लखनऊ, 18 मार्च 2026 : भाकपा(माले) ने वाराणसी में गंगा की सैर के दौरान नाव पर इफ्तार पार्टी कर रहे 14 मुस्लिम युवकों की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है. पार्टी ने इसे भाजपा और योगी सरकार द्वारा मुसलमानों के उत्पीड़न और विच हंट का एक और उदाहरण बताया है. इसके पहले, योगी सरकार ने संभल में नमाजियों की संख्या को सीमित करने के आदेश दिये थे, जिस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताते हुए आदेश को रद्द कर दिया.
भाकपा(माले) की राज्य इकाई ने बुधवार को यहां जारी बयान में कहा कि गिरफ्तार सभी युवक 20-25 वर्ष आयु के और छोटे व्यापारी हैं. उन्हें भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं के इशारे पर गढ़े गए सांप्रदायिक व फर्जी आरोपों के आधार पर गिरफ्तार किया गया. यह कार्रवाई धार्मिक पहचान के आधार पर ‘जीने के अधिकार’ पर दमन जैसा है और मुसलमानों के खिलाफ फासीवादी व सांप्रदायिक निरंकुशता का नग्न प्रदर्शन है.
पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के बुलडोजर राज में मुसलमानों, दलितों व गरीबों के खिलाफ उनके सम्मान, रिहायश और आजीविका को निशाना बनाया जा रहा है. इसका दृढ़ता से विरोध किया जाना चाहिए.