23 दिसंबर को रांची जिले के बुड़मू प्रखंड अंतर्गत मुरवे गांव में भाकपा(माले) नेता एवं झारखंड आंदोलनकारी कॉमरेड महावीर मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया गया. यह अनावरण ग्राम प्रधान मोहन पहान तथा भाकपा(माले) नेताओं की उपस्थिति में ग्रामीणों के बीच सम्पन्न हुआ.
महावीर मुंडा का जीवन जल-जंगल-जमीन को बचाने तथा मजदूर-किसानों और आदिवासी-मूलवासी समाज के हक-अधिकारों की लड़ाई को समर्पित रहा. उन्होंने उन शक्तियों के खिलाफ भी डटकर संघर्ष किया जो आदिवासी समाज के भीतर रहकर शोषण और सूदखोरी को बढ़ावा देते थे. 1 जनवरी 1965 को रांची जिले के बुड़मू प्रखंड स्थित मुरवे गांव में जन्मे महावीर झारखंड आंदोलनकारी रहे तथा बाद में भाकपा(माले) के संगठनात्मक कार्यों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. उनका निधन 23 दिसम्बर 2022 को हुआ.
कार्यक्रम में संबोधित करते हुए भाकपा(माले) नेता एवं आदिवासी संघर्ष मोर्चा के झारखंड राज्य प्रभारी जगरनाथ उरांव ने कहा कि महावीर मुंडा ने जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा बचाने की जिस लड़ाई को प्रारंभ किया था, आज उसे और मजबूती से आगे ले जाने की आवश्यकता है. भाकपा(माले) रांची जिला सचिव जगमोहन महतो ने कहा कि प्रतिमा का अनावरण उनके संघर्षों को नई ऊर्जा देने की दिशा में एक ठोस कदम है. आज आदिवासियों के संसाधनों को कॉर्पारेट हितों में लूटा जा रहा है और आवाज उठाने वालों को दमन का सामना करना पड़ रहा है. बस्तर और हसदेव के ताजा उदाहरण इसके प्रमाण हैं. दूसरी तरफ मोदी सरकार द्वारा लाए गए वीबी जी राम जी विधेयक है, जिसके कारण मनरेगा जो ग्रामीण लोगों को रोजगार की गारंटी देता था, उनको समाप्त किया जा रहा है.
स्थानीय नेता अलमा खलखो ने कहा कि महावीर मुंडा ने जमीनों के अवैध कब्जों के खिलाफ संघर्ष को जो दिशा दी, उसे ग्रामीण आज भी आगे बढ़ा रहे हैं. कार्यक्रम के अंत में उनके हमनाम महावीर मुंडा द्वारा क्रांतिकारी गीत प्रस्तुत किए गए, जिसके साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.
कार्यक्रम में जयलाल मुंडा, सुदामा खलखो, रामकिशुन लोहरा, आइसा नेता विजय कुमार, उमेश मुंडा, मुकेश तिर्की सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे.