चुनाव आयोग द्वारा की जा रही तमाम साजिशों के बावजूद, भाकपा-माले ही एक मात्र पार्टी है, जिसके बीएल, द्वारा दर्ज की गई दावा-आपत्तियों की संख्या 28 अगस्त 2025 तक 79 पर पहुंच चुकी है. हालांकि सही अर्थों में की गई आपत्तियों की संख्या इससे कहीं अधिक है.
भाकपा-माले के राज्य सचिव कुणाल ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा राजनीतिक दलों को एक पक्ष बना देने के उपरांत राज्य के सभी बीएलए-2 को निर्देश दिया है कि बचे हुए दिनों में अधिक से अधिक संख्या में दावा-आपत्तियाँ भरें, ताकि सुप्रीम कोर्ट में मजबूती से अपना पक्ष रखा जा सके. उन्होंने सभी जिला सचिवों से इस काम में बीएलए-2 की यथासंभव मदद करने की भी अपील की है. विदित हो कि इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 8 सितंबर को होगी, जिसमें भाकपा-माले को भी अपना पक्ष रखना है.