REPORTS

Comrade Ramnaresh Ram’s 1st Memorial Day

CPI(ML) commemorated the first Memorial Day of Comrade Ramnaresh Ram, veteran of the communist movement in the country and one of the founder leaders of revolutionary peasant movement of Bhojpur, on 26 October 2011. A pledge taking meeting was organised in

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AIPF National Convention in Delhi

The All India People’s Forum (AIPF) held a national convention on the theme “Deepening socio-economic crisis: Way forward for peoples struggles to defend country and democracy“ on 18th April 2016 at the Constitution Club in Delhi. The AIPF, since its

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Obituary : Dipankar Mukherjee

Comrade Dipankar Mukherjee, an ardent supporter of the Naxalbari Movement since its inception passed away on 12th April 2016 in a hospital at Dankuni, Hooghly, West Bengal at the age of 63. Although he was not a member of any communist party,

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CPI(ML) in Assembly Elections 2016

TAMIL NADU Madhavaram ------------ S. Janakiraman Ulundoorpettai -------- M. Venkatesan Kumarapalayam --------- A. Govindaraj Kolachal -------------- S. M. Anthonimuthu Ambattur ------------- K. Palanivel Mettupalayam --------- P. Natarajan Gondampalayam -------- M. S. Velmurugan Sriperambudur -------- V. Rajesh Gadharvakottai ------- Vanita Vedasandur

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CPI (ML) Leader Garo Paswan Murdered

Serial Killing of CPI(ML) Leaders Continues In Beguserai On the night of 15 April 65 year old senior CPI (ML) leader Com. Rameshwar Paswan known as Garo Paswan was killed in Chakaewasa village, Cheriya Bariyapur in Beguserai district, by feudal criminals

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Communal Conspiracies in Bihar and Jharkhand

(Parvez reports from Bihar and Manoj Bhakta from Jharkhand) Nitish Kumar talks big about a ‘Sangh-free India’, but his attitude towards the BJP and the Sangh Parivar’s communal agenda is one of opportunism. On the one hand, as Nitish

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Farmers Resist Land Grab for Freight Corridor

[The UPA Government had prepared plans for a massive expansion of the transport sector; which are now being repackaged by the Modi Government. Anticipating a quantum increase in the freight-carrying requirements of the Indian Railways in the coming years, two

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47th Foundation Day of CPI(ML) Observed

The 47th foundation day of the party was celebrated all over the country. A meeting was held at Charu Bhawan in Delhi where the bust of Comrade Charu Mazumdar was garlanded, and the Central Committee’s Party Foundation Day message

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CPI(ML) in Assembly Elections 2016

Assam 6 Left parties – the CPI, CPI(M), CPI(ML) Liberation, RSP, Forward Bloc and RCPI have formed a united Left platform. The CPI(ML)’s candidates are as follows: 1. Chabua – Debnath Majhi 2. Tingkhong – Meera Tanti 3. Duliajan - Sunil Tanti 4. Behali –

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Farmers’ Convention for Loan Waiver in Punjab

All India Kisan Mahasabha and its Punjab affiliate Punjab Kisan Union organised a ‘Loan Waiver Convention’ in which thousands of peasants participated. Peasants came all Malwa region districts of Punjab including Mansa, Bathinda, Barnala, Sangrur, Faridkot to the convention which

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CPI(ML) State Conference in Uttarakhand

The 2nd Uttarakhand State conference of the CPI(ML) was held on 19-20 March 2016 in Srinagar (Garhwal). The conference venue was named in memory of Com. Nagendra Saklani who was martyred in the decisive struggle against the Tehri monarchy on 11

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भाकपा (माले) का दो दिवसीय राज्य सम्मलेन श्रीनगर (गढ़वाल) में सम्पन्न

भाकपा(माले) का दो दिवसीय राज्य सम्मलेन श्रीनगर (गढ़वाल) में सम्पन्न हुआ. सम्मलेन स्थल टिहरी राजशाही के खिलाफ निर्णायक शहादत देने वाले कामरेड नागेन्द्र सकलानी को समर्पित था और सम्मलेन नगर को पेशावर विद्रोह के नायक कामरेड चन्द्र सिंह गढ़वाली को समर्पित किया गया था. राज्य सम्मलेन से 15 सदस्यीय राज्य कमेटी चुनी गयी, जिसमे कामरेड राजेन्द्र प्रथोली, राजा बहुगुणा, पुरुषोत्तम शर्मा, बहादुर सिंह जंगी, कैलाश पाण्डेय, के.के.बोरा, आनंद सिंह नेगी, इन्द्रेश मैखुरी, विमला रौथाण, गोविन्द कफलिया, के.पी.चंदोला, अतुल सती, ललित मटियाली, रूबी भारद्वाज, विमल फिलिप शामिल हैं. कामरेड राजेन्द्र प्रथोली पुनः राज्य सचिव चुने गए. सम्मलेन से निम्नलिखित राजनीतिक प्रस्ताव पारित किये गए-

  • संसाधनों की लूट में हिस्से के बंटवारे को लेकर ही उत्तराखंड की विधानसभा में उठापटक और खरीद-फरोख्त का दौर चल रहा है. कांग्रेस-भाजपा की सत्तालोलुपता फिर इस घटनाक्रम से सिद्ध हुई. विश्वास मत प्राप्त करने में यदि सरकार विफल रहती है तो किसी भी गठजोड़ को सत्ता के जोड़तोड़ का अवसर दिए बगैर सीधे विधानसभा चुनाव करवाए जाने चाहिए.
  • राज्य में कृषि भूमि के व्यावसायिक उपयोग को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए. पर्वतीय क्षेत्रों में खरीदने पर कृषि भूमि के स्वतः लैंड यूज़ बदलने के फैसले को तत्काल रद्द किया जाए. कृषि को लाभकारी बनाने के लिए पारम्परिक उपजों की आधुनिक खेती को विकसित करने के लिए समग्र योजना सरकार बनाए. फसल और मनुष्यों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम किया जाए.
  • राज्य में लगातार तीन वर्षों से पड़ रहे सूखे की मार झेल रहे किसानों के सभी ऋण पूर्णतया माफ़ किया जाएँ और फसलों के नुकसान का सभी किसानों को समुचित मुआवजा दिया जाए.
  • बिन्दुखत्ता, नैनिसार, स्मार्ट सिटी देहरादून, मलेथा में चल रहे आन्दोलनों का यह सम्मेलन समर्थन करता है और मांग करता है कि इन आंदोलनों के दमन के लिए दर्ज सभी मुक़दमे वापस लिए जाएँ.
  • प्रदेश में बेरोजगारी के लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है. राज्य में सरकारी विभागों में लगभग 84000 पद रिक्त हैं. सरकार तत्काल इन पदों पर स्थायी नियुक्ति करे. बेरोजगारी भत्ते की राशि को पांच हज़ार रूपया प्रतिमाह किया जाए और रुके हुए बेरोजगारी भत्ते की राशी का अविलम्ब भुगतान किया जाए.
  • पेयजल कर्मियों को चार माह से वेतन नहीं मिल रहा है. यह सम्मलेन पेयजल कर्मियों के आन्दोलन का समर्थन करते हुए तत्काल वेतन भुगतान की मांग करता है.
  • श्रीनगर दुग्ध संघ के कर्मियों, जी.वी.के. श्रीनगर के श्रमिकों, सिडकुल मजदूरों, उपनल कर्मियों, आशा, आंगनबाड़ी, भोजनमाता, ग्राम प्रहरी, अतिथि शिक्षक, लट्ठा मजदूरों, वन कर्मचारियों व सभी संघर्षरत कर्मचारियों के आन्दोलन का समर्थन करता है.
  • प्राग, खुरपिया समेत सभी फार्म जिनकी लीज समाप्त हो चुकी है, वे राज्य सरकार के नियंत्रण में हैं. इन फार्मों को राज्य के भूमि हीनों और आपदा प्रभावितों को बांटा जाए.
  • नया पंचायत राज अधिनियम पहाड़ी क्षेत्र में नयी विसंगतियों को जन्म दे रहा है. भौगौलिक परिधि के बजाय जनसँख्या को मानक मानने, अनिवार्य शौचालय, त्रि-स्तरीय कर प्रणाली आदि इस अधिनियम के जनविरोधी स्वरूप को प्रकट करते हैं. इस अधिनियम को खारिज करने की मांग यह सम्मलेन करता है.
  • उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को निजी हाथों में हाथों में सौंप कर राज्य सरकार जन स्वास्थ्य को नष्ट कर रही है. राज्य के हर नागरिक का हर किस्म का इलाज मुफ्त हो. नागरिकों को जन स्वास्थ्य सेवा अधिकार के रूप में प्राप्त हो.
  • राज्य के सरकारी शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों, कर्मचारियों के खाली पदों पर पूरा स्थायी स्टाफ रखा जाए. राज्य के नागरिकों के लिए समान शिक्षा प्रणाली की व्यवस्था की जाए.
  • यह सम्मलेन आइसा-आर.वाई.ए. द्वारा 23 मार्च - 14 अप्रैल तक चलने वाले “उठो मेरे देश” अभियान जिसका केन्द्रीय नारा “नए भारत के वास्ते, भगत सिंह-अम्बेडकर के रास्ते” का समर्थन करता है.

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