वर्ष 34 / अंक-27 / नेपाल में विरोध प्रदर्शनों और दमन पर भाकपा(माले) क...

नेपाल में विरोध प्रदर्शनों और दमन पर भाकपा(माले) का बयान

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8 सितम्बर, 2025 : नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगाई गई पूरी पाबंदी के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों पर गोली चलाकर कम से कम 19 नौजवान प्रदर्शनकारियों की बर्बर हत्या और क्रूर सरकारी दमन ने हमें बेहद गुस्से और गहरी पीड़ा से भर दिया है. यह घटना नेपाल की हालिया लोकतांत्रिक सफर का सबसे काला दिन है.

सरकार का 26 सोशल मीडिया साइट्स – जिनमें व्हाट्सऐप, यूट्यूब और एक्स (ट्विटर) शामिल हैं – पर बैन लगाना जनता के अभिव्यक्ति की आजादी जैसे बुनियादी अधिकार पर हमला है. फेक न्यूज और गलत जानकारी को रोकने के नाम पर सोशल मीडिया पर पूरी पाबंदी एक खतरनाक रास्ता है, जो लोकतांत्रिक संस्थानों को मजबूत करने के बजाय और कमजोर कर देता है. नेपाल के नौजवान भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भी सड़कों पर हैं, जिसने देश की संस्थाओं को खोखला कर दिया है और जनता का भरोसा तोड़ा है.

नेपाल ने राजशाही से गणतांत्रिक लोकतंत्र तक का लंबा सफर बहुत मेहनत और कुर्बानियों से तय किया है, लेकिन इस तरह का दमन उसी लोकतांत्रिक जज्बे को कुचल देता है, जिसने राजाओं और तानाशाहों को सत्ता से उखाड़ फेंका था. जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान और उनका विस्तार करना ही वह एकमात्र रास्ता है, जो नेपाल में लोकतंत्र को मजबूत कर सकता है और यह देश में लोकतंत्र की लंबी लड़ाई के दौरान दी गयी कुर्बानियों का असल सम्मान होगा.

हम पूरे दक्षिण एशिया की प्रगतिशील और लोकतांत्रिक ताकतों के साथ मजबूती से खड़े हैं और उन सभी कदमों को खारिज करते हैं जो लोकतांत्रिक अधिकारों और नागरिक स्वतंत्रता को कमजोर करते हैं. हम मांग करते हैं कि दमन तुरंत रोका जाए, पीड़ितों को न्याय मिले और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए.

– केंद्रीय कमेटी, भाकपा(माले)

13 September, 2025