20 जुलाई 2026 को घोसी (जहानाबाद, बिहार) के खेल मैदान में एक विशाल ‘प्रतिरोध सभा’ का आयोजित कर विगत 4 जुलाई को जहानाबाद जिले के घोसी थाना अंतर्गत चैती पीपर गांव में बालू माफिया गिरोह द्वारा गरीब दलितों और अतिपिछड़ों पर किए गए बर्बर, जानलेवा और सामंती हमले का जोरदार विरोध किया गया. इस सभा में हजारों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं और चैती पीपर गांव के पीड़ित परिवार शामिल हुए. सभा में बालू माफिया और उन्हें संरक्षण देने वाले पुलिस-प्रशासनिक गठजोड़ के खिलाफ व्यापक जनगोलबंदी कायम करने का आह्वान किया गया.
इस प्रतिरोध सभा का नेतृत्व और संचालन भाकपा(माले) के वरिष्ठ नेताओं ने किया. पार्टी के पोलित ब्यूरो सदस्य व अखिल भारतीय खेत व ग्रामीण मजदूर सभा के राष्ट्रीय महासचिव धीरेंद्र झा, अरवल के पूर्व विधायक महानंद सिंह, घोसी के पूर्व विधायक रामबली सिंह यादव, अरवल-गया-जहानाबाद के जोनल प्रभारी व केंद्रीय कमिटी के सदस्य कुमार परवेज, गया जिला सचिव निरंजन कुमार, जहानाबाद जिला सचिव विजय कुमार, जवाहरलाल नेहरू विवि छात्र संघ (JNUSU) के पूर्व अध्यक्ष धनंजय, डाॅ. रामाधार सिंह, महिला नेत्री लीला वर्मा, राज्य कमिटी सदस्य रवींद्र यादव, सुबोध चन्द्रवंशी, प्रभात कुमार, अरुण बिंद, वित्तन मांझी, आरवाइए नेता धनंजय कुमार, हसनैन अंसारी सहित इस सामंती हिंसा की भुक्तभोगी पीड़िता रेनू देवी व रेशमी देवी ने मंच से अपनी बात रखी.
पुलिस और माफिया का गठजोड: फल्गु नदी को लूट रहा है ‘विष्णु डाॅन’ गिरोह
सभा को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए धीरेंद्र झा ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि फल्गु नदी में बालू उत्खनन पर पूरी तरह से कानूनी प्रतिबंध के बावजूद स्थानीय घोसी और हुलासगंज थाना के अधिकारियों के खुले संरक्षण और मिलीभगत से ‘विष्णु डाॅन गिरोह’ दिन-रात बेखौफ होकर अवैध बालू का धंधा चला रहा है. जब गांव की बहु-बेटियों की सुरक्षा और अस्मिता की रक्षा के लिए विजय राम अपने घर में शौचालय बनाने हेतु नदी से मात्रा एक-दो बोरा बालू लेना चाह रहे थे, तो माफिया के गुंडों ने उन्हें सरेआम जान से मारने की धमकी दी. गरीबों का यह हक है कि वे अपने बुनियादी काम के लिए स्थानीय संसाधनों का उपयोग करें, लेकिन डबल इंजन की सरकार में माफियाओं को खुली छूट है.
उन्होंने कहा कि विरोध करने पर माफिया गिरोह आधुनिक हथियारों के साथ पूरी दलित-अतिपिछड़ा टोले में घुसा और सोची-समझी साजिश के तहत अंधाधुंध गोलियां बरसाईं. इस कायराना हमले में अजय राम, सुधीर राम और रेशमी देवी समेत 5 लोग खून से लथपथ होकर गंभीर रूप से घायल हो गए, जो आज भी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं.
बहादुर महिलाओं ने किया मुकाबला, अब पीड़ितों को ही फंसाने की साजिशः महानंद सिंह
अरवल के पूर्व विधायक महानंद सिंह ने चैती पीपर की महिलाओं के साहस को सलाम करते हुए कहा कि जब पुरुष सदस्यों पर गोलियां चल रही थीं, तब अपनी जान की परवाह न करते हुए चैती पीपर की औरतें लाठी-डंडे लेकर आधुनिक हथियारों से लैस बंदूकधारियों से भिड़ गईं. उन्होंने न सिर्फ अपने मर्दों को माफिया के चंगुल से छुड़ाया, बल्कि मुख्य सरगना विष्णु डाॅन को खदेड़कर पकड़ा और पुलिस के हवाले किया. इस अफरा-तफरी और अंधाधुंध फायरिंग में अपराधियों की अपनी ही गोली से उनके साथी धीरज शर्मा की मौत हो गई.
उन्होंने कहा कि अब इस भाजपा-नीत सरकार में सामंती ताकतों और बालू माफिया का मनोबल इतना बढ़ गया है कि वे निर्दाेष अजय राम और विजय राम को ही धीरज शर्मा की हत्या के झूठे मुकदमे में फंसाने की गहरी साजिश रच रहे हैं. सबसे शर्मनाक बात यह है कि स्थानीय विधायक के परिवार वाले अपराधियों के घर मातम मनाने तो पहुंचे, लेकिन पीड़ित दलित बस्ती में पैर रखना भी उन्होंने गवारा नहीं समझा. यह उनके दलित-विरोधी और माफिया-परस्त चेहरे को उजागर करता है.
प्राकृतिक संसाधनों पर गरीबों के अधिकार की लड़ाईः रामबली सिंह यादव
घोषी के पूर्व विधायक रामबली सिंह यादव ने जनसभा में हुंकार भरते हुए कहा कि चैती पीपर की लड़ाई सिर्फ बालू की चंद बोरियों की नहीं है, यह लड़ाई गरीबों के आत्मसम्मान, उनकी अस्मिता और जल-जंगल-जमीन जैसे प्राकृतिक संसाधनों पर उनके बुनियादी अधिकार की है. भाकपा(माले) इस सामंती-माफिया हमले के खिलाफ पहले दिन से ही सड़कों पर है और जब तक पीड़ितों को पूर्ण न्याय और दोषियों को सजा नहीं होती, यह आंदोलन थमने वाला नहीं.
गांव से आई पीड़ित महिलाओं रेणू देवी व रेशमी देवी ने भी अपनी आपबीती सुनाई और कहा कि गांव में आज भी डर का माहौल है. माफिया के गुर्गे केस उठाने और अंजाम भुगतने की धमकियां दे रहे हैं, लेकिन वे झुकेंगी नहीं.
प्रतिरोध सभा के माध्यम से सरकार और प्रशासन के समक्ष रखी गईं मुख्य मांगें
झूठे मुकदमे की तुरंत वापसी: धीरज शर्मा हत्याकांड के नाम पर निर्दाेष अजय राम और विजय राम पर दर्ज किए गए सभी झूठे और मनगढ़ंत मुकदमे बिना शर्त तुरंत वापस लिए जाएं. पीड़ितों को प्रताड़ित करने की साजिश बंद हो.
दोषी पुलिस अधिकारियों का निलंबन: बालू माफिया को खुलेआम संरक्षण देने वाले और फल्गु नदी में अवैध खनन करवाने वाले घोसी और हुलासगंज थाना के दोषी पुलिस अधिकारियों को तुरंत निलंबित किया जाए और उन पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई हो.
स्पीडी ट्रायल चलाकर अपराधियों को सजा: मुख्य आरोपी विष्णु डाॅन और उसके पूरे गिरोह के खिलाफ सख्त धाराओं में चार्जशीट दाखिल कर स्पीडी ट्रायल चलाया जाए और कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाए.
मुआवजा, पुनर्वास और सुरक्षा की गारंटी: पीड़ित परिवारों के घायलों के मुफ्त इलाज, उचित मुआवजे और पूरे टोले की सुरक्षा की गारंटी सरकार दे. साथ ही, गांव की बेटियों की सुरक्षित शिक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की जाए.
गांव में बुनियादी विकास: चैती पीपर के महादलित और अतिपिछड़ा टोले के हरेक गरीब के घर में सरकारी खर्च पर तत्काल शौचालय का निर्माण कराया जाए और पीने के पानी के लिए पर्याप्त संख्या में नए चापाकल लगें.
सभा के अंत में चेतावनी दी गई कि यदि एक सप्ताह के भीतर पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्यशैली नहीं बदली और झूठे मुकदमे वापस नहीं लिए, तो जहानाबाद जिला मुख्यालय का घेराव किया जाएगा.
जिलाधिकारी से मिला प्रतिनिधिमंडल
23 जुलाई 2026 को पार्टी नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल, जिसमें प्रभारी कुमार परवेज, राज्य कमिटी सदस्य रविंद्र यादव, पूर्व मुखिया संजय चंद्रवंशी, संतोष केशरी और पीड़ित परिवार की रून्नी देवी शामिल थे, द्वारा सौंपे गए 5 सूत्री मांग पत्र पर जिलाधिकारी, जहानाबाद ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया.