ऑल इंडिया पीपल्स फोरम (AIPF) के बैनर तले 7 सितंबर 2025 को चंडीगढ़ में कॉमरेड स्वपन मुखर्जी स्मृति व्याख्यान श्रृंखला के तहत “बिहार में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR): चुनावी प्रक्रिया पर हमला” विषय पर सेमिनार आयोजित किया गया.
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सीपीआई(एमएल) लिबरेशन के महासचिव कॉमरेड दीपांकर भट्टाचार्य, कॉमरेड मंगत राम पासला और गुरु नानक देव विश्वविद्यालय के प्रो. कुलदीप सिंह ने की. संचालन कॉमरेड कंवलजीत सिंह ने किया. सेमिनार में महिला कार्यकर्ताओं, मजदूरों, छात्रों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों की बड़ी संख्या मौजूद रही.
सेमिनार के मुख्य वक्ता कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने कहा कि बिहार में हो रहे एसआईआर अभ्यास के माध्यम से लोगों के मौलिक अधिकारों को छीनने की संगठित कोशिश शुरू हो गई है. उन्होंने बताया कि विपक्षी दलों द्वारा चुनाव आयोग को भेजी गई आपत्तियों पर आयोग का जवाब भाजपा के रुख के अनुरूप था. उन्होंने चेताया, “बिहार में लगभग 65 लाख मतदाताओं को चुनावी सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है.”
महाराष्ट्र में पहले हुई बड़े पैमाने पर वोट चोरी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, “वोट चोरों को सत्ता से हटाना होगा. अन्यथा यही ताकतें संविधान का उपयोग गरीबों और अल्पसंख्यकों को नागरिकता और मताधिकार से वंचित करने के लिए करेंगी.” उन्होंने देशभर की लोकतांत्रिक शक्तियों से आह्वान किया कि बिहार में जारी इस प्रतिरोध में शामिल होकर गरीबों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हो रहे हमले को विफल करें.
कॉमरेड मंगत राम पासला ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने संवैधानिक संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है और देश को उस दौर में लौटाना चाहती है, जब दलित और शोषित समुदाय फिर से असमानता और दमन की जकड़न में हों. उन्होंने बताया कि पंजाब में भी इस साजिश को उजागर करने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा.
सेमिनार में वरिष्ठ कॉमरेड इंदरजीत सिंह ग्रेवाल (आरएमपीआई), संयुक्त किसान मोर्चा के पुरुषोत्तम शर्मा, पंजाब किसान यूनियन के रुल्दू सिंह मानसा, पंजाब विश्वविद्यालय के प्रो. लल्लन बघेल, वरिष्ठ कॉमरेड अजायब सिंह तिवाना, अधिवक्ता विपिन कुमार और सीपीआई(एमएल) चंडीगढ़ के सचिव कॉमरेड लाल बहादुर ने विचार साझा किए.
साथी पुनीत और प्रिंस की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को जोड़े रखा. विभिन्न यूनियनों के नेता, घर अधिकार संघर्ष मोर्चा, क्रांतिकारी कामकाजी महिला संगठन और एआईएसए के छात्रा कार्यकर्ता पूरे उत्साह और संकल्प के साथ मौजूद रहे.