पटना 4 अप्रैल 2026 : भाकपा(माले) ने गैस संकट, बिजली दर में वृद्धि और महिला हिंसा पर संयुक्त आंदोलनात्मक पहलकदमी हेतु बैठक बुलाने की मांग के साथ गठबंधन के सभी दलों को पत्र लिखा है.
भाकपा(माले) के राज्य सचिव का. कुणाल द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया है कि आज देश और दुनिया एक गहरे संकट के दौर से गुजर रही है. अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर थोपा गया युद्ध अब केवल क्षेत्रीय नहीं रहा, बल्कि उसके गंभीर असर पूरी दुनिया में दिखाई दे रहे हैं. भारत भी इससे अछूता नहीं है. यहां एक गहरा ऊर्जा संकट आकार ले रहा है. रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम जनता का जीवन दूभर कर दिया है. लोग घंटों लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं, फिर भी समय पर रसोई गैस उपलब्ध नहीं हो पा रही. ऊपर से लगातार बढ़ती कीमतें आम परिवारों की कमर तोड़ रही हैं.
बिहार की स्थिति और भी चिंताजनक है. नीतीश कुमार की साजिशपूर्ण विदाई के बाद बिजली दरों में बेतहाशा वृद्धि ने जनता पर दोहरी मार डाली है. चुनाव के समय 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा हुई, लेकिन महज चार महीनों के भीतर नई दरें लागू कर और अलग-अलग समय पर महंगी बिजली थोपकर आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है. यह जनता के साथ खुला विश्वासघात है. साथ ही, महिलाओं के खिलाफ हिंसा की बाढ़-सी आ गई है. नालंदा की घटना घोर अमानवीय है और बिहार को शर्मसार करने वाला है. पहले से महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार से जूझ रही जनता पर यह अतिरिक्त बोझ असहनीय हो चुका है. सरकार की नीतियां आम लोगों को राहत देने के बजाय उन्हें और संकट में धकेल रही हैं.
ऐसी गंभीर परिस्थिति में सरकार को तत्काल चेताया जाना चाहिए. इंडिया गठबंधन के सभी घटक दलों को एकजुट होकर जिला/ प्रखंड मुख्यालयों पर व्यापक और प्रभावी प्रतिवाद कार्यक्रम आयोजित करने तथा निर्णायक आंदोलन छेड़ने हेतु बिना देर किए बैठक बुलाई जाए.