भाकपा(माले) लिबरेशन के पोलित ब्यूरो सदस्य काॅमरेड स्वदेश भट्टाचार्य (शंभूजी) के 30 अक्टूबर 2026 को निधन के बाद दुनिया भर से शोक संदेश आ रहे हैं. 1 नवंबर की शाम तक विभिन्न देशों की कम्युनिस्ट और वामपंथी पार्टियों, क्रांतिकारी संगठनों, सांसदों और राजनयिकों की ओर से पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग को 12 संदेश प्राप्त हुए हैं. यह सिलसिला अब भी जारी है.
इन संदेशों में एक आजीवन कम्युनिस्ट क्रांतिकारी के रूप में काॅमरेड स्वदेश भट्टाचार्य के असाधारण व्यक्तित्व, उनके दृढ़ अंतरराष्ट्रीयतावाद, साम्राज्यवाद-विरोधी संघर्षों और मजदूर वर्ग के आंदोलनों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता व कम्युनिस्ट आदर्शों को समर्पित जीवन को श्रद्धांजलि दी गई है.
कई संदेशों में नक्सलबाड़ी आंदोलन पर भीषण दमन के दौर में पार्टी को फिर से संगठित करने में उनकी ऐतिहासिक भूमिका को विशेष रूप से याद किया गया है. जुलाई 1974 में पुनर्गठित भाकपा(माले) की केंद्रीय कमेटी के वे अंतिम जीवित सदस्य थे और पांच दशकों तक पार्टी के संघर्ष, संगठन और वैचारिक निरंतरता की मजबूत धुरी बने रहे. ये संदेश गवाह हैं कि उनका जीवन सरहदों से परे कम्युनिस्ट आंदोलन की साझा विरासत का हिस्सा है.
पड़ोसी देशों से
नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के प्रमुख प्रमेश कुमार हमाल ने संयोजक पुष्प कमल दाहाल (प्रचंड), सह-संयोजक माध्व कुमार नेपाल और पूरी पार्टी की ओर से शोक व्यक्त किया है. संदेश में कहा गया है कि काॅमरेड स्वदेश पांच दशकों तक राजनीतिक संघर्षों और सांगठनिक चुनौतियों में पार्टी की धुरी रहे और उन्होंने नेपाल के कम्युनिस्ट आंदोलन के प्रति निरंतर और उदार एकजुटता निभाई. पार्टी ने उनकी विरासत को आगे बढ़ाने में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का संकल्प जताया है. इसके अलावा नेकपा (एमाले) की केंद्रीय कमेटी के सचिव राजन भट्टराई ने निजी तौर पर शोक जताया है. उन्होंने लिखा कि वे कामरेड स्वदेश से कई मौके पर मिल चुके थे. उन्होंने बताया है कि पार्टी का औपचारिक संदेश बाद में भेजा जाएगा.
बांग्लादेश की सोशलिस्ट पार्टी (एसपीबी) के महासचिव बजलुर रशीद फिरोज ने 31 अक्टूबर को काॅमरेड दीपंकर भट्टाचार्य के नाम भेजे पत्र में लिखा है कि 1970 के दशक के शुरुआती दमन और बिखराव के बाद पार्टी के पुनर्गठन की पहल करने वाले तीन कामरेडों में कामरेड स्वदेश भी थे. नवंबर 1975 में कामरेड जौहर की शहादत के बाद वे कामरेड विनोद मिश्र के साथ पार्टी को संकट से निकालने में जुटे रहे. एसपीबी ने इसे मजदूर वर्ग, भाकपा(माले) लिबरेशन और भारत व दक्षिण एशिया के कम्युनिस्ट आंदोलन की अपूरणीय क्षति बताया है.
श्रीलंका. न्यू डेमोक्रेटिक मार्क्सवादी-लेनिनवादी पार्टी (एनडीएमएलपी) के प्रो. सिवा सिवसेगरम ने अपनी ओर से और पार्टी के महासचिव काॅमरेड सेंथिवेल की ओर से शोक जताया है. उन्होंने कामना की है कि मार्क्सवाद-लेनिनवाद के प्रति और भारत में क्रांतिकारी संघर्ष के निर्माण के प्रति काॅमरेड स्वदेश का समर्पण सभी प्रगतिशील और साम्राज्यवाद-विरोधी ताकतों के लिए प्रेरणा बने.
पाकिस्तान की मजदूर किसान पार्टी (एमकेपी) के महासचिव तैमूर रहमान ने हार्दिक शोक व्यक्त करते हुए दिवंगत काॅमरेड को क्रांतिकारी श्रद्धांजलि दी है.
लेफ्ट रैडिकल ऑफ अफगानिस्तान (एलआरए) का संदेश सबसे विस्तृत संदेशों में है. इसमें भाकपा(माले) लिबरेशन के साम्राज्यवाद-विरोधी रुख को याद किया गया है: 20 साल के अमेरिकी/नाटो कब्जे का विरोध और साथ ही तालिबान की प्रतिक्रियावादी, स्त्री-विरोधी विचारधारा की निंदा, जिसने अफगान महिलाओं, लड़कियों और अल्पसंख्यकों के अधिकार छीन लिए. संदेश में मार्च 2026 में काबुल के एक पुनर्वास केंद्र पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमले की महासचिव काॅमरेड दीपंकर भट्टाचार्य द्वारा की गई निंदा का भी जिक्र है. एलआरए ने कहा है कि क्षेत्र के सभी क्रांतिकारियों का फर्ज है कि वे अंतरराष्ट्रीय एकजुटता और साम्राज्यवाद-विरोधी, युद्ध-विरोधी संघर्ष को जारी रखें, ताकि शोषण, उत्पीड़न और हर तरह के भेदभाव से मुक्त दुनिया का काॅमरेड शंभूजी का अधूरा सपना साकार हो सके.
लातिन अमेरिका से
वेनेजुएला. यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी ऑफ वेनेजुएला (पीएसयूवी) की अंतरराष्ट्रीय मामलों की सचिव तानिया वैलेंटीना डियाज गोंजालेज ने काॅमरेड स्वदेश को भाकपा(माले) के महान संस्थापकों में से एक बताया है. उनके मुताबिक काॅमरेड शंभूजी का नेतृत्व और संघर्ष एशिया, लातिन अमेरिका और दुनिया की उन जनता के लिए प्रकाश-स्तंभ बना रहेगा जो वर्चस्व का प्रतिरोध कर रही है और सच्ची संप्रभुता के लिए लड़ रही है. पीएसयूवी ने दोनों पार्टियों के बीच एकता मजबूत करने का संकल्प दोहराया है. वेनेजुएला की नेशनल असेंबली के सदस्य रामोन लोबो ने भी, जो पार्टी की 11वीं कांग्रेस में पीएसयूवी के अंतरराष्ट्रीय अतिथि थे, अलग से शोक संदेश भेजा है. उन्होंने काॅमरेड स्वदेश को पार्टी के क्रांतिकारी इतिहास का मूलभूत स्तंभ कहा है और लिखा है कि दमन के सामने उनकी अडिगता तथा उत्पीड़ितों, गरीब किसानों और खेत मजदूरों के प्रति उनका समर्पण एक मिसाल है. उन्हें भरोसा है कि संघर्षशील नई पीढ़ियां उनके लाल झंडे को गर्व से थामेंगी.
भारत में क्यूबा के राजदूत हुआन कार्लाेस मारसान अगिलेरा ने संक्षिप्त संदेश में लिखा है कि काॅमरेड स्वदेश का जीवन और उनकी विरासत मौजूदा और आने वाली पीढ़ियों के लिए संदर्भ बनी रहेगी.
चीन, वियतनाम और रूस से
भारत में चीनी दूतावास के काउंसलर (सीपीसी राजनीतिक पार्टी मामले) डाॅ. झोउ ने काॅमरेड स्वदेश को काॅमरेडाना श्रद्धांजलि दी है. उन्होंने लिखा है कि भारत में वाम की प्रगतिशील धारा के लिए उनका आजीवन योगदान और राजनीतिक विरासत हमेशा कायम रहेगी और ज्यादा से ज्यादा साथियों को समाजवाद और कम्युनिज्म के लिए आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी.
भारत में वियतनाम के दूतावास में राजनीतिक और सांस्कृतिक मामलों के काउंसलर त्रान थान हुओंग ने काॅमरेड के प्रति हार्दिक शोक व्यक्त किया है. उन्होंने बताया है कि हनोई से औपचारिक शोक संदेश भेजा जाएगा.
कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ कम्युनिस्ट्स ऑफ रशिया की केंद्रीय कमेटी ने 1 नवंबर को भेजे संदेश में गहरा शोक जताया है. संदेश में भाकपा(माले) लिबरेशन के सभी सदस्यों, उनके साथियों और शोक संतप्त परिवार के साथ एकजुटता जताई गई है.
पड़ोसी देशों से लेकर लातिन अमेरिका तक, वाम और साम्राज्यवाद-विरोधी ताकतों ने उन्हें अपने संघर्ष का साथी माना है. यह सूची प्रारंभिक है. नेकपा (एमाले) और वियतनाम के औपचारिक संदेशों के साथ अन्य पार्टियों और संगठनों के संदेश आने के बाद इसमें और नाम जुड़ेंगे.