पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव 2026
भाकपा (माले) लिबरेशन वाम मोर्चा के समर्थन से पश्चिम बंगाल की 10 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. यह जनता का पैनल है, जो मजदूरों, किसानों, महिलाओं, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों के संघर्षों से जुड़ा है. इस सूची में 6 महिला उम्मीदवार और अल्पसंख्यक समुदाय के 4 उम्मीदवार शामिल हैं.
फांसीदेवा (अजजा) सीट, दार्जिलिंग
यहां की उम्मीदवार सुमंती एक्का मजदूर वर्ग आंदोलन की प्रमुख संगठक हैं. दार्जिलिंग के ताइपू चाय बागान से ताल्लुक रखने वाली यह चाय बागान मजदूर नेता आदिवासी संघर्षों में अग्रणी भूमिका निभाती हैं और आदिवासी संघर्ष मोर्चा की नेता हैं.
भरतपुर सीट, मुर्शिदाबाद
सिजग्राम की उम्मीदवार जिन्नातुन नहर गुलसन बेगम लंबे समय से वाम आंदोलन का हिस्सा रही हैं. मुर्शिदाबाद में अखिल भारतीय जनवादी महिला संघ (एआइपीडब्लूए) की नेता के तौर पर वह मिड-डे मील कर्मियों के अधिकारों, भूमि-अधिकार, कर्ज माफी और बिजली सहित बुनियादी नागरिक अधिकारों के संघर्षों का नेतृत्व कर रही हैं.
बहरामपुर सीट, मुर्शिदाबाद
यहां के अबुल कासेम शेख ने अपनी राजनीतिक शुरुआत युवा आंदोलन और जनवादी नाटक आंदोलन से की. वे जिले में लंबे समय से बीड़ी मजदूरों, आशा वर्करों और मिड-डे मील कर्मियों के संगठक हैं. वे मजदूरी, नौकरी की सुरक्षा और योजना कर्मियों की गरिमा के संघर्षों के साथ-साथ बेलडांगा में जमीनी स्तर पर जनकल्याण और विकास संघर्षों में लगातार शामिल रहे हैं.
कृष्णानगर दक्षिण सीट, नदिया
यहां की उम्मीदवार लाबानी जंगी प्रतिरोध की जानी-मानी कलाकार हैं, जो अन्याय को चुनौती देने और हाशिए पर खड़े लोगों की आवाज उठाने के लिए कला को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करती हैं. वे वर्तमान में बंगाल के प्रवासी मजदूरों पर शोध कर रही हैं और संस्कृति, मजदूर और प्रतिरोध को जोड़ते हुए जन आंदोलनों और मानवाधिकार संघर्षों में सक्रिय रूप से शामिल हैं.
नैहाटी सीट, उत्तर 24 परगना
यहां के देबज्योति मजुमदार ने अपनी शुरुआत बैंकिंग क्षेत्र के यूनियन एक्टिविस्ट के बतौर की और बाद में जूट उद्योग और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को संगठित करने में अहम भूमिका निभाई. वे नैहाटी के जन आंदोलनों में एक जाना-माना चेहरा हैं, जिनमें ‘आरजी कर के लिए न्याय’ आंदोलन और भाजपा-आरएसएस की विभाजनकारी सांप्रदायिक राजनीति के खिलाफ विभिन्न नागरिक समाज के संघर्ष शामिल हैं. वे पार्टी राज्य कमेटी के सदस्य हैं.
बजबज सीट, दक्षिण 24 परगना
यहां की उम्मीदवार काजल दत्ता अपने छात्रा जीवन के दौरान बजबज कॉलेज में क्रांतिकारी वाम राजनीति में सक्रिय हुईं. वे वर्तमान में महिला अधिकार आंदोलनों के साथ-साथ निर्माण मजदूरों और खेतिहर मजदूरों के संघर्षों में – मजदूरी, सम्मान और सुरक्षा की लड़ाई में – अग्रणी भूमिका निभा रही हैं. वे पार्टी की राज्य कमेटी की सदस्य हैं.
रासबिहारी सीट, कोलकाता
यहां के उम्मीदवार मानस घोष जादवपुर विश्वविद्यालय में अपने छात्रा दिनों से ही क्रांतिकारी वाम राजनीति से जुड़े हुए हैं. वह वर्तमान में जादवपुर विश्वविद्यालय के फिल्म स्टडीज विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं और प्रगतिशील, लोकतांत्रिक और फासीवाद विरोधी नागरिक आंदोलनों में सक्रिय हैं.
धनेखाली (अजजा) सीट, हुगली
यहां की उम्मीदवार रूमा अहेरी एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता हैं और आंगनवाड़ी आंदोलन की नेता हैं. वे ग्रामीण गरीब महिलाओं, असंगठित मजदूरों और खेतिहर मजदूरों के बीच भी संगठक का काम करती हैं. वे 100 दिनों के काम, गरीब महिलाओं के माइक्रोफाइनेंस शोषण के खिलाफ, कर्ज माफी और आजीविका के अधिकारों के संघर्षों में सबसे आगे रही हैं.
बिष्णुपुर सीट, बांकुड़ा
इस सीट से उम्मीदवार तितास गुप्ता विश्व-भारती विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा हैं. वे छात्रा जीवन से ही जन आंदोलनों से जुड़ी रही हैं और वर्तमान में बिष्णुपुर नगर पालिका में सफाई कर्मियों, मिड-डे मील कर्मियों और योजना कर्मियों की नेता हैं. वे पूरे जिले में महिला अधिकारों और नागरिक संघर्षों की भी एक मजबूत आवाज हैं. वे भाकपा (माले) की राज्य कमेटी की सदस्य हैं.
पूर्वस्थली दक्षिण सीट, पूर्व बर्धमान
यहां के उम्मीदवार जियादुल शेख बर्धमान के एक भूमिहीन खेतिहर मजदूर परिवार से आते हैं. वे बचपन से ही अपने परिवार के साथ खेतिहर मजदूरों की मजदूरी और जमीन के अधिकारों के संघर्षों का हिस्सा रहे हैं. आज वे बटाईदारों, बेदखली प्रतिरोध और हाशिए पर पड़े ग्रामीण गरीब समुदायों के संघर्षों का नेतृत्व कर रहे हैं.
पश्चिम बंगाल की 10 सीटों पर चुनाव
केरल विधान सभा चुनाव
पेरावूर सीट, कन्नूर जिला
यहां के उम्मीदवार कामरेड अरुविक्कल कृष्णन अरालम पंचायत के एक प्रमुख आदिवासी नेता हैं, जिनका जन संघर्षों में दशकों का अनुभव है. वे भूमिहीनता, बेघर होने और जंगल से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों पर पड़ने वाले इंसान-जानवर संघर्ष जैसे मुद्दों पर होने वाले आंदोलनों में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं. आदिवासी आंदोलन और व्यापक वाम आंदोलन – दोनों में गहरी पैठ रखने वाले कृष्णन, जंगल के किनारे बसे आदिवासी बस्तियों और ग्रामीण मेहनतकश लोगों के संघर्षों का प्रतिनिधित्व करते हैं.
कट्टक्कड़ा सीट, तिरुवनंतपुरम ग्रामीण
कामरेड जयकुमार थीरथम पेशे से अधिवक्ता हैं और भारतीय वायु सेना में 20 साल की सेवा के बाद तिरुवनंतपुरम जिले की विभिन्न अदालतों में प्रैक्टिस कर रहे हैं. वे भाकपा (माले) लिबरेशन की स्टेट लीडिंग टीम के सदस्य हैं और एक लेखक-कवि भी हैं. उन्होंने कई पंचायतों में पैनल वकील, कानूनी क्लिनिक के अधिवक्ता और कानूनी संसाधन सेवी के रूप में काम किया है. उनके पास कानून, अंग्रेजी साहित्य, दर्शनशास्त्र और एमएसडब्लू (परामर्श) में डिग्रियां हैं.
त्रिशूर सीट
कामरेड अरशद अजीज एक युवा वाम कार्यकर्ता हैं, जिनकी छात्रा राजनीति में मजबूत पृष्ठभूमि है. उन्होंने हंसराज कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास में बीए और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से समाजशास्त्र में एमए किया है. वे आइसा के कार्यकर्ता के बतौर पूरी दिल्ली में प्रगतिशील छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहे. उनकी सक्रियता में सीएए विरोधी प्रदर्शन, दिल्ली सीमाओं पर किसान आंदोलन, महिलाओं की आजादी के लिए पिंजरा तोड़ आंदोलन और रोजगार एवं शिक्षा के अधिकार के लिए यंग इंडिया अधिकार रैली शामिल हैं. वे जेएनयू, जामिया मिलिया इस्लामिया और दिल्ली विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि, एनईपी और सांप्रदायिक-फासीवादी हमलों के खिलाफ संघर्षों में भी सक्रिय रहे.
असम विधान सभा चुनाव
बेहाली (अजजा) सीट, सोणितपुर
यहां के उम्मीदवार कामरेड ज्ञानेंद्र सरकार असम सिविल सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं जो लंबे समय से असम में प्रगतिशील सांस्कृतिक और लोकतांत्रिक आंदोलनों से जुड़े रहे हैं. अपने शुरुआती दिनों, 1980 के दशक में, वे बेहाली में विष्णु ज्योति जन संस्कृतिक परिषद में सक्रिय थे और आइपीएफ आंदोलन से भी जुड़े रहे. सरकारी सेवा में शामिल होने के बाद उन्होंने असम के विभिन्न हिस्सों में काम किया. हाल ही में वे भाकपा (माले)में शामिल हुए हैं और मजदूरों एवं लोकतांत्रिक आंदोलनों से जुड़ाव जारी रखा है. भाकपा (माले) यह सीट इंडिया गठबंधन के हिस्से के रूप में लड़ रही है.
हावराघाट (अजजा) सीट, कार्बी आंगलांग
यहां के उम्मीदवार कामरेड रबि कुमार फांगचो इस इलाके में स्वायत्त राज्य आंदोलन, जनजातीय अधिकारों एवं स्वायत्तता के संघर्षों के एक अनुभवी नेता हैं. वे जिला स्वायत्त परिषद में कॉरपोरेट भू-अधिग्रहण और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक प्रमुख आवाज हैं. वे भाकपा (माले) लिबरेशन की केन्द्रीय कमेटी के सदस्य हैं.
रोंगखांग (अजजा) सीट, कार्बी आंगलांग
यहां की उम्मीदवार कामरेड प्रतिमा इंग्पी कार्बी आंगलांग में स्वायत्त राज्य आंदोलन के साथ-साथ महिला आंदोलन की एक प्रमुख नेता हैं. वे इस क्षेत्र में छठी अनुसूची की जमीनों पर कॉरपोरेट कब्जे के खिलाफ चल रहे संघर्ष में सक्रिय रूप से शामिल हैं. वे भाकपा (माले) लिबरेशन की कैन्द्रीय कमेटी की सदस्य हैं.
तमिलनाडु विधान सभा चुनाव
2026 के तमिलनाडु विधान सभा चुनाव में भाकपा (माले) लिबरेशन राज्य भर में लगभग 14 सीटों पर चुनाव लड़ रही है. कोलाचल से कामरेड एंथोनी मुथु, तूतुकुडी से सगायम, शिवकाशी से दिमित्रोव, रामनाथपुरम से मुरुगा बूपति, मेलूर से मेय्यार, वेदासंदूर से आर रवि, पुदुकोट्टई से मणिमेगलई, तिरुविदैमरुदूर से कन्नैयन, पापनाशम से मसीलामणि, एरकाड से सी गोपी, वीरपांडी से अनबाझगन, वेप्पनपल्ली से स्टालिन बाबू और श्रीपेरुम्बुदूर से तमिलरासन भाकपा(माले) के उम्मीदवार हैं.