वर्ष 35 / अंक - 43 / कामरेड स्वरूप सिंह दानू अमर रहें!

कामरेड स्वरूप सिंह दानू अमर रहें!

कामरेड स्वरूप सिंह दानू अमर रहें!

कामरेड स्वरूप सिंह दानू का निधन भाकपा माले और बिंदुखत्ता की जनता के लिये गंभीर क्षति.

भाकपा(माले) के वरिष्ठ नेता रहे बिंदुखत्ता निवासी कामरेड स्वरूप सिंह दानू का 20 अक्टूबर की देर शाम को उनके आवास पर देहावसान हो गया.

कामरेड स्वरूप सिंह दानू बिंदुखत्ता भूमि संघर्ष के शुरुआती साथियों में से एक थे. बिंदुखत्ता भूमि संघर्ष के दौरान ही वे भाकपा(माले) पूर्णकालिक कार्यकर्ता बने. वहां से वे पार्टी कामकाज के लिए अल्मोड़ा जिले में गए जहां उन्होंने 3 साल से अधिक समय तक जनता के संघर्ष की अगुआई की और पार्टी संगठन के निर्माण व विस्तार में पूरा योगदान दिया. फिर वे वहां से बिंदुखत्ता वापस आ गए और यहां के हर जनसंघर्ष में हमेशा शामिल होते रहे. भाकपा(माले) की नैनीताल जिला कमेटी के सदस्य रहे का. स्वरूप सिंह दानू ने बिंदुखत्ता के भूमि, राशन कार्ड, रोजगार, राजस्व गांव, दुग्ध आंदोलन, सेंचुरी आंदोलन, नगरपालिका आंदोलन समेत जनता के हर आंदोलन व संघर्ष में सक्रिय हिस्सेदारी की.

का. स्वरूप दानू बेहद सरल व विनम्र थे. वे जनता में घुलमिलकर काम करते थे और आत्मप्रचार से दूर रहते हुए जमीनी काम करने वाले नेता थे. उनकी कमी पार्टी और जनता को हमेशा महसूस होगी. भाकपा(माले) के लिये उनका जाना बेहद गंभीर क्षति है.

बिंदुखत्ता स्थित आवास से निकली उनकी अंतिम यात्रा में बहादुर सिंह जंगी, डाॅ. कैलाश पाण्डेय, केके बोरा, भुवन जोशी, विमला पाल रौथाण, आनंद सिंह सिजवाली, पुष्कर दुबड़िया, किशन बघरी, ललित मटियाली, अनिता अन्ना, धीरज कुमार, त्रिलोक राम, कमलापति जोशी, नैन सिंह कोरंगा, प्रभात पाल, निर्मला शाही, कमल जोशी, गोविंद जीना आदि समेत सैकड़ों ग्रामीण शामिल रहे.

24 October, 2026