22 दिसंबर 2025 को भाकपा(माले) झारखंड राज्य सचिव कॉ. मनोज भक्त, हजारीबाग जिला सचिव कॉ. पचु राणा, रामगढ़ जिला सचिव सह अखिल भारतीय किसान महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हीरा गोप, राजेन्द्र गोप, आदिवासी संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय सह संयोजक देवकीनंदन बेदिया, आरडी मांझी, नरेश बड़ाईक व अन्य लोगों ने अडानी द्वारा गोंदलपुरा में विस्थापित हुए लोगों के चल रहे धरना कार्यक्रम में शिरकत की और वहां उपस्थित सैकड़ों महिला-पुरुषों से विचारों का आदान-प्रदान किया.
गोंदलपुरा का आंदोलन 12 अप्रैल 2023 से ही निरंतर चल रहा है. इस आंदोलन के साथ कई बार अडानी कंपनी व जिला पुलिस प्रशासन के साथ टकराहट भी हुई है. मुकदमे दर्ज किए गए हैं. आए दिन आंदोलन को विभाजित करने के लिए विभिन्न षड्यंत्र रचे जाते हैं व गलत अफवाहें फैलाई जाती हैं. किसानों का कहना है कि हमारा गांव हर तरह से स्वावलंबी है.
आंदोलनकारी ग्रामीणों की बातों को सुनकर भाकपा(माले) नेताओं ने कहा कि हमारी पार्टी हमेशा आपके साथ खड़ी रहीं है. हर मोर्चे पर, हर घड़ी मौजूद रही है. आंदोलन ही ग्रामीण किसानों की जल-जंगल-जमीन की रक्षा और पर्यावरण की सुरक्षा प्रदान कर सकती है. जनवरी महीने के अंत में रांची में गोंदलपुरा के सवाल कार्यक्रम की आह्वान के साथ गोंदलपुरा कोल परियोजना रद्द करो, अडानी कंपनी वापस जाओ, मोदी सरकार होश में आओ, हम लड़ेंगे - हम जीतेंगे के नारे के सभा का समापन हुआ.