वनाधिकार कानून लागू करने के लिए चंदौली जिले के नौगढ़ में 29 मार्च 2026 को ‘आदिवासी संघर्ष मोर्चा’ के बैनर तले ‘अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी एकता सम्मेलन’ आयोजित हुआ. सम्मेलन में, वनाधिकार कानून के तहत दावा दाखिल करने वाले सभी दावेदारों को उनकी जमीन का मालिकाना हक देने, आदिवासी जातियों को अनुसूचित जनजाति का जाति प्रमाण पत्रा जारी कराने, 179 पात्र लाभार्थियों को मुख्यमंत्री आवास दिलाने, जैसे सवालों पर बात की गई.
नौगढ़ दुर्गा मंदिर पर हुए सम्मेलन में मोर्चे के प्रदेश संयोजक सुरेश कोल ने कहा कि सरकारें लगातार आदिवासियों के अधिकारों पर हमला कर रही है. आदिवासी संघर्ष मोर्चा इसके खिलाफ आंदोलन तेज करेगा. मुख्य वक्ता भाकपा(माले) राज्य सचिव सुधाकर यादव ने कहा कि आदिवासी अधिकारों के संरक्षण के लिए तमाम कानून बने हुए हैं. भाजपा की डबल इंजन की सरकार एक-एक करके आदिवासी अधिकारों पर हमला कर रही है. नौगढ़ के आदिवासी नेता रामकृत कोल ने कहा कि आदिवासी-वनवासी जल-जंगल-जमीन पर अपना पुश्तैनी अधिकार बहाल कराने के लिए संघर्षरत हैं. सम्मेलन में आदिवासी संघर्ष मोर्चा की 13-सदस्यीय कमेटी का चुनाव किया गया. रामकृत कोल को प्रखंड अध्यक्ष और बाबूलाल खरवार को प्रखंड सचिव चुना गया.