेट से बाहर कर दिया गया. मैं निराश होकर घर लौट आई, शाम में उससे बात हुई.

अगले दिन फकुली पुलिस थाने के जरिए मुझे पता चला कि मेरी बेटी इस दुनिया में नहीं रही. जब मैं स्कूल पहुंची, तो उसके शरीर के चीथड़े कर दिए गए थे. उसके दोनों ब्रेस्ट और जांघ में चाकू मारा गया था. उसकी लाश को हाॅस्टल के नीचे वाली नाली में फेंक दिया गया था. लाश को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था कि उसकी बेदर्द हत्या के पहलेे उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना को भी अंजाम दिया गया था. उक्त बातें मुजफ्फरपुर जिले के महादलित परिवार से आने वाली मृतक छात्रा की मां कुसुमी देवी ने बताया.

भाकपा-माले की केंद्रीय कमिटी सदस्य व ऐपवा की महासचिव काॅ. मीना तिवारी ने कहा कि इस बर्बर घटना की जांच करने माले-ऐपवा व आइसा की एक राज्यस्तरीय टीम वैशाली स्थित स्कूल और मृतका के घर पर पहुंची. इस टीम में उनके अलावा आइसा के राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन, राज्य अध्यक्ष मोख्तार, वैशाली जिला ऐपवा की नेता शीला देवी, विश्वेश्वर यादव और मुजफ्फरपुर के साथी थे.

उन्होंने कहा कि जब उनकी टीम राजकीय अंबेदकर कन्या आवासीय उच्च विद्यालय पहुंची, तो पता चला कि स्कूल के प्राचार्य को सस्पेंड कर दिया गया है और प्रभारी प्राचार्य डीएम के यहां किसी बैठक में हैं. स्कूल में कुछ पुरुष शिक्षकों व रसोइया से मुलाकात हुई. स्कूल में कुछ महिला शिक्षक भी हैं. लेकिन कैंपस में न तो कोई शिक्षक रूकते हैं, न वार्डन. कहने को तीन गार्ड हैं, उसमें एक महिला है. महिला गार्ड अभी डीएम के यहां सेवा दे रही हैं. विद्यालय हाजीपुर-महुआ रोड में मुख्य शहर से तीन किमी की दूरी पर है. वह सुनसान इलाका है. स्कूली महिला छात्रावास में मेडिकल आदि चीजों की कोई व्यवस्था नहीं है. सब कुछ भगवान भरोसे है.

स्कूल में तो जांच टीम को कुछ खास पता नहीं चला, लेकिन मुजफ्फरपुर के कुढ़नी प्रखंड में मृतका की सहपाठियों ने कहा कि 7 जनवरी की रात में गार्ड ने उक्त छात्रा को पानी देने के बहाने आवाज देकर बुलाई. कुछ देर में उसके चिल्लाने की आवाज आई और फिर वह रात में दुबारा नहीं लौटी. सुबह उसकी लाश नाले में मिली.

छात्राओं के साथ इस तरह की घटना इस स्कूल में कोई नई बात नहीं है. एक दूसरी लड़की ने आज से 1 साल पहले किसी एक अन्य लड़की के साथ बलात्कार व उसकी हत्या की चर्चा की. खुद मृतका के साथ छठी क्लास में एक बार छेड़-छाड़ की घटना शिक्षकों द्वारा हुई, जिसका उसने जबरदस्त विरोध किया था. स्कूल का कैंपस पूरी तरह असुरक्षित है. मुख्य गेट में ताला तक नहीं है. जहां छात्राओं के परिजनों के अंदर प्रवेश पर रोक है, वहीं कैंपस के भीतर कल्याण पदाधिकारी, खाना बनाने वाले एनजीओ चलाने वाले लड़के और गार्ड की सहमति से बाहर से आने वाले लड़कों का प्रवेश बेरोक-टोक जारी रहता है.

जांच टीम ने कहा कि इस वीभत्स बलात्कार-हत्या कांड की उच्चस्तरीय जांच करायी जानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी होगी. ऐपवा महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि बिहार में तथाकथित सामाजिक न्याय की सरकार में कमजोर वर्ग की छात्राओं पर बढ़ता दमन सरकार का असली चेहरा उजागर हो रहा है. नीतीश सरकार छात्राओं के सशक्तीकरण का दावा कर रही है, लेकिन आज सरकारी विद्यालय तक छात्र-छात्राओं के लिए कत्लगाह बन चुके हैं. छात्राओं को पंख देने की बजाए, सरकार उनका पंख उखाड़ने में लगी है. स्कूलों-काॅलेजों में पढ़ने वाली छात्रायें भयानक शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न से गुजर रही हैं. सरकार लंबे-चैड़े वादे व डींग हांकने की बजाए इस वीभत्स स्थिति पर गंभीरता से विचार करे.

उन्होंने पीड़िता के परिवार को 20 लाख का मुआवजा व सरकारी नौकरी और तमाम स्कूल-कैंपसों में सुरक्षा की मांग उठायी. उन्होंने कहा कि इस बर्बर घटना के खिलाफ पीड़ितो के न्याय के सवाल पर हम राज्यव्यापी आंदोलन चलायेंगे. आज 11 जनवरी की शाम सभी जिला मुख्यालयों पर कैंडल मार्च निकाला जाएगा, 17 जनवरी को रोहित वेमुला की शहादत दिवस के दिन भी राज्यव्यापी प्रतिवाद आयोजित किये जाएंगे.

मीना तिवारी, महासचिव, ऐपवा
कुसुमी देवी, पीड़िता की माता
शिवप्रकाश रंजन, राज्य सचिव आइसा
नवीन कुमार, राज्य सचिव, इनौस

संकल्प दिवस पर कॉरेपोरेट फासीवाद का मुकाबला करने का संकल्प

18_Dec_2016लालकुआं, बिन्दुखत्ता, 18 दिसम्बर 2016

भाकपा(माले) के पूर्व महासचिव कॉमरेड विनोद मिश्र की 18 वीं पुण्यतिथि पर भाकपा(माले) की जिला कमेटी ने संकल्प दिवस मनाया। कॉमरेड विनोद मिश्र को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखकर पुष्प अर्पित किये।

कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए पार्टी के राज्य सचिव राजेन्द्र प्रथोली ने कहा कि विपरीत राजनीतिक परिस्थितियों में भी पार्टी को आगे बढ़ाने की सीख कॉमरेड विनोद मिश्र ने दी है। आज फिर से मोदी सरकार द्वारा तैयार कॉरेपोरेट फासीवाद का मुकाबला वामपंथ को करना है।

राजेन्द्र प्रथोली ने कहा कि केन्द्र की मोदी सरकार ने कालेधन को निकालने के नाम पर देश में आर्थिक आपातकाल लगा रखा है। मोदी सरकार काला धन को आधी कीमत पर सफेद करने की सरकारी एजेंसी बन गयी है। अच्छे दिन लाने के नाम पर जो नोटबंदी की गयी उससे देश के बड़े पूंजीपति लाभान्वित हो रहे हैं। आम जनता की बैंक में जमा की गयी मेहनत की कमाई को अम्बानी-अडानी-विजय माल्या का कर्ज माफ करने में मोदी सरकार ने लगा दिया है। मेहनतकश जनता , आम आदमी नोटबंदी से परेशान हैं। लाखों मजदूरों का रोजगार नोटबंदी से छिन गया है, किसान बीज, खाद, पानी न मिलने से परेशान है, छोटे उद्योग व व्यापार बंद होने की कगार पर हैं। लेकिन मोदी सरकार इसे अच्छे दिन बोल रही है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नोटबंदी कर जिस कालेधन और जाली नोट को खत्म करने की बात की थी उसका परिणाम उल्टा ही आ रहा है। कालेधन के नाम पर बहुत ही छोटी राशि आयी है। जबकि पूरी अर्थव्यवस्था की कमर तोड़कर कई गुना नुकसान मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले ने कर दिया है और 90 से अधिक लोग जान से हाथ धो चुके हैं। मोदी जी ने बैंक व एटीएम की लाइनों में लगी आम जनता को ही काले धन वाला बता रहे है जबकि खुद उनकी पार्टी के नेताओं के पास नये व पुराने नोट लाखों-करोड़ों की संख्या में पकड़े जा रहे हैं। उन्होंने मोदी सरकार के नोटबंदी के खिलाफ चल रहे अभियान को 30 दिसम्बर को जुलूस प्रदर्शन के माध्यम से समापन करने की बात कही।

कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए भाकपा(माले) प्रत्याशी पुरूषोत्तम शर्मा ने कहा कि भाकपा(माले) ने विपरीत परिस्थितियों में भी संघर्ष करते हुए अपनी पहचान बनाई है। भाकपा(माले) ने जनता को गोलबंद कर सड़कों पर उतारकर सरकारों को विकास कार्य करने पर मजबूर किया है। उन्होंने कहा कि नगरपालिका हटाने की लड़ाई 2 साल तक भाकपा(माले) ने लड़कर जीती है। लेकिन लड़ाई जमीन का मालिकाना हक मिलने तक जारी रहेगी। उन्होंने बिन्दुखत्ता में बढ़ते अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से अपराधों के खिलाफ एकजुट होने का आवहान किया।

संकल्प सभा में आनन्द नेगी, भुवन जोशी, आनन्द सिजवाली, स्वरूप सिंह दानू, बसंती बिष्ट, विमला रौथाण, मुबारक शाह, राजेन्द्र शाह, पान सिंह कोरंगा, बिशनदत्त जोशी, नैन सिंह कोरंगा, कमलापति जोशी, दीवान सिंह जलाल, कमल जोशी, पुष्कर दुबड़िया, गोविंद , सौरभ, प्रवीन सिंह दानू, निर्मला शाही, हरीश गोस्वामी, मोहन थापा, खीम सिंह वर्मा, हुकुम सिंह, ज्ञानचंद, राधा देवी, सुरमा देवी, सुधा देवी,  गोपाल सिंह बोरा,पान सिंह  समेत कई लोग थे। संचालन ललित मटियाली ने किया।

भाकपा(माले) के विधाना सभा प्रत्याशी कॉमरेड पुरूषोत्तम शर्मा ने बैठक कर लोगों की समस्याएं सुनीं

लालकुआं,  5 दिसम्बर 2016

6 decभाकपा(माले) के राज्य कमेटी सदस्य पुरूषोत्त शर्मा ने लालकुआं विधानसभा में स्थित खत्तों का दौरा कर रेखाल खत्ता व डोली खत्ता में बैठक कर लोगों की समस्याएं सुनी और विधानसभा चुनाव में उनके मुद्दों पर उठाने की बात कही।

इस दौरान खत्तों में हुई बैठक को सम्बोधित करते हुए भाकपा(माले) प्रत्याशी कॉमरेड पुरूषोत्तम शर्मा ने विपक्ष विहीन उत्तराखंड विधानसभा में जनसंघर्षों की आवाज भाकपा (माले) को पहुंचाने की अपील की। आजादी के 70 साल तक भाजपा-कांग्रेस ने खत्तों में 1 लाख से ज्यादा आबादी को कोई भी बुनियादी व नागरिक पहचान दिलाने के बजाय वोट बैंक के रूप में ही इस्तेमाल किया है। 2011 से खत्तावासियों को आंदोलन से जोड़कर भाकपा माले ने कई सुविधाओं को दिलाया है। खत्तों का परिवार रजिस्टर बनवाना, समाज कल्याण विभाग की योजनाओं का लाभ, पहचान पत्र, आधार, आंगनबाड़ी केंद्र, आशा, सरकारी स्कूल और गोबर की बिक्री का अधिकार जैसे अधिकार खत्तावासियों को भाकपा (माले) के आंदोलन से मिले। उन्होंने कहा कि अगर वे लालकुआं से विधानसभा चुनाव जीतते हैं तो बिन्दुखत्ता सहित सभी खत्तों और वन भूमि पर बसे सभी गांवों को स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौंचालयों का अनुदान दिलाएंगे। उन्होंने कहा कि खत्तों को ग्राम पंचायतों से जोड़ने और उन्हें विकास की मुख्य धारा जोड़ने के लिए माले संकल्पबद्ध है।

कामरेड शर्मा ने कहा कि खत्ता वासियों, वन भूमि पर बसे लोगों तथा लालकुआं की मजदूर बस्तियों की भूमि का मालिकाना हक दिलाने के लिए संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि सिडकुल के मजदूरों के शोषण दमन के खिलाफ चल रहे संघर्षों की आवाज विधान सभा में पहुंचाना जरूरी है। कामरेड शर्मा ने कहा कि क्षेत्र की पेयजल और सिचाई समस्या के स्थायी समाधान के लिए जमरानी में बाँध बनाने और भाबर क्षेत्र की आबादी से स्टोन क्रशरों को हटाने के लिए संघर्ष करेंगे।

कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता बहादुरसिंह जंगी ने किसान मजदूर विरोधी कांग्रेस भाजपा को उखाड़ फेंकने की अपील की । उन्होंने कहा कि भाकपा (माले) ने किसानों, मजदूरों और आम जनता के लिए संघषों की अगली कतार में खड़े कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा को अपना उम्मीदवार बनाया है। कार्यक्रम में माले नेता ललित मटियाली, कमल जोशी ने भी विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान महासभा के नेता किशन सिंह बिष्ट व जगदीष सनौरी ने की। बैठक में दीवान सिंह, सुरेश सिंह, हरीश सिंह, लक्ष्मण सिंह, जीवन चन्द्र, नारायण फर्त्याल, राम सिंह, सुन्दर सिंह, मुकेश बोरा, केदार सिंह, विजय, कुन्दन, चन्दन, हरीष बिष्ट, रमेष आर्या, जूप सिंह, गोपाल बोरा, शेर सिंह, पान सिंह, नवीन सिंह, गंगा देवी, हरूली देवी, कौशल्या देवी, हेमा, गीता, ललित बिष्ट, हरेन्द्र, विजय आर्या कार्यक्रम में गांव के युवाओं की अच्छी भागीदारी थी।

March to PM House Against Anti-Poor Demonetisation, 26th November

Join
March to PM House Against Anti-Poor Demonetisation
26th November, from Mandi House at 1pm

 

Friends,
On 8th November at 8pm the Prime Minister Narendra Modi suddenly declared that the Rs. 500 and Rs. 1000 notes, valid till then, will not be in use anymore. We were told by the PM and subsequently by several media houses that this was done to curb black money and fake currency. And this is what the country is being made to go through since then-

 

Around 100 deaths
Daily wage labourers, small traders and poor families are missing daily income.
Purchasing power of the poor has further decreased. Buying daily food items has become difficult.
Hospitals are denying treatment, medical shops denying necessary medicine to them because of lack of available cash in hand.
People in remote and rural areas are facing unimaginable difficulty because of the extremely skewed distribution of banks and ATMs.

 

And at the same time

Loan of wilful corporate defaulters amounting to more than 70 thousand crores of rupees has been waived off. Adani, Ambani and Vijay Mallya include the list of those who don’t need to pay back people’s money kept in banks anymore.
Those who have kept unaccounted money in off-shore tax haven remain untouched. Before elections, we were told Black Money will be Brought Back. And now we are being told those who are standing in long queues are the real black money holders.
Prime Minister himself appeared in the advertisement of a private company Paytm urging people to go cashless in a country where more than half of the adult population do not have bank accounts.
The demonetisation move is nothing but an attack on the poor while the rich and the privileged continue to enjoy!
Banks are being bailed out through the money of the poor while black economy and black money kept in safe havens remain untouched!

 

This move needs to be fought back.

Students, workers and activists are campaigning in different localities of Delhi against the anti-poor demonetisation for the last several days.

Please join workers, women, and students in a march to the PM’s house – assemble at Mandi House at 1 pm on 26 November – to protest this draconian demonetisation move.

 

Our Demands –

Roll Back Demonetisation!
Punish the corporate defaulters of bank loans!
Bring out the list of names who have accounts in off-shore tax havens! Bring Back the Money!
Immediately Guarantee-
1. Free distribution of food items to every poor family
2. Free treatment in all Government and private hospitals
3. Free disbursal of medicines to poor families.

 

Regards,
Kavita Krishnan, National Secretary, AIPWA, 9560756628
Ravi Rai, Delhi State Secretary, CPI-ML, 9599328755.
Sucheta De, National President, AISA, 9868383692.
Abhishek Kumar, AICCTU, Delhi, 9654881745.

बिन्दुखत्ता नगर पालिका वापसी का शासनादेश जारी करने की मांग पर भाकपा (माले) का एक दिवसीय धरना 16 नवम्बर को

बिन्दुखत्ता, 7 नवम्बर 2016,
भाकपा (माले)और अखिल भारतीय किसान महासभा ने 16 नवम्बर को बिन्दुखत्ता नगर पालिका वापसी का शासनादेश जारी करने की मांग पर लालकुआं तहसील में विरोध धरना आयोजित करने की घोषणा की है। इस संबंध में आज कार रोड कार्यालय में दोनों संगठनों के मुख्य पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई।

भाकपा (माले) के वरिष्ठ नेता और अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पुरुषोत्तम शर्मा ने इस एक दिवसीय धरने की घोषणा करते हुए कहा कि रावत सरकार बिन्दुखत्ता वासियों के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने कहा कि दो माह बीतने के बाद भी सरकार ने बिन्दुखत्ता नगर पालिका वापसी का शासनादेश जारी नहीं किया है। इसके साथ ही 14  अक्टूबर 2015 की आंदोलनकारियों पर लादे गए झूठे मुकदमे को भी इस सरकार ने वापस नहीं लिया है।

कामरेड शर्मा ने आरोप लगाया कि भूमि के मालिकाना के सवाल पर रावत सरकार गरीबों को गुमराह कर रही है। उन्होंने बिन्दुखत्ता की भूमि के मालिकाना हक के लिए भूमि के हस्तान्तरण की प्रक्रिया शुरू नहीं कराने के लिएट हरीश रावत सरकार की कड़ी  आलोचना की।

श्री शर्मा ने बताया कि उपरोक्त तीनों मांगों को लेकर लालकुआं तहसील पर यह विरोध धरना होगा। बैठक में राजेन्द्र शाह, कैलाश पाण्डेय, बसंती बिष्ट, पुष्कर दुबड़िया, गोविंद जीना, सुरमा देवी, विमला रौथाण, मोहन सिंह थापा, पान सिंह कोरंगा, नारायण सिंह, मंगल सिंह कोश्यारी, विपिन बोरा,  छविराम, ललित मटियाली आदि लोग थे।

भाकपा(माले) की राज्य कमेटी की बैठक में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पुरुषोत्तम शर्मा तथा इंद्रेश मैखुरी का नाम तय

भाकपा(माले) की राज्य कमेटी की गोपेश्वर में चल रही दो दिवसीय बैठक के मौके पर आयोजित प्रेस वार्ता में भाकपा(माले) ने राज्य के जन सरोकारों के मुद्दों को उठाते हुए आगामी विधान सभा चुनावों के लिए अपनी रणनीति घोषित करते हुए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की। पार्टी के राज्य सचिव कॉमरेड राजेन्द्र प्रथोली ने कहा कि, “भाकपा(माले) आगामी विधानसभा चुनाव अन्य वामपंथी पार्टियों के साथ मिल कर लड़ेगी। इस दिशा में बातचीत जारी है। प्राथमिक रूप से भाकपा(माले) दो विधानसभा क्षेत्रों-लाल कुआँ में कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा और कर्णप्रयाग में इन्द्रेश मैखुरी को अपना प्रत्याशी घोषित करती है। शेष प्रत्याशियों की घोषणा अन्य वामपंथी पार्टियों के साथ चर्चा के पश्चात की जायेगी।”

वार्ता को सम्बोधित करते हुए कॉमरेड प्रथोली ने कहा कि, “उत्तराखंड में सत्तासीन हरीश रावत सरकार माफियायों की संरक्षक सरकार है। जिसका पूरा ध्यान शराब, खनन जैसे मामलों पर ही है। प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है। कुछ दिन पूर्व बागेश्वर में दलित युवक सोहन राम की हत्या हो गयी। कल ही रुद्रपुर में एक युवती के साथ बलात्कार की घटना सामने आई है। इससे पहले रुद्रपुर में ही मजदूरों के हकों के लिए संघर्षरत ट्रेड यूनियन नेता और एक्टू के प्रदेश महामंत्री कामरेड के.के.बोरा पर अपराधी तत्वों ने जानलेवा हमला किया। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि उत्तराखंड में विधानसभा में विपक्ष सिरे से गायब है। जनता के मुद्दे केंद्र में आयें – इसके लिए जनपक्षीय संघर्षशील विपक्ष के निर्माण की जरुरत है। प्रदेश में वामपंथी पार्टियाँ मिल कर जनपक्षीय विपक्ष के निर्माण के लिए प्रयास तेज करेंगी।“

कॉमरेड प्रथोली ने आगे कहा कि, “केदारनाथ में 2013 की आपदा में मृत लोगों के कंकाल मिलना दर्शाता है कि आपदा राहत के कार्य में किस कदर आपराधिक लापरवाही बरती गई। इस आपराधिक लापरवाही में कांग्रेस-भाजपा दोनों की संलिप्तता है। विजय बहुगुणा के मुख्यमंत्री रहते हुए ही आपदा में मारे गए लोगों के शव ढूँढने की कार्यवाही बंद करने का ऐलान हुआ था। राहत और बचाव कार्यों में आपराधिक लापरवाही बरतने वाले विजय बहुगुणा को अपनी राष्ट्रीय कार्यसमिति का सदस्य बना कर भाजपा ने आपदा घोटाले में स्वयं को भागीदार बना लिया है। विजय बहुगुणा के मुख्यमंत्री पद से हटने के बाद मुख्यमंत्री बने हरीश रावत ने भी आपदा में मारे लोगों के खोजबीन की कोई कोशिश नहीं की। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में हालात जस के तस हैं पर हरीश रावत की सरकार कैलाश खेर के कार्यक्रम पर करोड़ों रूपया लुटवा रहे हैं।”

उन्होंने कहा कि, “हरीश रावत के राज में भ्रष्टाचार अपने चरम पर पहुँच गया है। दागी अधिकारियों को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। मुख्य सचिव के विरोध के बावजूद मुख्य मंत्री हरीश रावत ने दागदार रिकॉर्ड वाले सुमेर सिंह यादव को ऊर्जा निगम के महानिदेशक पद पर पुनः सेवा विस्तार दे दिया। विधानसभा अध्यक्ष जैसे संवैधानिक पद पर बैठे गोविन्द सिंह कुंजवाल पर विधायक निधि की बंदरबांट और विधानसभा में अपने चहेतों को नियुक्त करने का आरोप लगा है। लोकसेवा आयोग की नियुक्तियों तक में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। जिससे उत्तराखंड के प्रतिभावान युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।”

प्रेस वार्ता में राज्य में चल रहे विभिन्न आंदोलनों से एकजुटता जाहिर करते हुए कहा गया कि, “एक ओर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हड़ताल को दो महीने पूरे होने को हैं पर सरकार उनकी वाजिब मांगों की तरफ ध्यान तक नहीं दे रही है। आशा और भोजनमाताओं के मामले में सरकार ने सिर्फ कोरी घोषणा करके अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली है। वही दूसरी तरफ बिन्दुखत्ता में चले साल भर से अधिक लम्बे आन्दोलन के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत बिन्दुखत्ता से नगरपालिका वापसी की घोषणा को मजबूर तो हुए लेकिन आज तक इस घोषणा को लागू करने के लिए वैधानिक कार्यवाही अमल में नहीं लायी गयी। साथ ही निर्दोष आन्दोलनकारियों के खिलाफ फर्जी मुकदमे भी चल रहे हैं।”

राज्य सरकार की कारपोरेट परस्ती पर कहा गया कि, “नैनिसार में जिंदल को जमीन आवंटन के खिलाफ चले आन्दोलन पर दर्ज एफ.आई.आर. उच्च न्यायालय द्वारा रद्द किये जाने की भाकपा(माले) स्वागत करती है। इस घटना ने स्पष्ट कर दिया कि हरीश रावत सरकार कारोपोरेटों को जमीन लुटवाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।”

प्रेस वार्ता में राज्य सचिव कामरेड राजेन्द्र प्रथोली, राज्य कमेटी के सदस्य और अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा, वरिष्ठ किसान नेता कामरेड बहादुर सिंह जंगी, कामरेड आनंद सिंह नेगी, एक्टू के प्रदेश महामंत्री कामरेड के.के.बोरा,  भाकपा(माले) के नैनीताल जिला सचिव कामरेड कैलाश पाण्डेय, कामरेड इन्द्रेश मैखुरी, गढ़वाल सचिव कामरेड अतुल सती, कामरेड के.पी.चंदोला, कामरेड ललित मटियाली,  कामरेड रूबी भारद्वाज आदि शामिल थे।

गोपेश्ववर (चमोली) में भाकपा(माले) की राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक प्रारंभ

भाकपा(माले) की राज्य कमेटी की दो दिवसीय बैठक आज प्रारंभ हुई. बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) के राज्य सचिव कामरेड राजेन्द्र प्रथोली ने कहा कि अच्छे दिनों का वायदा लेकर सत्ता में आई केंद्र की मोदी सरकार के राज में देश के मेहनतकश गरीबों, मजदूरों, किसानों के दुर्दिन आ गए हैं. मंहगाई, बेरोजगारी अपने चरम पर है. औद्योगिक विकास की दर पिछले एक दशक में सबसे निम्नतम स्तर पर पहुँच गयी है. दालों सहित तमाम जरुरी चीजों की कीमतें आसमान छू रही हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों 40 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे आ चुकी हैं. परन्तु मोदी सरकार तेल कंपनियों की जेबें भरने के लिए आये दिन पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी कर रही है.

माले के राज्य सचिव ने कहा कि मोदी सरकार सीमा पर मौजूदा तनाव को उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में चुनावी फायदे के लिए भुनाना चाहती है. इसलिए पूरे देश में युद्धोन्माद पैदा किया जा रहा है. युद्धोन्माद और साम्प्रदायिक घृणा की आड़ में जहां चुनाव जीतने के जतन किये जा रहे हैं, वहीं रक्षा सौदों में कमीशन खोरी के किस्से भी छन-छन कर बाहर आ रहे हैं. भाजपा सांसद वरुण गाँधी के मामले में एक विदेशी व्हिसिल ब्लोअर द्वारा प्रधानमन्त्री को भेजी चिट्ठी से एक बार फिर यह साफ़ हुआ कि राष्टवाद के नाम पर पूरे देश में उन्माद पैदा करने वाली भाजपा के सांसद कैसे अय्याशियों में फंस कर राष्ट्रीय हितों से खिलवाड़ करते हुए रक्षा सम्बन्धी महत्वपूर्ण जानकारियाँ विदेशी दलालों को उपलब्ध करवा रहे हैं.

कामरेड राजेन्द्र प्रथोली ने कहा कि उत्तराखंड में सत्तासीन हरीश रावत सरकार माफियायों की संरक्षक सरकार है, जिसका पूरा ध्यान शराब, खनन जैसे मामलों पर ही है. जनता के सवालों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है. लोकसेवा आयोग से लेकर तमाम नियुक्तियों में भ्रष्टाचार का बोलबाला है, जिससे उत्तराखंड के प्रतिभावान युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. आपदा पीड़ितों के घाव आज भी हरे हैं और सरकार कैलाश खेर पर करोड़ों रुपये लुटा रही है. उत्तराखंड की जनता के हितों के साथ खिलवाड़ करने में सत्ता और विधानसभा में मौजूद विपक्ष-भाजपा एकजुट हैं. आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की हड़ताल को दो महीने पूरे होने को हैं  पर सरकार उनकी वाजिब मांगों की तरफ ध्यान तक नहीं दे रही है. आशा और भोजनमाताओं के मामले में सरकार ने सिर्फ कोरी घोषणा करके अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली है. समग्र में देखें तो महिला कामगारों के प्रति राज्य सरकार का रवैया उदासीनता भरा ही है. उन्होंने कहा कि बिन्दुखत्ता में चले साल भर से अधिक लम्बे आन्दोलन के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत बिन्दुखत्ता से नगरपालिका वापसी की घोषणा को मजबूर हुए. लेकिन आज तक इस घोषणा को लागू करने के लिए वैधानिक कार्यवाही अमल में नहीं लायी गयी है. साथ ही निर्दोष आन्दोलनकारियों के खिलाफ फर्जी मुकदमे भी चल रहे हैं.

भाजपा के दलित सम्मेलनों पर टिपण्णी करते हुए माले के राज्य सचिव ने कहा कि गुजरात से लेकर देश के तमाम हिस्सों में भाजपा द्वारा संरक्षित गौ रक्षक दलितों का उत्पीडन कर रहे हैं. भाजपा के दलित सम्मान सम्मलेन उस उत्पीडन को ढकने की कोशिश मात्र हैं. मंच पर सम्मान होगा और गलियों में दलित भाजपाई उत्पीडन के शिकार बनेंगे. उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं का यह कथन कि उत्तराखंड में शिल्पकार होते हैं, दलित नहीं, दरअसल जातीय भेदभाव को ही वैधता प्रदान करने के लिए दिया गया बयान है. पिछले दिनों बागेश्वर में दलित युवक सोहन राम की हत्या ने जातीय भेदभाव के वीभत्स रूप को सामने ला दिया है. दलितों का सम्मान तो जातीय भेदभाव के खात्मे के बाद ही संभव है.

बैठक में भाकपा(माले) की राज्य कमेटी के सदस्य और अखिल भारतीय किसान महासभा के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा, वरिष्ठ किसान नेता कामरेड बहादुर सिंह जंगी, कामरेड आनंद सिंह नेगी, एक्टू के प्रदेश महामंत्री कामरेड के.के.बोरा, भाकपा(माले) के नैनीताल जिला सचिव कामरेड कैलाश पाण्डेय, कामरेड इन्द्रेश मैखुरी, गढ़वाल सचिव कामरेड अतुल सती, कामरेड के.पी.चंदोला,कमरेड ललित मटियाली, कामरेड रूबी भारद्वाज आदि शामिल थे.
समाचार लिखे जाने तक बैठक जारी थी और कल भी चलेगी.


 – इंद्रेश मैखुरी