वर्ष 35 / अंक - 12 / मनरेगा मजदूरों का अनिश्चितकालीन धरना

मनरेगा मजदूरों का अनिश्चितकालीन धरना

मनरेगा मजदूरों का अनिश्चितकालीन धरना

बिहार के मुजफ्फरपुर में हजारों मजदूर, खासकर महिलाएं पिछले पंद्रह वर्षों से ‘मनरेगा वॉच’ संगठन के जरिए मनरेगा को जमीन पर लागू करवा रहे थे. काम कर रहे थे. जैसे ही वीबी ग्राम जी कानून आया इनको रोजगार देना बंद कर दिया गया. 2 जनवरी 2026 से ही मनरेगा की पुनर्बहाली समेत विभिन्न मांगों को लेकर चौदह हजार मनरेगा मजदूर अपने बाल-बच्चों समेत अनिश्चित कालीन धरना पर बैठे हुए है. पिछले दो महीना से भी ज्यादा समय से काम की मांग कर रहे इन चौदह हजार मजदूरों ने अपने नामों की सूची भी जिलाधिकारी और उप विकास आयुक्त कार्यालय को सौंपी है. सिर्फ दिखावा के लिए कुछ मजदूरों को थोड़े दिनों का काम दिया भी गया तो उनकी हाजिरी नहीं बनी.

जिले के विभिन्न अधिकारियों ने जो बताया उसके मुताबिक राज्य सरकार ने मनरेगा के लिए नई योजना शुरू करने पर पूर्णतः रोक लगा दी गई है जबकि पुरानी योजनाओं का काम पूरा हो चुका है.

जो नया कानून आया है दसमें पंचायत में 20 योजनाएं चलती थीं लेकिन अब सिर्फ 10 योजनाएं ही स्वीकृत होनेवाली हैं. नई योजनाओं का ‘लॉग इन’ भी अब जिला स्तर से नहीं किया जा सकता. इसी तरह के कई अन्य बहाने भी हैं. जबकि मजदूर तत्काल काम, जॉब कार्ड और लंबित मजदूरी की भुगतान करने, वीबी ग्राम जी बिल को वापस लेने, दैनिक मजदूरी को सात सौ रुपए और सौ दिनों काम की गारंटी की मांग कर रहे हैं.

धरने में नीलम देवी, बबीता देवी, रिंकू देवी, आशा देवी, रेखा देवी, विभा देवी, मदीना बेगम और जीनत परवीन आदि बढ़-चढ़कर भूमिका निभा रही हैं.

– संजय सहनी

21 March, 2026