वर्ष 35 / अंक - 16 / नोएडा श्रमिक आंदोलन पर दमनात्मक कार्रवाई की कड़ी नि...

नोएडा श्रमिक आंदोलन पर दमनात्मक कार्रवाई की कड़ी निंदा

नोएडा श्रमिक आंदोलन पर दमनात्मक कार्रवाई की कड़ी निंदा

लखनऊ, 14 अप्रैल 2026 : भाकपा(माले) ने नोएडा में होजरी और अन्य उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों के पारिश्रमिक बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर विगत पांच दिनों से जारी आंदोलन पर बीते दिन (सोमवार को) पुलिस की दमनात्मक कार्रवाई की कड़ी निंदा की है.

पार्टी ने सभी गिरफ्तार श्रमिकों और नोएडा श्रमिक संघर्ष को लेकर लखनऊ में कुछ पत्रकारों व बुद्धिजीवियों के पुलिस उत्पीड़न की भी भर्त्सना करते हुए सबको अविलंब बिना शर्त रिहा करने, आंदोलन के सिलसिले में उन पर थोपे गए फर्जी मुकदमे तत्काल वापस लेने और उनकी धरपकड़ पर रोक लगाने की मांग की है.

साथ ही, पारिश्रमिक बढ़ाने, 8 घंटे काम लेने, साप्ताहिक अवकाश देने, वेतन का समय से भुगतान करने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने जैसी पूर्णतः जायज मांगों को सरकार व नियोक्ताओं से मान लेने की अपील की है.

पार्टी की उत्तर प्रदेश राज्य इकाई ने यहां जारी बयान में कहा कि श्रमिकों के आंदोलन को लेकर प्रदेश सरकार दोमुंही बातें करती है. नोएडा में गत नौ अप्रैल से मजदूर मांगों को लेकर धरना दे रहे थे. लेकिन प्रशासनिक संवेदनहीनता, अनसुना करने का रवैया और फायरिंग में एक महिला श्रमिक के घायल हो जाने से पूर्णतया शांतिपूर्ण आंदोलन उग्र हुआ. इसके लिए सरकार और नियोक्ता पूरी तरह से जिम्मेदार हैं.

रिपोर्ट के अनुसार पड़ोसी राज्य हरियाणा में हाल में श्रमिकों के पारिश्रमिक में हुई कुछ वृद्धि की तर्ज पर इसे अपने यहां भी लागू कराने के लिए नोएडा व ग्रेटर नोएडा के होजरी उद्योगों में काम करने वाले श्रमिकों ने आंदोलन शुरु किया. बाद में अन्य उद्योगों के श्रमिक भी उनसे आ जुड़े. शुरु में उत्तर प्रदेश सरकार मजदूरी बढ़ाने के लिए तैयार नहीं थी. प्रशासन मजदूरों की मांगों को दमन के बल पर दबाना चाहता था. लेकिन आंदोलन का विस्तार होता गया तो वह हरकत में आया.

नोएडा समेत हाल के मजदूर आंदोलन सरकार द्वारा अपनाई गई चार लेबर कोड की गलत नीतियों के परिणाम हैं. नए लेबर कोड में श्रमिकों के अधिकारों में  कटौती की गई है और नियोक्ताओं को काफी छूट दी गई है. इसे लेकर मजदूर वर्ग में गहरा असंतोष और आक्रोश है.


18 April, 2026