वर्ष 35 / अंक - 25 / जसम ने धरती आबा बिरसा मुंडा का 126वां स्मृति दिवस...

जसम ने धरती आबा बिरसा मुंडा का 126वां स्मृति दिवस मनाया

जसम ने धरती आबा बिरसा मुंडा का 126वां स्मृति दिवस मनाया

धरती आबा बिरसा मुंडा के 126वें स्मृति दिवस पर 9 जून 2026 को जन संस्कृति मंच, झारखंड की बरकाकाना इकाई व मशाल टीम (घुटूवा) द्वारा सीसीएल सामुदायिक भवन, बरकाकाना में एक वृहद एवं भव्य सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं वैचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.

यह कार्यक्रम भाकपा(माले) के जिला सचिव का. हीरा गोप सहित उपस्थित अतिथियों द्वारा बिरसा मुंडा के चित्रा पर माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ शुरू हुआ.इसके बाद भरत बेदिया की अगुवाई में टुकु दास, अफसर अंसारी, दिनेश करमाली एवं नंदलाल दास द्वारा बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और उलगुलान आंदोलन पर आधारित लोकगीत प्रस्तुत किए गए.

प्रथम सत्रा की अध्यक्षता मोतीलाल बेदिया ने तथा संचालन शिवनारायण बेदिया ने किया. प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में अमल घोषाल, संतोष कुमार बेदिया, नंदलाल दास एवं टुकु दास शामिल थे. चित्राकला प्रतियोगिता में कक्षा 1 से 6 तथा क्विज प्रतियोगिता में कक्षा 7 से 10 तक के विद्यार्थियों ने भाग लिया. आर्य बाल विद्यालय, केबी स्कूल भुरकुंडा, केएसएन पब्लिक स्कूल, राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चपरी, डीएवी पब्लिक स्कूल व राजकीय मध्य विद्यालय (नयानगर, बरकाकाना) तथा सिद्धार्थ पब्लिक स्कूल एवं बाल विकास विद्यालय (घुटूवा)  सहित विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई.

लोकनृत्य प्रतियोगिता में स्वाती कुमारी, पूर्णिमा कुमारी, वाणी कुमारी, चांदनी, प्रांजल व वैष्णवी की अगुवाई में उनके समूहों ने शानदार प्रस्तुति दी. कविता पाठ में प्रियांश बेदिया, गौरव बेदिया, ऋषभ कुमार एवं ईवा बेदिया ने भाग लिया, जबकि भाषण प्रतियोगिता में मनु बेदिया एवं आरुषि बेदिया ने प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए. चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिताओं में भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा और ज्ञान का परिचय दिया.

सांस्कृतिक सत्र में उमेश बेदिया के निर्देशन में पड़रिया टीम के बच्चों ने बिरसा मुंडा के जीवन, संघर्ष और उलगुलान पर आधारित एक प्रभावशाली लघु नाटक प्रस्तुत किया. पहला, दूसरा एवं तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल व अन्य प्रतिभागियों को सांत्वना प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए.

दूसरे सत्र में जसम के राज्य सचिव सुरेन्द्र बेदिया की अध्यक्षता व सहसचिव एडवोकेट जन्मजेय तिवारी के संचालन में “बिरसा मुंडा का उलगुलान: संघर्ष, संस्कृति और जन प्रतिरोध की विरासत” विषय पर विचार गोष्ठी आयोजित की गई. इसमें जसम राज्य उपसचिव रमेश शर्मा ने उद्घाटन वक्तव्य दिया. युवा कवि एवं तकनीकी अधिकारी, आइआइटी (आईएसएम) धनबाद के डाॅ. लालदीप गोप, केबी महाविद्यालय हजारीबाग की असिस्टेंट प्रोफेसर प्रमिला कुमारी गुप्ता, जलेस के रूपलाल बेदिया, खोरठा भाषा साहित्य संस्कृति परिषद के निदेशक डाॅ. बीएन ओहदार, आदिवासी संघर्ष मोर्चा के देवकीनन्दन बेदिया तथा रेलवे ट्रेड यूनियन के अवधेश कुमार गुप्ता ने अपने विचार व्यक्त किए.

वक्ताओं ने कहा कि बिरसा मुंडा का संघर्ष केवल इतिहास का विषय नहीं है, बल्कि वर्तमान समय में सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई के लिए प्रेरणास्रोत है. शिक्षा और सामाजिक जागरूकता समाज परिवर्तन के सबसे प्रभावी माध्यम हैं. आदिवासी समाज की अस्मिता, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया. झारखंडी भाषाओं, विशेषकर खोरठा भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर जोर डाला. श्रमिकों, किसानों और मेहनतकश जनता के अधिकारों के संघर्ष को बिरसा मुंडा की विरासत से जोड़ते हुए सामाजिक न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाने का आह्वान किया तथा जल, जंगल और जमीन तथा आदिवासी समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए व्यापक जनएकजुटता की आवश्यकता पर बल दिया.

कवि सम्मेलन में अजय कुमार, प्रमोद रंजन, विजय राणा, चक्रपाणि  मिश्रा, शंकर गुप्ता, विजय कुमार कर्ण औरं सुरेन्द्र सिंह की कविताओं ने आदिवासी अस्मिता, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र तथा जनप्रतिरोध की परंपरा को प्रस्तुत किया.

सभी अतिथियों व वक्ताओं को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में लोकगायक विनोद सिंह चुंबा, ऐपवा नेत्री नीता बेदिया, रजना देवी, प्रो. शाहनवाज खान, प्रदीप करमाली, नागेश्वर मुंडा, देवानंद गोप, बटेश्वर मुंडा, रामवृक्ष बेदिया, उमेश गोप, वार्ड पार्षद गीता देवी, शिक्षिका हेमंती देवी, किरण कुमारी आदि समेत क्षेत्र के 250 से अधिक बुद्धिजीवियों, साहित्यकारों, सांस्कृतिक कर्मियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, छात्र-युवाओं, महिलाओं व नागरिकों ने भाग लिया. वहीं विभिन्न प्रतियोगिताओं में लगभग 85 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई.



20 June, 2026