उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर एकता मंच (संबद्ध - ऐक्टू) ने मथुरा में अपना प्रथम जिला सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया. सम्मेलन में जिले भर से आए विभिन्न सफाई कर्मचारियों और सफाई के कार्य में लगे चालकों समेत अलग-अलग कैटेगरी के कॉन्ट्रैक्ट और स्थायी कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की. सम्मेलन में मथुरा और आसपास के इलाकों में मजदूरों की समस्याओं पर गंभीर विचार और बहस के बाद एक 15 सदस्यीय जिला कमिटी का गठन किया गया और प्रीतम सिंह को अध्यक्ष और उत्तम चंद सहजाना को महामंत्री के रूप में चुना गया.
एड. नशीर शाह, प्रीतम चंद और वीएम मेहता की अध्यक्षता में संपन्न हुए सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए ऐक्टू के राष्ट्रीय सचिव का. अभिषेक ने कहा कि संघ-भाजपा की सरकार में एक तरफ तो धर्म-संप्रदाय के नाम पर मजदूरों को बांटकर उनके सारे अधिकार छीने जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर अदानी-अंबानी जैसे पूंजीपतियों को लूट की खुली छूट है.
मुख्य वक्ता ऐक्टू के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष का. विजय विद्रोही ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार मजदूरों के मुद्दों के प्रति उदासीन है. नोएडा के मजदूरों का दमन और मुख्यमंत्री-श्रममंत्री की गलत बयानी इस बात को साफ बताती है कि योगी सरकार की वफादारी कॉरपोरेट मुनाफाखोरों के साथ है. उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर एकता मंच, मोदी-योगी सरकार की इन तमाम कोशिशों के खिलाफ और मजदूर हितों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर और तैयार रहेगा. सम्मेलन को राज्य महामंत्री संतोष और इलाहबाद के जिला अध्यक्ष बलराम पटेल ने भी संबोधित किया.
जिला संयोजक उत्तम चंद सहजना ने दो वर्ष के कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की जिसे गहन विचार विमर्श कर प्रतिनिधियों ने सर्व सम्मति से पारित किया. प्रतिनिधियों ने मथुरा के कर्मचारियों की समस्याओं को मंच से साझा किया और मानेसर-नोएडा-भिवानी, फरीदाबाद आदि जगहों पर चल रहे आंदोलनों के साथ एकजुटता भी जाहिर की.