9 सितंबर 2025 : नेपाल में जेन जेड नौजवानों के आक्रोश ने प्रधानमंत्री केपी ओली की अगुवाई वाली सरकार को गिरा दिया है. कल हुए सरकारी दमन में कई लोगों की जान गई और बहुत से प्रदर्शनकारी जख्मी हुए. उसके बाद मंगलवार को नेपाल भीड़ द्वारा भीषण हिंसा और आगजनी से दहल उठा और संसद भवन को भी आग के हवाले कर दिया गया और कई नेताओं व उनके परिवारों पर हमला हुआ, चाहे वे किसी भी पार्टी से जुड़े हों.
प्रदर्शनकारियों का एक हिस्सा बार-बार कह रहा है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण बदलाव के लिए है. वे हिंसा के लिए ‘बाहरी उकसावे वालों’ को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और सेना से कर्फ्यू लगाकर शांति बहाल करने और सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करने की अपील कर रहे हैं.
हम नेपाली नौजवानों और जनता के भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष करने और नेपाल का भविष्य तय करने के अधिकार का पूरा सम्मान करते हैं, लेकिन लगातार बढ़ती हिंसा और जान-माल के नुकसान से गहरी चिंता में हैं. हम उम्मीद करते हैं कि नेपाल की जनता शांति बहाल करने में कामयाब होगी और बातचीत से ऐसा रास्ता निकालेगी जो नेपाल के गणतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र को कमजोर न करे.
नेपाल ने राजशाही का खात्मा कर संसदीय लोकतंत्र की ओर कदम बढ़ाया था और इस सफर में कम्युनिस्ट ताकतों ने बड़ी भूमिका निभाई थी. लेकिन आज यह विडंबना है कि भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और तानाशाही के खिलाफ नौजवानों का आक्रोश कम्युनिस्टों को ही निशाना बना रहा है. हम उम्मीद करते हैं कि नेपाल की जनता राजशाही की बहाली या इस हिमालयी गणतंत्र की संप्रभुता को कमजोर करने की किसी भी साजिश को नाकाम करेगी. हमें भरोसा है कि नेपाल के कम्युनिस्ट इस मुश्किल दौर को पार कर लोकतंत्र, तरक्की और जनता की भलाई की सबसे मजबूत ताकत बनकर उभरेंगे.
– केंद्रीय कमेटी, भाकपा(माले)