2 अप्रैल 2026 को शहीद कामरेड विनोद मकबूल की शहादत दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत एक मिनट का मौन रखने तथा पुष्पांजलि देने के साथ हुई. इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने उनके संघर्षपूर्ण जीवन और बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता का. शिवनाथ महतो ने की. इस दौरान नीलांबर-पितांबरपुर (सतबरवा प्रखंड) के सचिव कमेश सिंह चेरो ने अपने संबोधन में कहा कि शहीद विनोद मकबूल एक जुझारू नौजवान थे, जो भाकपा(माले) के नेतृत्व में भूमि माफियाओं के खिलाफ तथा गरीब, मजदूर और किसानों के हक-अधिकार के लिए निरंतर संघर्ष कर रहे थे. वर्ष 1999 में सामंती ताकतों द्वारा कामरेड विनोद मकबूल की निर्मम हत्या कर दी गई थी.
उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी क्षेत्र में दबंगों द्वारा भूमिहीनों और गरीबों की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमा लेने की घटनाएं जारी हैं. कई स्थानों पर भूमि-माफिया पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से गरीबों की जमीन पर कब्जा कर रहे हैं और इसके विरोध में आवाज उठाने वालों पर पुलिस दमन भी किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि इन अन्यायपूर्ण परिस्थितियों के खिलाफ भाकपा(माले) लगातार संघर्षरत है.
कमेश सिंह चेरो ने मेदिनीनगर में होने वाले पुलिस जुल्म के खिलाफ 4 अप्रैल 2026 को होनेवाले धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि संघर्ष ही एकमात्र रास्ता है, और संघर्ष के बल पर ही न्याय और जीत संभव है.
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने ‘शहीद कामरेड विनोद मकबूल को लाल सलाम’, ‘कामरेड विनोद मकबूल अमर रहें’, ‘कामरेड विनोद मकबूल के अधूरे अरमानों को मंजिल तक पहुंचाएंगे’ नारों के साथ ही भूमि-माफियाओं के खिलाफ भी जोरदार नारेबाजी की.
इस अवसर पर छोटू कुमार मेहता, महावीर पासवान, जोगेंद्र शर्मा, हुदा देवी, नागो राम, चनरिक भुंइया सहित दर्जनों लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए और शहीद के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया.