वर्ष 34 / अंक-24 / निर्वाचित प्रतिनिधियों को स्वतः हटाने वाले काले और...

निर्वाचित प्रतिनिधियों को स्वतः हटाने वाले काले और दमनकारी विधेयक पर बयान

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130वां संविधान संशोधन बिल में प्रावधान है कि अगर किसी मंत्री को किसी भी आरोप में गिरफ्तार कर 30 दिन से ज्यादा जेल में रखा जाता है, तो उसे अपने आप मंत्री पद से हटा दिया जाएगा. यह बिल भारत की संघीय व्यवस्था और संसदीय लोकतंत्र पर सीधा हमला है.

केंद्र की एजेंसियों – ईडी, सीबीआई, आयकर विभाग और एनआईए – को हथियार बनाकर इस्तेमाल करना और राज्यपालों के संवैधानिक पद का संकीर्ण राजनीतिक हितों में दुरुपयोग, जिसकी सख्त आलोचना सुप्रीम कोर्ट तक कई बार कर चुका है, अब इस विधेयक के बाद कानूनी वैधता पा जाएगा.

भाजपा की राजनीति और नीतियों का विरोध करने वाली हर राज्य सरकार स्थायी रूप से अस्थिर और अक्षम बना दी जाएगी. यहां तक कि एनडीए के साथी दल भी हमेशा डर में रहेंगे और भाजपा की लाइन पर चलने को मजबूर होंगे.

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से लेकर ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ प्रणाली तक, चुनाव व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने की जो मुहिम चल रही है, यह संशोधन उसी सिलसिले को और आगे बढ़ाएगा और भारत में संघवाद व संसदीय लोकतंत्र के लिए मौत की घंटी साबित होगा.

इसलिए, हमारे गणराज्य के लोकतंत्र और संवैधानिक ढांचे की परवाह करने वाले सभी लोगों को इस काले, दमनकारी और खतरनाक संशोधन विधेयक को पूरी ताकत से खारिज करना होगा.

23 August, 2025