वैशाली जिला के भाकपा(माले) सचिव कामरेड विशेश्वर प्रसाद यादव (74 वर्ष) का दिनांक 12 नवंबर 2025 की सुबह देहांत हो गया. वे बिहार विधानसभा चुनाव में पिपरा विधानसभा के प्रभारी थे. दो दिनों से उन्हें बुखार था. 11 नवंबर की शाम उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया जहां आज सुबह उनकी मृत्यु हो गई.
उनका जन्म 1 जनवरी 1952 को वैशाली जिला के बहुआरा पंचायत के रंदाहा गांव में हुआ था. विशेश्वर यादव के पिता जंग बहादुर सिंह एक संपन्न किसान थे और भारत डेयरी के नाम से उनका दूध का कारोबार चलता था. का. विशेश्वर ने इंटर तक पढ़ाई की और उसके बाद वे व्यवसाय के क्षेत्र में आ गए. यहां कुछ अपराधियों के दबंगई का विरोध करने के दौरान इन पर मुकदमा हुआ. गिरफ्तारी से बचने हेतु वे भूमिगत हो गए और राघोपुर दियारा में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने का काम शुरू किया. इसी दरम्यान इनका संपर्क भाकपा(माले) के स्थानीय साथियों से हुआ और 1977 में वे भाकपा(माले) में शामिल हो गए.
का. विशेश्वर प्रसाद यादव पहलकदमी के धनी, एक कुशल पार्टी संगठक, जुझारू आंदोलनकर्ता और लोकप्रिय जननेता थे. इन्होंने सिवान, दरभंगा और पटना ग्रामीण जिला में पार्टी जिला सचिव के रूप में काम किया. सन 2000 से पुनः वे वैशाली जिला कमिटी से जुड़कर काम करने लगे. 2004 में बिहार प्रदेश किसान सभा के वैशाली जिला सचिव बनाए गए थे. 2014 में इन्हें अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य अध्यक्ष की जवाबदेही दी गई. वे विगत वर्ष दोबारा वैशाली जिला के सचिव चुने गए थे. साथ ही, वे अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य और बिहार राज्य उपाध्यक्ष थे.
वैशाली जिला में सामंती जुल्म के खिलाफ उन्होंने कई आंदोलनों का सफल नेतृत्व किया. वे किसानों के एक लोकप्रिय नेता थे. उन्होंने दूध उत्पादक किसानों का संगठन बनाकर दूध के उचित मूल्य के लिए सुधा डेयरी के खिलाफ आंदोलन भी चलाया. इन्होंने वैशाली में किसानों के जमीन और अधिकारों के लिए कई आंदोलनों का नेतृत्व किया. 2012 में आईटीआई कॉलेज के नाम पर गरीब, सीमांत और छोटे किसानों की लगभग 70 एकड़ जमीन जबरन अधिगृहित कर ली गई थी. इसके खिलाफ विशेश्वर यादव ने आंदोलन तेज किया और सभी गरीबों की जमीन वापस दिलवाई. इसी तरह सिद्ध रेपसीड ऑयल के नाम से सराय में डालडा फैक्ट्री के लिए जमीन कब्जा करने के खिलाफ आंदोलन खड़ा कर उन्होंने किसानों की जमीन बचाई. वैशाली में घटित दलित लड़की डीका कुमारी की हत्या की घटना के खिलाफ चले लंबे आंदोलन में भी उन्होंने सक्रिय और नेतृत्वकारी भूमिका निभाई थी. किसानों के हित के लिए लगातार आवाज उठाने वाले का. विशेश्वर ने सूदखोरी के खिलाफ चले आंदोलन का भी नेतृत्व किया. वैशाली जिले में महिला उत्पीड़न, दलितों या गरीबों पर अत्याचार के खिलाफ आंदोलन खड़ा करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. विगत गहन मतदाता पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं के नाम जोड़ने में आनाकानी के खिलाफ डीएम के समक्ष हुए प्रदर्शन का भी उन्होंने नेतृत्व किया और जिला प्रशासन को छूटे हुए मतदाताओं का नाम जोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा. पार्टी ने उन्हें जब भी, जहां भी भेजा, उन्होंने जिम्मेवारी से मुंह नहीं मोड़ा. जटिल स्थितियों में भी वे काम से पीछे नहीं हटे और उसका मुकाबला किया.
पार्टी की बिहार राज्य कमिटी ने उनको बिहार विधानसभा चुनाव में पिपरा विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी बनाकर भेजा था. वहां लगातार सक्रिय रहकर उन्होंने चुनाव अभियान का संचालन किया. 11 नवंबर को मतदान था. इससे दो दिन पहले उनको बुखार आया और सांस लेने में कुछ तकलीफ महसूस हुई. लेकिन, आराम करने की बजाय वे लगातार काम में लगे रहे. 11 नवंबर को मतदान के बाद रात में तबियत ज्यादा बिगड़ने पर इन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती किया गया. अगली सुबह उनके मृत्यु की दुखद खबर मिली.
कामरेड विशेश्वर यादव के परिवार में इनके पुत्र सरोज यादव, पुत्रवधू सविता सिंह, पौत्र विवेक और हिमांशु, पौत्रवधू आशा सिंह और उनके बच्चे हैं.
का. विशेश्वर प्रसाद यादव के निधन से पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है. इससे वैशाली जिले में हाल में हो रहे पार्टी के विस्तार को धक्का लगा है.
सुपौल स्थित भाकपा(माले) जिला कार्यालय में पुष्पांजलि के बाद का. विशेश्वर यादव का पार्थिव शरीर सुपौल जिला सचिव का. जय नारायण यादव और वैशाली के पार्टी नेता का. गोपाल पासवान की अगआई में उनके गांव रन्दाहा लाया गया. अगली सुबह उनकी अंतिम यात्रा निकली. उनका पार्थिव शरीर रमचौरा स्थित भाकपा(माले) जिला कार्यालय में लोगों के दर्शनार्थ रखाग या और कोनहारा घाट पर उनको अंतिम विदाई दी गयी. भाकपा(माले) पोलित ब्यूरो सदस्य का. स्वदेश भट्टाचार्य व का. मीना तिवारी सहित पार्टी व किसान महासभा के वरिष्ठ नेताओं ने उनकी अंतिम यात्रा में हिस्सा लिया.
23 नवंबर 2025 को हाजीपुर में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भाकपा(माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने ने भी संबोधित किया.