- जाति जनगणना के इर्द-गिर्द राजनीति [लेख]
- कन्हैया का दल-बदल [लेख]
- अफगानिस्तान की अवाम के साथ खड़े हों! [लेख]
- 13 अप्रैल, जलियांवाला बाग की वर्षगांठ पर [लेख]
- 13 अप्रैल, जलियांवाला बाग की वर्षगांठ पर [लेख]
- ये फस्ल उम्मीदों की हमदम, इस बार न ग़ारत जाएगी [लेख]
- भोजपुर में किसान पंचायत के कुछ अनुभव [लेख]
- आज के भारत में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अनुगूंज [लेख]
- सत्ता की साजिशों पर भारी पड़ा किसान आंदोलन का पलटवार [लेख]
- किसान आंदोलन, ट्रैक्टर परेड और हिंसा [लेख]
- सरकार, रिलायंस और किसान कानून [लेख]
- किसान आंदोलन में दलितों-भूमिहीनों का एजेंडा [लेख]
- आत्मनिर्भर किसान का मोदी माॅडल [लेख]
- साम्प्रदायिक फासीवादी विमर्श के खिलाफ लड़ाई में विद्यासागर आज इतने प्रासंगिक क्यों हैं [लेख]
- यह कैसा सौदा है और यह कैसा प्रदेश बना रहे हैं योगी जी! [लेख]
- कविता : हैं डटे हिमालय सा किसान [लेख]
- साम्प्रदायिक फासीवादी विमर्श के खिलाफ लड़ाई में विद्यासागर आज इतने प्रासंगिक क्यों हैं [लेख]
- असली किसान दिवस [लेख]
- किसान (एक नज्म़) [लेख]
- कारपोरेट की गुलामी किसानों को बर्दाश्त नहीं [लेख]
- धीरे बहे सरयू रे [लेख]
- कोरोना संकट की आड़ में तानाशाही की ओर बढ़ रही सरकारें [लेख]
- वहाग वैभव की कविताए : कोई ऐसा शब्द कहो [लेख]
- हम इंकलाब हैं [लेख]
- पुस्तक समीक्षा : ‘एका’ किसान आन्दोलन और आजादी की लड़ाई में वर्ग हितों की टकराहट का दस्तावेज [लेख]
- जनगीतों में कामरेड चारु मजुमदार [लेख]
- कामरेड चारु मजुमदार की जन्मशतवार्षिकी पर उनकी याद में : मेरे पिता, मेरे नायक [लेख]
- कोई भी लोकतांत्रिक देश अपने किसी हिस्से की आकांक्षाओं को नजरअंदाज नहीं कर सकता [लेख]
- जालियांवाला बाग जनसंहार के सौ वर्ष [लेख]