भाकपा-माले की केंद्रीय कमिटी के सदस्य, समकालीन लोकयुद्ध समेत पार्टी की अन्य पत्र-पत्रिकाओं के दीर्घकालीन संपादक और शीर्ष नेतृत्व में शामिल कामरेड बृज बिहारी पांडेय को आज उनके चौथे स्मृति दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
इस अवसर पर पार्टी के राज्य कार्यालय में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण किया और उनके योगदानों को स्मरण करते हुए मौजूदा राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा की.
सभा में लोकयुद्ध के सह-संपादक प्रदीप झा ने कहा कि का. पांडेय हम सभी के लिए प्रेरणा के स्रोत बने रहेंगे. उनके काम के प्रति समर्पण और जीवटता से हमें सीख मिलती है कि जनता के कार्यों को पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ कैसे किया जाए.
वरिष्ठ नेता सरोज चौबे ने उनकी यादों को साझा करते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना हम सबका दायित्व है, और हम इस दिशा में प्रतिबद्ध हैं. कुमार परवेज ने कहा कि का. बी.बी. पांडेय गहरे मार्क्सवादी चिंतक थे और भाकपा-माले के अग्रणी नेतृत्व में शामिल थे. का. विनोद मिश्रा, का. डी.पी. बख्शी और का. पांडेय की त्रयी ने पार्टी को नया जीवन प्रदान किया. उनसे हमने सामूहिकता और अपने कार्य के प्रति अटूट निष्ठा सीखी. समता राय ने कहा कि उनकी सहजता और संवेदनशीलता हम सबको आकृष्ट करती थी. खासकर महिला प्रश्नों पर वे खुलकर संवाद करते थे. हम किसी भी विषय पर उनसे सहजता से बात कर सकते थे. उन्होंने अनेक पीढ़ियों के कार्यकर्ताओं के निर्माण में अहम भूमिका निभाई.
कार्यक्रम का संचालन लोकयुद्ध के प्रबंध संपादक संतलाल ने किया. उन्होंने का. पांडेय के साथ बिताए पलों को साझा करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता के. डी. यादव, कार्यालय सचिव प्रकाश कुमार, विभा गुप्ता, अभय पांडेय, संजय यादव, विनय कुमार, पुनीत पाठक, अविनाश कुमार, रिया, रूनझुन सहित अनेक कार्यकर्ता और साथी उपस्थित थे.