वर्ष 35 / अंक - 07 / ‘वन विभाग होश में आओ, तहसील प्रशासन वादा निभाओ’ का...

‘वन विभाग होश में आओ, तहसील प्रशासन वादा निभाओ’ का नारा – 50 घंटे की सामूहिक भूख हड़ताल

‘वन विभाग होश में आओ, तहसील प्रशासन वादा निभाओ’ का नारा – 50 घंटे की सामूहिक भूख हड़ताल

चकिया (उत्तर प्रदेश) में 10 फरवरी से भाकपा(माले) जिला सचिव कामरेड अनिल पासवान के नेतृत्व में 50 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की गई जिसका समापन 12 फरवरी 2026 को पूरे देश भर में होने वाले आम हड़ताल का समर्थन करते हुए किया गया.

इस भूख हड़ताल की प्रमुख मांग थी – वन विभाग के मनमानी पर रोक लगाते हुए गणवा जंगलचूड़िया (पुरानाडीह), केवला खांड, बिहड़ी, दाउदपुर केराडीह, सपही, करनी, समपुरवा, शेरपुर रसिया, मुसाखांड, बनगांवा समेत तमाम गांव को उजाड़ देने तथा जमीनों में ग्यक्का खोदने की वन विभाग की धमकी पर रोक लगाते हुए यहां के वाशिंदों को बनाधिकार कानून के तहत कब्जे के आधार पर जमीन का पट्टा देकर मालिकाना हक दिया जाना.

इसके साथ ही, भाकपा(माले)जिला कमेटी सदस्य तथा बनवासी समाज से चर्चित नेता कामरेड रामबचन वनवासी के साथ गाली-गलौज करने वाले मनबढ़ू वन दरोगा राम आशीष के खिलाफ कार्रवाई किए जाने, सीलिंग प्रक्रिया के तहत अतिरिक्त घोषित बैराठ फॉर्म की जमीन को दलित-गरीब भूमिहीनों में बांटकर विवाद का स्थाई हल निकाला निकालने, राजा के पक्ष में आए फैसले के खिलाफ रिट दाख्लि करने, गणवा गांव सहित वैसे तमाम गांवों को राजस्व गांव का दर्जा देकर उनका समग्र विकास करने, चकिया ब्लाक के धरदे ग्राम पंचायत समेत तमाम गांवों में अंबेडकर पार्क के लिए जमीन का आवंटनकर पार्क बनवाने, जिगना ग्राम सभा अंतर्गत तुरपूरवा मौजा स्थित जीएस, परती, बंजर जमीनों को दबंगों के कब्जे से मुक्त कराकर गरीबों में बांटने, तहसील क्षेत्र के तमाम ग्राम पंचायतों से शेरपुर व रसिया में आकर बसे बनवासियों का नाम कुटुंब रजिस्टर में दर्ज करने और इसमें हीला-हवाली करने वाले पंचायत कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही करने तथा शेरपुर रसिया का समग्र विकास कराए जाने की भी मांग की गई.

शुरूआत के मौके पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) जिला सचिव कामरेड अनिल पासवान ने कहा कि चंदौली जिले की पूरी नौगढ़ तहसील तथा चकिया शहाबगंज के जंगल-पहाड़ के इलाके में बरसों से बसे आदिवासी-बनवासी तथा अन्य परंपरागत वन निवासी जनों को वास-आवास समेत सभी परंपरागत अधिकारों को छीनने की साजिश अगर बंद नहीं हुई तो यह लड़ाई भूख हड़ताल से भी आगे जायेगी, और तीखी होगी.

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के वन विभाग का बुलडोजर आदिवासी-बनवासी, दलित-गरीब व अन्य परंपरागत निवासियों पर तो चल ही रहा है, साथ ही केंद्र सरकार ने एक मजदूरों के हक में बनाए गए 44 श्रम कानून को रद्द कर 4 श्रम कोड लाकर कल-कारखाना समेत तमाम जगहों पर काम करने वाले मजदूरों व कर्मचारियों के भी तमाम अधिकारों पर हमला बोल दिया है और मनरेगा के तहत मजदूरों को दिए गए तमाम अधिकारों को खत्म करते हुए ग्रामीण मजदूरों पर भी हमला बोल दिया है. यह सामूहिक भूख हड़ताल इन सभी लाड़ाईयों को एकताबद्ध करेगी.

सभा को भाकपा(माले) जिला स्थाई समिति सदस्य रामायण राम, खेग्रामस जिला सह सचिव परमहंस राम, आरवाईए नेता रमेश चौहान सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया. इसकी अध्यक्षता का. शिवा चौहान तथा संचालन भाकपा(माले) राज्य कमेटी सदस्य का. विजई राम ने की. आदिवासी नेता का. राम वचन वनवासी, आरवाईए जिला कौंसिल सदस्य सुनैना कुमारी, ऐपवा नेत्री पार्वती वनवासी, प्रेम चौहान, दशरथ राम, सुरेश राम, विक्रमा चौहान, सुदामा राम सहित कुल 9 लोग उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठे.

14 February, 2026