मोदी सरकार का रेल बजट को देश के गरीबों के साथ धोखा

भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माले) की उत्तराखंड राज्य कमेटी ने मोदी सरकार के रेल बजट को देश के गरीबों के साथ एक धोखा बताया. पार्टी ने रेल बजट में उत्तराखंड की पूर्ण उपेक्षा किए जाने पर भाजपा के पाँचों सांसदों से उत्तराखंड की जनता से माफी माँगने की मांग की है.

आज यहाँ पार्टी राज्य कार्यालय से जारी एक बयान में पार्टी के राज्य स्थाई समिति के सदस्य कामरेड पुरुषोत्तम शर्मा ने रेल मंत्री के यात्री और माल भाडा न बढाए जाने की घोषणा को देश के ग़रीबों के साथ खुला धोखा करार दिया. उन्होंने कहा कि रेल बजट से पूर्व ही मोदी सरकार ने प्रत्यक्ष – अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 35 प्रतिशत रेल भाड़ा बढ़ा दिया था. यही नहीं रेल सुविधा से अब तक वंचिंत रहे देश के विभिन्न क्षेत्रों खासकर पर्वतीय क्षेत्रों की पूर्ण उपेक्षा रेल बजट में साफ़ दिखती है.

कामरेड शर्मा ने कहा के उत्तराखंड की रेल बजट में पूर्ण उपेक्षा हुई है. अंग्रेजों के समय के बाद आज तक की सरकारों द्वारा पहाड़ की पूर्ण उपेक्षा को मोदी सरकार ने भी दोहराया है. ऋषिकेश – कर्णप्रयाग, टनकपुर – बागेश्वर, रामनगर – चौखुटिया, टनकपुर – जौलजीवी जैसे अंग्रेज शासन से ही बहुप्रतीक्षित रेल लाइनों पर मोदी सरकार ने भी चुप्पी साध ली है. उन्होंने ऋषिकेश – कर्णप्रयाग रेल लाइन बनाए बिना मोदी सरकार के चारधाम रेल लाइन सर्वे को उत्तराखंड के लोगों का मजाक उड़ाने की कार्यवाही करार दिया. माले नेता ने उत्तराखंड की जनता से किए गए इस धोखे के लिए उत्तराखंड से भाजपा के पाँचों सांसदों से जनता से माफ़ी माँगने की मांग की है.

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