वर्ष 34 / अंक-28 / बिहार में शुरू हुई विधानसभा चुनाव की सरगर्मी

बिहार में शुरू हुई विधानसभा चुनाव की सरगर्मी

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भाकपा(माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य द्वारा सिकटा और डुमरांव विधानसभा क्षेत्रों का दौरा 

बिहार में विधानसभा चुनाव की सरगर्मी धीरे-धीरे तेज हो रही है. इंडिया गठबंधन नेताओं – राहुल गांधी, तेजस्वी यादव, का. दीपंकर भट्टाचार्य और मुकेश सहनी – के नेतृत्व में एक पखवारे तक (17 अगस्त-1 सितंबर) चली वोटर अधिकार यात्रा के सफल समापन के बाद भाकपा(माले) बेतिया, 14 सितंबर 2025 भाकपा(माले) महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य द्वारा पिछले दिनों सिकटा (प. चंपारण) और डुमरांव (बक्सर) की यात्राओं तथा बिहार में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की यात्राओं को इसी की निरंतरता में देखा जा रहा है.

भाकपा(माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य 14 सितंबर 2025 को पश्चिम चंपारण जिले के सिकटा विधानसभा क्षेत्र के बेहरा गांव पहुंचे. भाकपा(माले) पोलित ब्यूरो की सदस्य व ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी भी उनके साथ थीं. जिला अतिथि गृह में सिकटा के विधायक वीरेंद्र पसाद गुप्ता, भाकपा(माले) जिला कमेटी के सदस्य सुनील यादव, फरहान रजा और अख्तर इमाम समेत दर्जनों वरिष्ठ भाकपा(माले) नेताओं की अगुआई में स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया.

एकदिवसीय यात्रा पर वहां पहुंचे का. दीपंकर भट्टाचार्य ने जिले के बेहरा गांव में आयोजित शहीद पार्टी नेता सफायत अंसारी के 29वें शहादत दिवस के मौके पर आयोजित शहीद मेला को मुख्य वक्ता के बतौर संबोधित किया.

विदित हो कि 14 सितंबर 1996 को एक अपराधी गिरोह इस क्षेत्र के लोकप्रिय भाकपा(माले) नेता सफायत अंसारी की नृशंसतापूर्ण हत्या कर दी थी. तब से ही हर वर्ष उनकी याद में बेहरा गांव में एक शहीद मेला आयोजित होता रहा है.

जिला अतिथि गृह में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए का. दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में एसआईआर के सवाल पर पिछले दिनों जो आंदोलन हुआ, वह लोगों के वोट देने के ‘बुनियादी अधिकार’ की रक्षा के लिए था. हमारे संघर्ष की वजह से ही भाजपा व चुनाव आयोग की इस बड़ी साजिश पर एक हद तक रोक लगी है. एसआईआर के आखिरी दौर में दावा-आपत्ति के नाम पर ‘फर्जी मतदाताओं’ के नाम जुड़वाने या फर्जी शिकायत के जरिये ‘वास्तविक मतदाताओं’ के नाम कटवाने की जो कोशिशें चल रही हैँ, हम उसको भी रोकने की लड़ाई लड़ेंगे. यह हमारे संघर्ष का ही नतीजा है कि ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ का नारा आज न केवल बिहार में, बल्कि पूरे देश में गूंज रहा है.

उन्होंने कहा कि चम्पारण आजादी और गांधी के आंदोलन की भूमि है. हमें पूरी उम्मीद है कि ‘बदलो बिहार, बदलो सरकार’ के नारे के साथ चल रहे बिहार में बदलाव के आंदोलन को यहां पूरी ताकत मिलेगी. कहा कि नीतीश-भाजपा की सरकार के करीब 20 वर्षा के राज में बिहार में गरीबी, बेरोजगारी, पलायन, कर्ज का बोझ, वास-आवास की कमी, भूमिहीनता और महिलाओं, दलितों, अतिपिछड़ों व मुस्लिमों पर सामंती-साम्प्रदायिक हिंसा का जैसा बोलबाला है उसमें बिहार में बदलाव का एजेंडा आज सबसे बड़ा एजेंडा बन गया है. ‘बदलो सरकार, बदलो बिहार का नारा’ भी हर तरफ गूंज रहा है.

संवादाताओं द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले को मुद्दा बनाकर भारत-पाक क्रिकेट मैच को रद्द करने  की मांग की आलोचना की. उन्होंने खेल को राजनीति से अलग रखने की बात करते हुए यह सवाल उठाया कि केंद्र सरकार और भाजपा ने देश की जनता को आजतक इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा में ऐसी भयानक चूक क्यों हुई? पहलगाम आंतकी हमले के दोषी व साजिशकर्ता आजतक क्यों नहीं पकड़े गए.

उन्होंने बिहार में एनएमओपीएस के सवाल पर उसी दिन पटना में हो रहे सम्मेलन और पिछले दिनों अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ शुरू हुए संविदा सर्वें कर्मियों के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि इंडिया गठबंधन पुरानी पेंशन योजना को लागू करने और बिहार में आउट सोर्सिंग को पूरी तरह से रोकने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने बताया कि भाकपा(माले) राज्य के 45 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की जोरदार तैयारी चला रही है. भाकपा(माले) की ज्यादा से ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने से इंडिया गठबंधन को भी पूरी ताकत मिलेगी.

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऐपवा महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि बिहार कि डबल इंजन सरकार का महिला सशक्तिकरण आज सिर्फ दिखावा बनकर रह गया है. उनका ‘बेटी पढ़ाओ, बेटी बचाओ’ का नारा बच्चियों व महिलाओं पर हिंसा की बेशुमार घटनाओं से तार-तार हो चुका है. उन्होंने नीतीश कुमार की हालिया घोषित ‘महिला रोजगार योजना’ और महिलाओं को इस नाम पर दी जा रही दस हजार रुपये की राशि को चुनाव पूर्व महिलाओं को छलने की एक नाकाम कोशिश बताया.

संवाददाता सम्मेलन में मौजूद सिकटा विधायक वीरेन्द प्रसाद गुप्ता ने अपने क्षेत्र में की मतदता सूची से भारी संख्या में मतदाताओं के नाम काट देने पर नाराजगी जताते हुए इसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की बात कही.

बेहरा शहीद मेला : आजादी की दूसरी लड़ाई का संकल्प 

संवाददाता सम्मेलन के बाद भाकपा(माले) महासचिव बेहरा शहीद मेला के लिए रवाना हुए. इस दौरान रास्ते में पड़नेवाले वैशाखवा समेत कई स्थानों पर उनके काफिले का, जिसमें सिकटा विधायक का. वीरेन्द्र प्रसाद गुप्ता भी शामिल थे, ‘बदलो सरकार, बदलो बिहार’ नारे और फूल-मालाओं के साथ जोरदार स्वागत हुआ. पैदल व दोपहिया वाहनों पर सवार सैकड़ों कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने काफिले के साथ चलते हुए बेहरा के लिए कूच किया.

बेहरा पहुंच कर उन्होंने शहीद मैदान के एक सिरे पर मौजूद शहीद स्मारक पर माल्यार्पण और झंडोत्तोलन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित किया.

उन्होंने कहा कि शहीद चंपारण और पूरे देश में महात्मा गांधी और शहीदे आजम भगत सिंह की अगुआई में आजादी न्याय और बराबरी की जो लड़ाई शुरू हुई थी, आजादी के बाद का. सफायत अंसारी जैसे साथियों ने उसी लड़ाई को आगे बढ़ाते हुए अपनी शहादत दी थी. उन्होंने कहा कि चम्पारण की धरती ने हर बार एक नया इतिहास लिखा है और लोकतंत्र, न्याय, बराबरी के संघर्घ को आगे बढ़ाया है.

उन्होंने कहा कि एसआईआर के खिलाफ इंडिया गठबंधन के सभी दलों ने सड़क व संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और चुनाव आयोग को तीन-तीन बार पीछे धकेला. पहली बार, दस्तावेज जमा करने की शर्त हटवाई, दूसरी बार, जिनका नाम कटा उसकी सूची जारी करवाई और तीसरी जीत तब हासिल हुई जब आधार को दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया गया. आज पूरे देश में ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का नारा गूंज रहा है.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार जब सत्ता पर काबिज हुए तो उन्होंने ‘न्याय के साथ विकास’ और ‘सुशासन’ का लोक लुभावन नारा दिया. उन्होंने भूमि सुधार और शिक्षा सुधार के लिए आयोग भी गठित करवाया. लेकिन जब इन आयोगों की रिपोर्ट आयी तो उनको ठंडे बस्ते में डाल दिया. आज उन्होंने समूचे बिहार को अपराधियों व भ्रष्टाचारियों के हवाले कर दिया है. सम्प्रदायिकता को रोकने का उनका दावा भी कितना खोखला है यह राज्य में मॉब लिंचिंग और बिहारशरीफ का मदरसा जलाने जैसी घटनाओं से जाहिर है.

उन्होंने याद दिलाया कि इसी नीतीश कुमार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन और स्कीम वर्कर्स का मानदेय की राशि बढ़ाने से साफ-साफ इंकार कर दिया था, 94 लाख गरीब परिवारों को 2 लाख रूपये की सहायता देने की अपनी ही घोषणा से भी उन्होंने मुंह मोड़ लिया था. लेकिन आज चुनाव को नजदीक आते देख वे सामाजिक सुरक्षा व मानदेय की राशि बढ़ाने को मजबूर हुए हैं. वे हर महिला को दस हजार रुपये देने की घोषणा भी कर रहे हैं और उनको उद्यमी बनाने का सब्जबाग दिखा रहे हैं जबकि महिलायें और उनका परिवार माइक्रो फाइनेंस कंपनियों की कर्ज अदायगी से तंग आकर आत्महत्या करने और पलायन करने पर मजबूर हैं.

उन्होंने याद दिलाया कि आजम भगत सिंह ने कहा था  – शहीदों के मजारों पर, लगेंगे हर बरस मेले. कहा कि हमें इसे याद रखते हुए देश की आजादी और संप्रभुता तथा सबकी बराबरी, आजादी और न्याय के मूल्यों पर आरएसएस और भाजपा द्वारा किये जा रहे हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देना होगा और देश की सत्ता पर जा बैठे इन फासीवादी ताकतों द्वारा फैलाई जा रही घृणा के खिलाफ एक बार फिर से आजादी की दूसरी लड़ाई तेज करने का संकल्प लेना होगा.

डुमरांव में भाकपा(माले) विधायक के रिपोर्ट कार्ड का लोकार्पण हुआ

16 सितंबर को का. दीपंकर भट्टाचार्य बक्सर जिले के डुमरांव पहुंचे. वहां उन्होंने नगर भवन में आयोजित डुमरांव के भाकपा(माले) विधायक अजीत कुमार सिंह के पांच वर्षा के कामकाज की रिपोर्ट के लोकार्पण समारोह को संबोधित किया.

डुमरांव से पहले नया भोजपुर में भाकपा(माले) विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह और भाकपा(माले) समेत इंडिया गठबंधन के अन्य दलों के नेताओं की अगुआई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और जोरदार नारों के साथ उनका स्वागत किया.

डुमरांव नगर भवन में आयोजित लोकार्पण समारोह में पहुंचने के दौरान उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर, संत रविदास और सन् 1942 के अंग्रेज भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों के स्मारक और पर माल्यार्पण किया.

डुमरांव के भाकपा(माले) विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह के पांच वर्षों के कामकाज की रिपोर्ट का लोकार्पण करते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि जनता के बीच अपने कामकाज का हिसाब दें और जनता उनसे इसकी मांग करे – फर्ज और अधिकार की यह जुगलबंदी ही लोकतंत्र की खूबसूरती है. हमें इसको और भी मजबूत करना होगा.

उन्होंने कहा कि डुमरांव महान शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खान की धरती है और आजतक यहां उनका कोई स्मृति चिन्ह नहीं था. भाकपा(माले) विधायक के प्रयास से अब उनके नाम पर कला महाविद्यालय की स्थापना हो रही है. यह हमारी गंगा-जमुनी तहजीब के हिफाजत की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा.

उन्होंने कहा कि विधायक फंड की राशि से विकास करना महत्वपूर्ण है लेकिन उतना ही जरूरी है विकास की गरीब विरोधी, किसान विरोधी और रोजगार विरोधी नीतियों को बदलना जो जल-जंगल-जमीन समेत तमाम सम्पत्तियों को अडानी-अंबानी के हवाले कर रही हैं.

उन्होंने कहा कि बिहार के नौजवान भारी तादाद मे पलायन करते हैं. रोजगार की तलाश में लोग पलायन करते हैं और बिहार के बाहर दिल्ली जैसे शहरों में बस भी जाते हैं. दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा का नारा था ‘जहां झुग्गी, वहीं मकान.’ लेकिन जब उनकी सरकार बन गई तो अब दिल्ली की झुग्गियों में बसे प्रवासी बिहारियों को उजाड़ा जा रहा है. उनके घरों पर बुलडोजर चलाये जा रहे हैं. भाजपा के इशारे पर चुनाव आयोग द्वारा चलाये जा रहे एसआईआर के जरिये उनका मताधिकार छीनने का अभियान छेड़ दिया गया है और बिहार में भी उनको ‘बाहरी’ घोषित करने का खेल शुरू कर दिया गया है.

उन्होंने डुमरांव समेत देश भर में 1942 के अंग्रेज भारत छोड़ो आंदोलन के शहीदों को याद करते हुए कहा कि गुलाम भारत में नौजवानों पर गोलियां चली थीं और आज रोजगार की मांग कर रहे नौजवानों – बर्खास्त किये गए सर्वें संविदा कर्मियों पर – बर्बरता पूर्वक लाठी चल रही है और वह भी राजधानी पटना में, भाजपा के राज्य कार्यालय के एकदम सामने.

उन्होंने यहा भी दुहराया कि एसआईआर के खिलाफ इंडिया गठबंधन के दलों ने संसद व सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ी और चुनाव आयोग को तीन-तीन बार पीछे धकेला. उन्होंने आरा में भाजपा विधायक द्वारा आरा विधानसभा क्षेत्र के गरीब दलित-अल्पसंख्यक मतदाताओं का नाम कटवाने के लिए प्रशासन पर बनाये जा रहे दबाव का उदाहरण देते हुए कहा कि एसआईआर के आखिरी चरण में भी हमें पूरी सजगता के साथ सक्रिय रहना होगा और ऐसी कोशिशों को रोकना होगा.

उन्होंने 1989 में आरा में मताधिकार के लिए चले संघर्ष, जिसमें बिहटा गांव में गरीबों ने अपनी जान गंवाकर वोट डाला था और अपने प्रत्याशी रामेश्वर प्रसाद को संसद भेजा था, का जिक्र करते हुए कहा कि शाहाबाद ने हमेशा आजादी, लोकतंत्र और बराबरी के संघर्ष की अगुआई की है.

उन्होंने कहा कि आज देश की आजादी और संप्रभुता भारी खतरे में है. अंग्रेजों से मिली आजादी को केंद्र की संघ-भाजपा मोदी सरकार अमेरिका के हाथों गिरवी रख देने पर आमादा है. अमेरिका से भारतीयों के अपमानजनक निष्कासन और भारी टैरिफ टैक्स पर उनकी चुप्पी इसका उदाहरण है.

विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने कहा कि लोकतंत्र के आदर्श ‘जनता का, जनता के लिए, जनता के द्वारा’ के पालन करने की हरसंभव कोशिश की है और अपने क्षेत्र की जनता का जो सहयोग व समर्थन हासिल किया है, उसे आगे भी बरकरार रखने का प्रयास रहेगा.

समारोह को राजद के जिला अध्यक्ष शेषनाथ सिंह यादव, कांग्रेस नेता मनोज पांडेय, भाकपा के जिला सचिव जीतेन्द्र सिंह, वीआईपी के जिला अध्यक्ष प्रभुनाथ चौधरी ने भी संबोधित किया. लोकार्पण समारोह का संचालन भाकपा(माले) के बक्सर जिला सचिव नवीन कुमार ने किया.




20 September, 2025