वर्ष 34 / अंक-24 / मानसा में मजदूरों की मांगों पर विशाल प्रदर्शन

मानसा में मजदूरों की मांगों पर विशाल प्रदर्शन

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18 अगस्त को मजदूर मुक्ति मोर्चा पंजाब लिबरेशन जिला इकाई मानसा, मनरेगा मेट यूनियन और एक्टू ने मनरेगा योजना से संबंधित मजदूरों की मांगों और समस्याओं को लेकर उपायुक्त कार्यालय परिसर में एक रैली निकाली, जिसमें सैकड़ों महिला-पुरुष मजदूरों ने भाग लिया और फिर जिला सचिवालय का घेराव किया. अंत में, उपायुक्त स. कुलवंत सिंह स्वयं गेट पर आए और मांगपत्र लेकर मांगों पर तुरंत आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद घेराव समाप्त हुआ.

रैली और घेराव को मजदूर मुक्ति मोर्चा लिबरेशन के जिला अध्यक्ष कामरेड बलविंदर सिंह घरांगन, वरिष्ठ नेता गुरसेवक सिंह मान, भोला सिंह गुराड़ी, तरसेम सिंह खालसा बहादुरपुर, सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के वरिष्ठ नेता कामरेड राजविंदर सिंह राणा ने संबोधित किया. नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार ने कभी भी मनरेगा योजना को ईमानदारी से पसंद नहीं किया है, जो ग्रामीण मजदूरों के बीच व्यापक बेरोजगारी के मद्देनजर लाखों मजदूर परिवारों को कुछ राहत प्रदान करती है, इसलिए मनरेगा के तहत रोजगार चाहने वाले लोगों की लगातार बढ़ती संख्या और बढ़ती महंगाई के मद्देनजर इस योजना के बजट को बढ़ाने के बजाय, व्यावहारिक रूप से केंद्रीय बजट में कटौती की जा रही है. भगवंत मान सरकार पंजाब के कई गांवों की जमीनों को लैंड पुलिंग स्कीम के नाम पर हड़पने और लाखों भूमिहीन मजदूरों को बिना किसी मुआवजे या पुनर्वास के गांवों से विस्थापित करने की साजिश रच रही थी, जिसे किसान-मजदूर संघर्ष के बल पर रद्द कर दिया गया है. ज्ञापन में शामिल मुख्य मांगें थीं – मनरेगा की दिहाड़ी 1000 रुपये करना और साल में दो सौ दिन काम देना, मनरेगा कार्यों में ठेकेदारों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगाना, सरकारी कर्मचारियों की तरह वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा 58 वर्ष करना और वृद्धावस्था विधवा व विकलांग पेंशन की राशि बढ़ाकर 5000 रुपये प्रति माह करना, छोटे किसानों के कृषि कार्यों को मनरेगा में शामिल करने की अधिसूचना जारी करना, फसलों व कचरे की देखभाल के लिए आवश्यक मजदूरों की मांग पंचायतों से करने का अनुरोध करना, मनरेगा मेट तय करना, मनरेगा मजदूरों की हाजिरी कार्यस्थल या गांव के नजदीक रखना, विभाग द्वारा मजदूरों के लिए पांच किलोमीटर दूर काम पर आने-जाने के लिए साधन की व्यवस्था करना या मजदूरों को आने-जाने का भत्ता देना और गांवों में कमजोर इंटरनेट नेटवर्क के कारण मजदूरों को हाजिरी लगाने में आ रही दिक्कतों को दूर करना, मनरेगा के लिए हर गांव में विशेष वाई-फाई कनेक्शन लगाना.

किसान संगठनों की ओर से पंजाब किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रुलदू सिंह मानसा, बीकेयू (क्रांतिकारी) के जिला नेता हरचरण सिंह रायकोट और बीकेयू (दकौंदा) बुर्जगिल के जिला नेता सुखविंदर सिंह सद्दा सिंह वाला ने मजदूरों के अधिकारों के इस संघर्ष को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की. रैली को अमृत पाल कौर, राज सिंह उभा, रणजीत सिंह अकलिया.

दोधी यूनियन के अध्यक्ष सतपाल भैनी, आइसा के प्रदेश अध्यक्ष सुरजीत सिंह रामानंदी, अंग्रेज सिंह घरांगन ने भी संबोधित किया.

जारीकर्ताः गुरसेवक सिंह मान


23 August, 2025