वर्ष 34 / अंक-27 / विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों और अभियंताओं के आं...

विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों और अभियंताओं के आंदोलन की गूंज

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ऐक्टू कार्यालय : आंदोलन की शुरुआत

बिहार सरकार ने करीब साढ़े सात हजार विशेष सर्वेक्षण संविदाकर्मियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया था. विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मियों के संघ ने 7 सितंबर 2025 को पटना में दारोगा राय पथ स्थित ऐक्टू राज्य कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया.

संवाददात सम्मेलन को ऐक्टू के राज्य सचिव रणविजय कुमार, अराजपत्रित कर्मचारी महांसघ (गोप गुट) के  महासचिव प्रेमचंद कुमार सिन्हा तथा संघ के पूर्व अध्यक्ष रोहित कुमार, पूजा कुमारी, प्रीतम कुमार, तृणा कुमारी, रविश कुमार और नेयाज अंसारी ने संबोधित किया.

संघ के पूर्व अध्यक्ष अमित कुमार व अन्य नेताओं ने बर्खास्त किए गए 7480 विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी व अभियंताओं की बर्खास्तगी के आदेश को वापस लेने तथा मांगों पर सम्मानजनक वार्ता की मांग उठाई. संघ नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि उनकी मांगों को सरकार हमेशा टालती रही और मांगे पूरा करने के बजाए ठगने की नीति अपनाया. उन्होंने कहा – ‘पूरे बिहार में जारी विशेष सर्वेक्षण और फिलहाल चल रहा ‘राजस्व महाअभियान’ हम कर्मियों के बगैर पूरा होना असंभव है.’

नेताओं ने कहा कि सरकार का रवैया अहंकारी और मामले को उलझाने वाला है. हमारी ऐसी कोई मांग नहीं जिसे पूरा नहीं किया जा सकता, हमारी 5 सूत्री मांगों में सेवा नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि, नियमानुकूल नियमित भर्ती में 5 से 28 अंकों का अधिभर का लाभ हेतु अनुभव प्रमाण पत्र देने, ईपीएफ और ईएसआई में सरकार की अपनी पूरी देनदारी सुनिश्चित करने की मांग शामिल है.

विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी एवं अभियंता संघ के पूर्व अध्यक्ष अमित कुमार ने सरकार से लोकतांत्रिक आंदोलनों का सम्मान करने की बात कहते हुए सरकार से सवाल किया कि क्या नीतीश भाजपा सरकार नौकरी बांटने के बजाए नौकरी छीनने वाली सरकार बन गई है? क्या हम जैसे उच्च डिग्रीधारी अभियंताओं के प्रतिभा का पलायन करने पर मजबूर करने वाली सरकार बन गई है .

उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बर्खास्तगी वापस लेने व मांगों पर शीघ्र वार्ता करने की पुरजोर मांग करते हुए घोषणा किया कि अगर सरकार ने बर्खास्तगी वापस लेते हुए मांगों पर वार्ता नहीं किया तो उनका संघ सरकार द्वारा नौकरी छीनने को लेकर बड़े अभियान में उतरेगा.

कर्मचारी महासंघ (गोप गुट) व ट्रेड यूनियन ऐक्टू ने हड़ताली विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की बर्खास्तगी वापस लेने, सम्मानजनक वार्ता कर न्यायोचित मांगों की पूर्ति करने की मांग सरकार से  किया है .

संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए ऐक्टू के सचिव रणविजय कुमार एवं गोप गुट महासचिव प्रेमचंद कुमार सिन्हा ने नीतीश सरकार से दमन-उत्पीड़न करने वाली अहंकारी और दंभी रवैया से बाहर निकल मांगों पर वार्ता कर समस्या का समाधान करने तथा बर्खास्तगी वापस लेने की मांग की और नीतीश भाजपा सरकार को नौकरी छीनने और प्रतिभा का पलायन को बढ़ाने वाली सरकार बताते हुए कहा कि अगर सरकार का रवैया इसी तरह तानाशाही व अहंकारी बना रहा तो ऐक्टू व गोप गुट बर्खास्त कर्मियों की सेवा बहाली हेतु राज्यस्तरीय आंदोलन करेगा.

भाजपा कार्यालय : प्रदर्शन पर बर्बर लाठी चार्ज 

नौकरी छीने जाने के खिलाफ तत्काल काम पर वापस लेने व पांच सूत्री मांगे पूरी करने की को लेकर हजारों की संख्या में  विशेष सर्वेक्षण संविदाकर्मी  संघ ने 10 सितंबर 2025 को भाजपा प्रदेश कार्यालय के समक्ष जबरदस्त प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन पर बर्बर लाठी चार्ज किया. कई महिला संविदाकर्मी भी उनके दमन की शिकार हुई. सोशल मीडिया और न्यूज चैनलों पर पुलिसिया बर्बरता के दृश्य वायरल हुए.

ऐक्टू (एआईसीसीटीयू) के राष्ट्रीय सचिव रणविजय कुमार, भाकपा(माले) एमएलसी सह ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव व स्कीम वर्कर्स नेत्री शशि यादव ने इस पुलिस लाठी चार्ज की निंदा करते हुए इसे तानाशाही कार्रवाई बताया और गिरफ्तार 2 नेताओं को बिना शर्त अविलंब रिहा करने की मांग की. ऐक्टू सचिव रणविजय कुमार ने कहा कि नौकरी मांगने वाले बर्खास्त कर्मियों को नौकरी देने के बजाए भाजपा मंत्री व नेता बर्बर पुलिसिया पिटाई करवा रहे है. उन्होंने कहा कि उनकी पांच सूत्री प्रमुख मांगों में 60 वर्ष तक सेवा नियमित करने, स्थायी नियुक्ति हेतु प्रतिवर्ष 5 अंक की अधिमनता देने, मानदेय में वृद्धि करने, पूर्व के समझौते को लागू करने, ईपीएफ की सुविधा उपलब्ध कराने और ईएसआई में की गयी कटौती के बराबर सरकारी अंशदान जमा करने की मांग शामिल हैं. इनमें से अधिकांश सामान्य मांगे है जो पूरा की जा सकती हैं. इन साधारण मांगों को भी यह सरकार पूरा नहीं कर सकती तो फिर यह किस काम की सरकार है. उन्होंने कहा सरकार ने इनकी मांगों पर वार्ता करने के बजाए कुल 10740 में 7480 यानी 70 प्रतिशत संविदा कर्मियों को बर्खास्त कर उनकी नौकरी छीन ली जिनमें सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, कानूनगो, अमीन एवं लिपिक संवर्ग के कर्मी भी शामिल हैं. लिपिक को छोड़कर शेष  सभी बीटेक व डिग्री धारी योग्यता वाले कर्मी है.

एमएलसी सह स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की नेत्री शशि यादव ने बर्बर पुलिसिया लाठी चार्ज को भाजपा-जेडीयू सरकार की हताशाजनक करवाई बताते हुए कहा कि नौकरी बांटने का दंभ भरने वाली सरकार नौकरी छीनने में लगी है, उन्होंने कहा कि विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की मांगों पर नीतीश सरकार में वार्ता करने का साहस नहीं है इसलिए वह  दमन-उत्पीड़न का हथकंडा अपना रही है.

ऐक्टू नेताओं ने गिरफ्तार 2 नेताओं को बिना शर्त रिहा करने, बर्खास्त 7480 विशेष सर्वेक्षण कर्मियों को तत्काल काम पर वापस लेते हुए इनकी 5 सूत्री मांगों पर सम्मानजनक वार्ता करने की मांग की.

माले विधायकों व ऐक्टू के मजबूत हस्तक्षेप के बाद आंदोलनकारी रिहा हुए

बर्खास्तगी के खिलाफ सेवा में वापसी को लेकर भाजपा कार्यालय का घेराव कर रहे 4 विशेष सर्वेक्षण कर्मी कोतवाली थाना द्वारा हिरासत में लेकर थाना में रखा गया था.

देर रात को भाकपा(माले) एमएलसी सह स्कीम वर्कर नेत्री शशि यादव, भाकपा(माले) के फुलवारी से विधायक गोपाल रविदास, ऐक्टू सचिव रणविजय कुमार, आइसा छात्र नेता कुमार दिव्यम के मजबूत हस्तक्षेप के बाद हिरासत में लिए गए रवीश कुमार, आशुतोष कुमार, दीपक कुमार और आदर्श कुमार को रात्रि के साढ़े नौ बजे कोतवाली थाना से रिहा कर दिया गया. उपरोक्त नेताओं के साथ विशेष सर्वेक्षण के दर्जनों आंदोलनकारी देर रात थाना पहुंचकर कोतवाली उपाधीक्षक से मुलाकात किया, जिसके बाद उक्त चारों कर्मी थाना से रिहा हुए.

बुद्ध समृति पार्क : निकला विशाल प्रतिवाद मार्च

अगले दिन 11 सितम्बर 2025 को हजारों की संख्या में जुटे विशेष सर्वेक्षण कर्मियों ने जीपीओ गोलंबर से बुद्ध स्मृति पार्क तक ऐक्टू, महासंघ गोप गुट व विशेष सर्वेक्षण संविदा कर्मी एवं अभियंता संघ के बैनर तले मार्च निकाला.

हजारों विशेष सर्वेक्षण प्रदर्शनकारी ‘नीतीश-भाजपा सरकार शर्म करो-नौकरी छीनना बंद करो’, ‘वार्ता से भागती एनडीए सरकार शर्म करो’, ‘सभी विशेष सर्वेक्षण कर्मियों की सेवा नियमित करो’, ‘आंदोलनकारियों का पुलिसिया दमन बंद करो’, ‘नियमित पद के समान मानदेय लागू करो’ का जोरदार नारा लगा रहे थे. प्रदर्शन के दौरान सभी कर्मियों ने मोबाइल फोन का फ्लैश लाइट जलाकर सरकार के तानाशाही का विरोध किया.

भाकपा(माले) की विधान परिषद सदस्य सह स्कीम वर्कर्स नेत्री शशि यादव एवं ऐक्टू राष्ट्रीय सचिव रणविजय कुमार ने बुद्ध स्मृति पार्क पर मार्च को संबोधित किया और कहा कि युवाओं को नौकरी देने के बजाए भाजपा जदयू की सरकार युवाओं से नौकरी छीन रही है और जब युवा नौकरी बहाली और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं तो लाठी चलवा रही है. भाजपा जदयू की सरकार की तानाशाही भरे रवैये का जवाब बिहार के युवा देंगे.

कर्मचारी महासंघ (गोपगुट) के महासचिव प्रेमचंद सिन्हा, आइसा राज्य सह सचिव कुमार दिव्यम, छात्र नेता आशीष राज सहित बर्खास्त हजारों विशेष सर्वेक्षण कर्मियों ने इस प्रतिवाद मार्च में हिस्सा लिया.


13 September, 2025