भाकपा(माले) के राष्ट्रीय आह्वान पर 11 अगस्त 2025 को ‘चुनाव चोर, गद्दी छोड़’ नारे के साथ देशव्यापी धरना-प्रदर्शन किया गया और राष्ट्रपति व सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को संबोधित ज्ञापन भेजा गया.
इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने इंडिया गठबंधन व विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा लोकसभा चुनाव 2024 के संदर्भ में हाल में उजागर किये गए चुनाव घोटाले को लेकर केंद्र की एनडीए सरकार से इस्तीफे की मांग की.
पार्टी ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में 65 लाख मतदाताओं की छंटनी को भी एक बड़ा घोटाला बताते हुए कहा, ‘ऐन चुनाव के मौके पर चल रहा एसआइआर गरीबों, दलितों, अल्पसंख्यकों और प्रवासी मजदूरों को मतदाता सूची से बाहर कर मताधिकार से वंचित करने की साजिश के रूप में सामने आ रहा है.’
पार्टी ने मुख्य न्यायाधीश से अपील की कि वे निर्वाचन आयोग को पूरी मतदाता सूची मशीन द्वारा पढ़े जा सकने वाले प्रारूप में और चुनाव की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने के निर्देश दें. साथ ही, बिहार के एसआइआर में बूथ स्तर पर विशिष्ट आधारों पर हटाए गए नामों की सूची उपलब्ध कराई जाए. इसी के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव में बेंगलुरु सेंट्रल लोकसभा सीट पर हुई चुनावी धोखाधड़ी की जांच कराई जाए और दोषियों को सजा दी जाए.
इन बिंदुओं पर उत्तर प्रदेश में पार्टी ने 9 से 11 अगस्त तक अभियान चलाया और अंतिम दिन सोमवार को जिला, तहसील व ब्लाक मुख्यालयों पर प्रदर्शन किया. राजधानी लखनऊ में परिवर्तन चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने मार्च निकाला. बलिया, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, गाजीपुर, आजमगढ़, चंदौली, बनारस, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, प्रयागराज, रायबरेली, अयोध्या, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और जालौन में भी प्रदर्शन हुए.
10 अगस्त 2025 की शाम 6 बजे झारखंड के बोकारो में मुगमा मोड़ पर प्रतिवाद मार्च आयोजित कर चुनाव आयोग का पुतला दहन किया गया और केंद्र के भाजपा सरकार के ईशारे पर चुनाव आयोग द्वारा बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण के बहाने मतदाताओं को वोट के अधिकार से वंचित करने की साजिश का पर्दाफाश किया गया.
भाकपा(माले) नेता नागेन्द्र कुमार ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची के विशिष्ट गहन पुनरीक्षण के दौरान 65 लाख मतदाताओं के नाम हटाया गया है. चुनाव आयोग द्वारा दी गई सूची बता रही है कि नाम हटाने की प्रक्रिया तर्कहीन और अन्यायपूर्ण है. संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने तथ्य पेश किये हैं कि कैसे महाराष्ट्र और कर्नाटक चुनावों में फर्जी मतदाताओं को जोड़कर सूची तैयार की गई और इसके जरिये भाजपा और चुनाव आयोग ने लोकतंत्र की बुनियाद मताधिकार की लूट की.
राजधानी रांची में भाकपा(माले) राज्य सचिव का. मनोज भक्त के नेतृत्व में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय तक ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ कार्यक्रम आयोजित हुआ.
9 जनवरी 2025 को जेएनयू छात्रसंघ ने इलेक्शन ऑफिस के बाहर बिहार में हो रहे वोटर लिस्ट में धांधली को रोकने की मांग के साथ प्रतिवाद मार्च किया. जेएनयू छात्रसंघ के अध्यक्ष नीतीश समेत छात्र संगठन आइसा के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जेएनयू गेट से ही गिरफ्तार कर लिया और शाम होने तक थाने में बंद रखा.