वर्ष 34 / अंक-28 / महिला कर्ज मुक्ति बना विधानसभा चुनाव का एजेंडा

महिला कर्ज मुक्ति बना विधानसभा चुनाव का एजेंडा

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दरभंगा के हायाघाट और जमुई के जमुई में महिलाओं का विधानसभा स्तरीय कर्जा मुक्ति सम्मेलन

भाकपा(माले), ऐपवा व खेग्रामस के बैनर तले 12 सितंबर  2025 को हायाघाट विधानसभा स्तरीय विराट कर्जा मुक्ति सम्मेलन मोईन महुआ में स्थित गामी कॉलेज में आयोजित हुआ. कर्जा मुक्ति सम्मेलन में माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के चंगुल में फंसी हजारों महिलाओं ने विभिन्न गांव-पंचायतों से आकर शिरकत की.

सम्मेलन को मुख्य वक्ता के बतौर सम्बोधित करते हुए स्कीम वर्कर्स फेडरेशन की राष्ट्रीय महासचिव विधान पार्षद शशि यादव ने कहा कि मोदी-नीतीश की जोड़ी ने बिहार की महिलाओं को माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के कर्ज के चंगुल मे फंसा दिया है. बिहार की महिलाएं कर्ज से परेशान होकर आत्महत्या कर रही हैं और पूरे परिवार को मजबूरन अपना गांव छोड़कर भागना पड़ रहा हैं. यह अब नहीं चलेगा. बिहार की महिलाएं अब न आत्महत्या करेगी और न भागेगीं वे अब इन कंपनियों से लड़ेंगी और जिन लोगों ने इस चंगुल फंसाया हैं, उनको भगाएंगी.

उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार बनी तो महिलाओं के तीन लाख रूपये तक के कर्ज को माफ किया जाएगा. सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाकपा(माले) जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने कहा कि महिलाओं को संगठित होकर इस अन्याय के खिलाफ लड़ना होगा. हम सब आपके लड़ाई के साथ रहेंगे.

ऐपवा जिला सचिव शनिचरी देवी और जिलाध्यक्ष साधना शर्मा ने कहा कि दरभंगा की महिलाएं कर्ज के सवाल पर संघर्ष के लिए खड़ी हो रही हैं और नीतीश-भाजपा के नापाक गठजोड़ को सबक सिखाने को तैयार हैं. भाकपा(माले) राज्य कमिटी के सदस्य अभिषेक कुमार ने कहा कि मोदी सरकार अडानी-अंबानी के लाखों करोड़ रूपयों का कर्जा माफ करती है लेकिन महिलाओं के हजार लाख रुपए का कर्ज माफ करने से भाग रही हैं. ये नहीं चलने दिया जाएगा.

सम्मेलन को एक्टू के जिलाध्यक्ष रामनारायण पासवान भोलाजी, जिला सचिव उमेश प्रसाद सिंह, आशा कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष सबिता कुमारी, ऐपवा नेत्री रानी सिंह, शोभा देवी, शकीला खातून, अनुपम कुमारी, खेग्रामस नेता पप्पू पासवान, देवेन्द्र कुमार, अमर राम, विश्वनाथ पासवान, रामविलास मंडल, संतोष सिंह, मो. जमालुद्दीन आदि ने भी संबोधित किया.

10 हजार में दम नहीं, कर्ज मुक्ति से कम नहीं

महिला नेत्रा और बिहार विधान परिषद सदस्य का. शशि यादव 18 सितंबर को जमुई पहुंची. ऐपवा के नेतृत्व में सैकड़ो की संख्या में महिलाओं ने कचहरी चौक पर एमएलसी शशि यादव का जोरदार स्वागत किया और बाबा साहब भीम राव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते हुए शहर में मार्च निकाला. मार्च के दौरान महिलायें ‘10 हजार में दम नहीं, कर्ज माफी से कम नही!’, ‘माइक्रोफाइनेंस कंपनियों का अत्याचार पर रोक लागाओ’ नारे के साथ महिला कर्ज मुक्ति सम्मेलन में शामिल हुईं.

सम्मेलन की अध्यक्षता ऐपवा की जिला संयोजक किरण गुप्ता ने किया जबकि मंच संचालन भाकपा(माले) के युवा नेता बाबू साहब सिंह ने किया. सम्मेलन के मुख्य अतिथि बिहार विधान परिषद सदस्य कॉमरेड शशि यादव ने कहा कि एनडीए से अलग इंडिया गठबंधन ने ढाई हजार रुपए हर महीने देने की घोषणा की है. अगर यह योजना सही ढंग से लागू हो तो महिलाओं के हाथ में एक नियमित आय होगी.

उन्होंने कहा कि बिहार में 64 प्रतिशत परिवारों की मासिक आमदनी 10 हजार रुपए से कम है. यह आमदनी परिवार के लिए दोनों समय का भोजन जुटाने के लिए भी पूरी नहीं पड़ती. ऐसे में बच्चों की पढ़ाई, बीमारी या आकस्मिक खर्च के लिए उनके पास कुछ नहीं बचता. सरकारी स्कूल कालेजों और सरकारी अस्पतालों को खत्म करने की योजनाबद्ध कोशिश के कारण आज गरीब परिवार भी प्राइवेट स्कूलों और अस्पतालों में जाने को मजबूर हैं. इसके लिए बिहार में महिलाओं को कर्ज लेना पड़ रहा है. अगर महिलाओं को कर्ज से मुक्ति नहीं मिलेगी तो नीतीश सरकार की 10,000 रुपए देने की घेषणा उनकी जरूरतों के लिए ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ की तरह है.

गरीबी के कारण ही महिलाएं माइक्रो फाइनेंस व ननबैंकिंग संस्थाओं के कर्ज के जाल में फंसती जा रही हैं. माइक्रो फाइनेंस कंपनियां भी रोजगार शुरू करने के नाम पर ही महिलाओं को कर्ज देती हैं. लेकिन, तथ्य यही है कि है यह कर्ज महिलाएं अपने घरेलू जरूरतों के लिए लेती हैं और किसी तरह उसका किस्त भरती हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो माइक्रो फाइनेंस कंपनियों का किस्त गरीब परिवारों की आमदनी को सोख लेने का माध्यम भर है.

उन्होंने कहा कि इसलिए कर्ज मुक्ति, सभी महिलाओं को रोजगार, माइक्रोफाइनेंस संस्थाओं की मनमानी पर रोक, 2% सालाना ब्याज दर पर महिलाओं को 2 लाख रुपए तक के कर्ज की उपलब्धता और 2500 रुपए की मासिक सहायता राशि महिलाओं की बड़ी मांग बन गई है. भाकपा(माले) लगातार गरीबों, दलितों, आदिवासियों, छात्र-नौजवानों व महिलाओं के हक-अधिकार के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रही है. सभी लोग जमुई विधानसभा में भाकपा(माले) को मजबूत करते हुए महागठबंधन की सरकार बनवायें.

मौके पर भाकपा(माले) जिला सचिव शम्भु शरण सिंह, मनोज कुमार पांडेय, बासुदेव राय, मो. हैदर आदि माले नेता और दीपमाला, शोभा देवी, लाडो देवी, सविता देवी, बविता देवी, ज्योति देवी व रेणु देवी सहित सैकड़ो की संख्या में महिलायें भी उपस्थित थीं.


20 September, 2025