वर्ष 35 / अंक - 16 / भाकपा(माले) जांच दल फारबिसगंज पहुंचा, दोहरे हत्याक...

भाकपा(माले) जांच दल फारबिसगंज पहुंचा, दोहरे हत्याकांड को सरकार की नाकामी बताया

भाकपा(माले) जांच दल फारबिसगंज पहुंचा, दोहरे हत्याकांड को सरकार की नाकामी बताया

9 अप्रैल 2026 को बिहार के अररिया जिला के फारबिसगंज कृषि मार्केट मे घटित दोहरे हत्याकांड की घटना की जांच के लिए भाकपा(माले) की सात सदस्यीय दल ने 11 अप्रैल को घटनास्थल का दौरा किया. सात सदस्यीय जांच दल में भाकपा(माले) के पूर्व  विधायक का. महबूब आलम, अररिया जिला सचिव रामविलास यादव, भाकपा(माले) नेता इंद्रानंद पासवान, रामेश्वर ऋषिदेव, नवीन कुमार व अमरेंद्र यादव आदि शामिल थे. जांच दल ने मृतक नबी हसन के घर पहुंच उनके परिजनों से मुलाकात की.

यह पाया गया कि अगर प्रशासन सजग रहता तो दिनदहाड़े ऐसी दर्दनाक घटना नही होती. भरे बाजार मे सरेआम जब ऐसी घटना हो रही थी, तब भी लोग न केवल मूकदर्शक बने रहे बल्कि तमाशाई बने रहे और कुछ लोगों ने इसे रोकने के बजाय वीडियो बनाना चालू कर दिया. हत्या की एक घटना के बाद दूसरी का घटित होना – यह पुलिस व प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा नहीं तो और क्या है?

मृतक नबी हसन अपने पीछे मां, पिता व पत्नी के अलावा तीन बच्चों को छोड़ गया है. उनकी सबसे बड़ी बेटी की शादी इसी महीने की 25 तरीख को होनेवाली थी. अब इस खुशी मे ग्रहण लग गया है.

नबी हसन की निर्मम हत्या को महज संयोग नही कहा जा सकता है. उसकी हत्या करने से पहले हत्यारों – राहुल व उनके सहयोगियों द्वारा उससे नशीले पदार्थ का सेवन करवाया गया ताकि वह अपनी सूझबूझ व अपना बचाव करने की पूरी क्षमता खे दे. फिर उसके साथ कहासुनी करते हुए उस पर छुरे से वार किया गया और गला काट कर सिर को धड़ से अलग कर दिया गया और सिर को बीच सड़क पर डाल दिया गया. नबी हसन की हत्या की इस घटना के साथ ही क्या इंसानियत की भी मौत नहीं हो गई?

हत्यारा राहुल एक दुर्दांत अपराधी था फिर भी आक्रोशित भीड़ द्वारा उसकी हत्या निंदनीय है और उसके हत्यरों पर भी कड़ी करवाई होनी चाहिए. लेकिन सर्वाधिक चिंतनीय है कि ऐसी खतरनाक मानसिकता धीरे-धीरे पूरे देश मे फैल रहा है. आखिरकार हमारे देश व समाज में ऐसा जहर कौन घेल रहा है?

बिहार में अपराधी लगातार बेखौफ होते जा रहे है. किसी की हत्या व बलात्कार की घटनाएं मामूली बात हो चुकी हैं. भाजपा नेता सम्राट चौधरी जो पहले गृहमंत्री थे और अब मुख्यमंत्री बन चुके हैं, कहते हैं कि बिहार में  अपराधियों का आतंक समाप्त हो चुका है. लेकिन, उनकी ताजपोशी के बीच घटित उनके दावे की पोल खोल दी है. फारबिसगंज, नालंदा, औरंगाबाद, सीतामढ़ी और पटना – ये क्या बिहार से बाहर हैं जहां हालिया घटित घटनाओं से मानवता भी शर्मसार हो चुकी है.

भाकपा(माले) जांच दल ने बिहार सरकार से मांग की है :

1. फारबिसगंज में हुए दोहरे हत्याकांड की उच्च स्तरीय जांच हो.
2. बिहार सराकर नबी हसन के परिजनों को 25 लाख रूपये का मुआवजा दे.
3. मृतक के परिजनों को  सरकारी नौकरी व उनके नाबालिग बच्चों के पालन-पोषण का शिक्षा की व्यवस्था की जाए.
4. इसतरह की जघन्य घटनाएं दोबारा घटित न हों, इसके लिए आवश्यक कदम उठाया जाए.

18 April, 2026