देशव्यापी आह्वान का पालन करते हुए भाकपा(माले) कार्यकर्ताओं ने 28 दिसंबर 2025 को पर्यावरण पर खतरे के खिलाफ राजधानी पटना समेत विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शन किये.
बेगूसराय में पार्टी कार्यालय कमलेश्वरी भवन से विशाल जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए जिला समाहरणालय पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया. शैलेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित धरना को पार्टी के जिला सचिव दिवाकर प्रसाद, खेेग्रामस जिला सचिव चन्द्रदेव वर्मा, नगर सचिव राजेश श्रीवास्तव, नवल किशोर सिंह, बीजू सिंह, मुक्ति नारायण सिंह, आईसा जिलाध्यक्ष सोनू फर्नाज, रंजू देवी आदि ने संबोधित किया. बिहार भ्रष्टाचार मुक्त न्याय युक्त मोर्चा के नेता संतोष ईश्वर ने भी इस मुद्दे को अपना समर्थन दिया.
समस्तीपुर में पार्टी जिला कार्यालय मालगोदाम चौक से देश व्यापी कार्यक्रम के तहत प्रतिरोध मार्च निकालकर शहर के विभिन्न चौक चौराहे से गुजरते हुए स्टेशन चौक गांधी स्मारक के पास पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया. प्रदर्शनकारी खनिज संपदा को अवाद गति से क्षति पहुंचाने पर रोक लगाओ, एक सौ मीटर की उंचाई से कम वाले पहाड़ की अरावली नहीं मानने के फैसले पर रोक लगाओ, एक सौ मीटर से कम उंचाई वाले पहाड़ को कार्पाेरेट घरानों को सौपने की साजिश नहीं चलेगी, पर्यावरण प्रदूषण पर रोक लगाओ, जलवायु संरक्षण करना होगा आदि नारे लगा रहे थे. प्रतिरोध मार्च को जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार, ललन कुमार, उपेन्द्र राय, सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, अनिल चौधरी, राजकुमार चौधरी, जयंत कुमार, खुर्शीद खैर, लोकेश कुमार, सुनील कुमार, दीपक कुमार यदुवंशी, विवेक कुमार सिंह, धीरज कुमार, कुन्दन कुमार आदि ने संबोधित किया.
अरवल में भाकपा(माले) कार्यालय से जिला सचिव जितेंद्र यादव, रविन्द्र यादव व सुएब आलम के नेतृत्व में जुलूस निकालकर भगत सिंह चौक पर प्रतिवाद सभा की गई. सभा को जिला सचिव जितेंद्र यादव ने संबोधित कियाा. मौके पर गब्बर सिंह, अरुण कुमार, अमीत कुशवाहा उर्फ भोला, शाहिद आलम, नीतीश कुमार, चितरंजन कुमार समेत कई लोग मौजूद थे.
जहानाबाद में भाकपा(माले) जिला कार्यालय से मार्च निकालते हुए अरवल मोड़ पर पहुंचकर सभा का आयोजन किया. मार्च का नेतृत्व भाकपा(माले) जिला सचिव रामाधार सिंह राज्य कमेटी सदस्य श्रीनिवास शर्मा, जिला कमेटी सदस्यों – प्रदीप कुमार, प्रभात कुमार, योगेंद्र यादव, उदरेश पासवान, रामउदय कुमार, धनेश्वर मांझी, शौकीन यादव, वसी अहमद, विनोद कुमार भारती, हसनैन अंसारी आदि कर रहे थे.
हिलसा (नालंदा) में भी पार्टी कार्यालय से काजी बाजार, वरुण तल, सिनेमा मोड़ होते हुए प्रतिवाद मार्च निकला जिसमें दर्जनों कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. जोगीपुर मोड़ के पास किसान नेता दिनेश कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई सभा को भाकपा(माले) के प्रखंड सचिव अरुण यादव, आरवाइए के प्रखंड सचिव ब्रह्मदेव प्रसाद बिंद व अध्यक्ष संजय पासवान आदि ने संबोधित किया.
दरभंगा में भाकपा(माले) नगर कार्यालय पर ‘अरावली बचाओ, हिमालय बचाओ’ दिवस मनाया गया. बेतिया में मार्च निकालकर ‘अरावली पर्वतमाला, ग्रेटर निकोबार, हसदेव अरण्य व हिमालय बचाओ’ के नारे के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया.
बक्सर के ज्योति प्रकाश चैक पर प्रदर्शन आयोजित हुआ. वक्ताओं ने सोन नदी जैसे स्थानीय पर्यावरणीय मुद्दों को भी उठाते हुए कहा कि विकास के नाम पर प्रकृति की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. कार्यक्रम में भाकपा(माले) के इटाढ़ी प्रखंड सचिव जगनारायण शर्मा, नगर सचिव ओमप्रकाश सिंह, जिला कमिटी सदस्य जितेंद्र राम, आरवाइए जिला संयोजक राजदेव सिंह, आइसा नेता अंकित सिद्धार्थ, ऐपवा नेत्री संध्या पाल समेत कई नेता मौजूद रहे.
आरा में भाकपा(माले), आइसा और आरवाइए ने भाकपा(माले) जिला कार्यालय से पूर्वी गुमटी-नवादा चैक होते हुए रेलवे परिसर तक मार्च निकाला. वहां आइसा नेता रौशन कुशवाहा के संचालन में सभा आयोजित हुई जिसे आरा सांसद का. सुदामा प्रसाद, भाकपा(माले) केंद्रीय कमेटी सदस्य का. राजू यादव, आरवाइए के राज्य सचिव व अगियांव पूर्व विधायक शिवप्रकाश रंजन, इंसाफ मंच के राज्य सचिव कयामुद्दीन अंसारी व आइसा जिला सचिव विकास कुमार आदि नेताओं ने संबोधित किया.
मार्च में भाकपा(माले) के आरा नगर सचिव सुधीर सिंह, मुफस्सिल सचिव विजय ओझा, जिला कार्यालय सचिव दिलराज प्रीतम, आइसा राज्य सचिव सबीर कुमार, आरवाइए जिला अध्यक्ष निरंजन केसरी सहित दर्जनों भाकपा(माले), आइसा और आरवाइए नेता-कार्यकर्ता शामिल थे.
======
अल्बर्ट एक्का चौक पर हुआ जोरदार प्रदर्शन
रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर हुए प्रदर्शन में भाकपा(माले), झारखंड जनाधिकार महासभा व आदिवासी संघर्ष मोर्चा सहित विभिन्न संगठनों ने हिस्सा लिया.
“अरावली बचाओ, अडानी भगाओ” के नारों के साथ पर्यावरण बचाने को एकत्रित हुए लोगों ने कहा कि सिर्फ ऊंचाई के पैमाने पर अरावली को परिभाषित करने से कई ऐसी पहाड़ियों पर खनन और निर्माण के लिए दरवाजा खुल जाने का खतरा पैदा हो जाएगा जो 100 मीटर से छोटी हैं.
उपस्थित लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करते हुए कहा कि अरावली पर्वतमाला में जंगल की कटाई और खनन से पूरे देश के पर्यावरण पर खतरा मंडरा रहा है. उस पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार के बचाव में जो फैसला दिया है वह बहुत ही चिंता जनक है. प्रदर्शन में झारखड में बड़कागांव से लेकर सारंडा के जंगलों में भी हो रही कटाई के खिलाफ भी आवाज बुलंद की गई.
प्रदर्शन में भाकपा(माले) राज्य सचिव मनोज भक्त, केन्द्रीय कमिटी सदस्य शुभेन्दु सेन, ऐपवा नेता नंदिता भट्टाचार्य, भाकपा(माले) नेताओं – मोहन दत्ता, आरएन सिंह, अलमा खलखो, ऐती तिर्की, एलिना होरो, विनोद कुमार, लीना पादम, फादर टाॅम, याकूब कुजूर, अजीत लकड़ा, प्रवीर पीटर, आलोका कुजूर सहित तमाम जनसंगठनों के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए.