25 मार्च 2026 की सुबह, झारखंड के विष्णुगढ़ थाना अंतर्गत कुसुंबा गांव में एक नाबालिग बच्ची (12 वर्षीय) को मृत अवस्था में पाया गया. आगे चलकर इस घटना के संबंध में जो तथ्य सामने आये – खासकर जब एक स्थानीय भाजपा नेता की संलिप्तता उजागर हुई – तो उससे पूरे झारखंड में जनाक्रोश उबल पड़ा.
1 अप्रैल को पुलिस-प्रशासन ने हत्या की गुत्थी सुलझा लेने का दावा करते हुए बच्चों की मां रेशमी देवी, भाजपा नेता भीम राम और एक महिला भगतिन (झाड़-फूंक करने वाली) को गिरफ्तार किया. पुलिस ने बताया कि बच्ची की हत्या अंधविश्वास के वश में होकर बलि देने के मंशा से की गई है. जिसे भगतिन की सलाह पर मां रश्मि देवी ने अपने साथी भाजपा नेता भीम राम के साथ मिलकर अंजाम दिया.
रश्मि देवी जब अक्सर बीमार रहने वाले अपने बेटे का झाड़-फूंक करवाने के लिए भगतिन के पास पहुंची तो उसने उसे यह सलाह दी कि अगर तुम अपनी कुंवारी बच्ची की बली दोगी तो तुम्हारा बेटा ठीक हो जाएगा. भाजपा नेता भीम राम न केवल इस घटना को अंजाम देने बल्कि मृतिका की लाश को छिपाने में भी साथ रहा.
तथ्यों की जांच करने आइसा की टीम भी विभा रानी पुष्पा के नेतृत्व में इस गांव में पहुंची. ग्रामीणों ने टीम को बताया कि 24 मार्च को जब गांव के लगभग सभी लोग मेला घूमने गए थे, रश्मि देवी ने अपने कथित प्रेमी भाजपा नेता भीम राम को घर बुलाया. उनकी बच्ची ने दोनों कों संदिग्ध अवस्था में देख लिया. अपने रिश्ते का खुलासा न हो जाए, इस डर से रश्मि देवी और भीम राम ने पहले तो गला घोट कर बच्ची की हत्या कर दी और फिर इसे छिपाने की नीयत से उसका सर पत्थर से कुचल डाला.
इतना ही नहीं, भीम राम ने भाजपा नेताओं के साथ मिलकर इस मामले को सांप्रदायिक रेग देने की कोशिश भी चलायी और बच्ची को न्याय दिलाने की मांग करने का नाटक करता रहा. वह यह कहता रहा कि बच्ची के साथ दुष्कर्म हुआ है, उसके दांत तोड़े गए हैं और जीभ काट ली गई है. प्रशासन ने शीघ्र पहल करते हुए जब मेडिकल जांच करायी तो न तो दुष्कर्म की बात साबित हुई, न ही बच्ची की जीभ काट लिए जाने की. पुलिस अपने बयान में कहा कि बच्ची की हत्या नरबलि के रूप में की गई है.
इस निर्मम घटना का राजनीतिक लाभ लेने की इरादे से भाजपा ने रामनवमी के अवसर पर सांप्रदायिक रंग देने की काफी कोशिश की. उसके द्वारा लगातार आंदोलन – झारखंड बंद और मशाल जुलूस – की बात की जाती रही. इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने की भी पूरी कोशिश की गई और वरिष्ठ भाजपा नेता भड़काऊ भाषण देते रहे.
दूसरी तरफ रश्मि देवी अन्य बच्चों और महिला भगतिन के बच्चे बोल रहे हैं कि यह नरबलि का मामला नहीं है.
विष्णुगढ़ में हुई जघन्य हत्या की घटना को लेकर भाकपा(माले) ने भाजपा को 72 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी की मांगने के लिए कहा है. भाकपा(माले) के राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि हत्या के मुख्य आरोपी भीम राम भाजपा से जुड़े स्थानीय नेता हैं फिर भी भाजपा अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश कर रही है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रेस कॉन्फ्रेेंस के माध्यम से यह कह रहे हैं कि आरोपी का पार्टी से कोई संबंध नहीं है जबकि वास्तविकता यह है कि आरोपी की तस्वीरें भाजपा के कई बड़े नेताओं, स्थानीय सांसद और विधायकों के साथ लगातार सामने आ रही हैं.
उन्होंने नाबालिग बच्ची की हत्या जैसे गंभीर अपराध के मामले में भाजपा पर न केवल अपराधी को बचाने, बल्कि मोले का राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास चलाने का आरोप लगाते हुए इसे ‘चोरी और सीनाजोरी’ का शर्मनाक उदाहरण बताया है.
उन्होंने कहा कि जनता भाजपा की मंशा को भलीभांति समझ चुकी है. यदि भाजपा 72 घंटे के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगती है,तो भाकपा(माले) इस मुद्दे पर जोरदार आंदोलन छेड़ेगी.