वर्ष 35 / अंक - 10-11 / उत्तराखंड में चिट फंड कंपनी की लूट के खिलाफ संघर्ष

उत्तराखंड में चिट फंड कंपनी की लूट के खिलाफ संघर्ष

उत्तराखंड में चिट फंड कंपनी की लूट के खिलाफ संघर्ष

एलयूसीसी यानि द लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट सोसाइटी (Loni Urban Multi State Credit &Thrift Co-operative Society) नामक कंपनी में निवेश करके अपनी जमा पूंजी गंवा चुके लोग, खासतौर पर महिलाएं लंबे अरसे से अपनी जमा पूंजी की वापसी के लिए संघर्ष कर रहे हैं. पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने इस कंपनी पर इसलिए भरोसा कर लिया क्यूंकि यह कंपनी भारत सरकार के कृषि मंत्रालय के सहकारिता विभाग के तहत विभिन्न राज्यों में पंजीकृत थी. उत्तराखंड में इस कंपनी की 35 ब्रांचें थीं, जिनमें लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा जमा किया. 2018 से कंपनी में पैसा जमा करने का सिलसिला शुरू हुआ और 2024 आते-आते कंपनी में गड़बड़ी के मामले सामने आने लगे और फिर कंपनी बंद हो गयी.

नवंबर 2025 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने लगभग 500 करोड़ रुपये के एलयूसीसी घोटाले में सीबीआई जांच के आदेश दिए. सीबीआई ने 46 लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कर लिए, जिसमें श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ जैसे अभिनेता भी शामिल हैं, जिन्होंने इस कंपनी का प्रचार किया. पीड़ितों का दावा है कि उत्तराखंड में इस कंपनी के फर्जीवाड़े से करीब 25 लाख निवेशक प्रभावित हैं.

एलयूसीसी पीड़ितों का पैसा सरकार वापस दिलवाए, इस मांग को लेकर बीते वर्ष 08 मार्च 2025 को महिलाओं ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री आवास पर प्रदर्शन किया था. 20 मार्च 2025 से प्रभावित महिलाएं धरने पर बैठी हैं. उत्तराखंड के श्रीनगर (गढ़वाल) से सरस्वती देवी की अगुवाई में महिलाओं ने 26 फरवरी 2026 को श्रीनगर (गढ़वाल) से नयी दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन तक कूच करने की घोषणा की. उत्तराखंड पुलिस ने सुबह इनको श्रीनगर (गढ़वाल) से आगे नहीं बढ़ने दिया तो ये महिलाएं रात में पैदल दिल्ली को ओर चल दी.

तकरीबन 350 किलोमीटर पैदल चल कर ये महिलाएं दिल्ली पहुंची. 8 मार्च 2026 को दिल्ली के प्रवासी उत्तराखंडियों के साथ जब इन महिलाओं ने राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ने की कोशिश की तो दिल्ली पुलिस ने इनको बीच राह में रोक दिया.

9 मार्च 2026 को बिहार के काराकाट लोकसभा क्षेत्र से भाकपा(माले) सांसद का. राजाराम सिंह ने इन महिलाओं से मुलाकात की. का. राजाराम सिंह ने धैर्य के साथ इन महिलाओं की बातें सुनीं और इन्हें भरोसा दिलाया कि इनके मामले को वे लोकसभा में उठाएंगे. सांसद से मुलाकात करने वालों में सरस्वती देवी, संगीता देवी, गंगा भंडारी और अरुणा भट्ट शामिल थी. इस मौके पर भाकपा(माले) की केंद्रीय कमेटी की सदस्य का. श्वेता राज भी मौजूद थीं.

भाकपा(माले) एलयूसीसी पीड़ितों के धन को तत्काल वापस किये जाने की मांग करती है और इन महिलाओं के संघर्ष के प्रति पूर्ण एकजुटता जाहिर करती है.

07 March, 2026