03 जनवरी 2026: वेनेजुएला पर अमेरिका ने हमला कर दिया है! 3 जनवरी की सुबह, ट्रंप के अमेरिका ने वेनेजुएला पर आपराधिक रूप से हमलावर युद्ध शुरू कर दिया है। वहां की राजधानी काराकस शहर को निशाना बनाकर क्रूर बमबारी और सैन्य हमला किया गया है। डोनाल्ड ट्रंप की एक सोशल मीडिया पोस्ट में तो यह भी दावा किया गया है कि राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी को बन्धक बना कर उन्हें वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है।
यह युद्ध सिर्फ़ वेनेजुएला के खिलाफ़ नहीं है, बल्कि इस क्षेत्र और दुनिया भर के हर उस व्यक्ति के खिलाफ़ एक खुली चेतावनी है जो साम्राज्यवादी हुक्मरानों से अलग अपना भविष्य खुद तय करना चाहता है। इराक पर हमले, उसके तेल पर कब्ज़े और उसके लोगों की तबाही को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल किए गए वही झूठ अब वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के खिलाफ़ इस्तेमाल किये जा रहे हैं, ताकि वहां पर चुनी हुई सरकार को हटाया जा सके. दुनिया में सबसे बड़े तेल भंडार वाले देश वेनेजुएला की लूट को सही ठहराने के लिए तथाकथित "नारको-आतंकवाद" के बहाने को फिर से इस्तेमाल किया जा रहा है।
वेनेजुएला के लोगों पर ट्रंप के युद्ध का मकसद अमेरिका समर्थित औपनिवेशिक व्यवस्था थोपना है। इस युद्ध का मकसद अमेरिकी बहुराष्ट्रीय निगमों के लिए एक बार फिर वेनेजुएला के तेल पर कब्ज़ा करना और साम्राज्यवादी हितों की सेवा के लिए एक कठपुतली सरकार स्थापित करना है। यह युद्ध लैटिन अमेरिका और कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी हस्तक्षेप के खूनी इतिहास का नवीनतम अध्याय है, जिसमें चुनाव में हेरफेर करना, लोकतांत्रिक रूप से चुनी हुई सरकारों को उखाड़ फेंकना, लोगों के आंदोलनों को दबाना, खून-खराबा करना और विनाश थोपना शामिल है। ग्वाटेमाला से चिली तक, ग्रेनाडा से पनामा तक, अमेरिकी मोनरो सिद्धांत, जिसका मतलब हमेशा इस क्षेत्र के लोगों को उनकी संप्रभुता और आत्मनिर्णय के अधिकार से वंचित कर अधीनता, शोषण और दमन रहा है।
वेनेजुएला के लोगों के साथ अटूट एकजुटता के साथ खड़े हों क्योंकि वे साम्राज्यवादी हस्तक्षेप से मुक्त होकर अपनी संप्रभुता, अपने राजनीतिक और आर्थिक मार्ग को तय करने के अपने अधिकार की रक्षा कर रहे हैं।
हम दुनिया भर की सभी लोकतांत्रिक और शांतिप्रिय ताकतों से इस साम्राज्यवादी आक्रमण और ट्रंप शासन द्वारा औपनिवेशिक अधीनता की एक नई व्यवस्था थोपने के प्रयासों के खिलाफ़ खड़े होने का आह्वान करते हैं।
वेनेजुएला से दूर हटो! अमेरिकी साम्राज्यवाद मुर्दाबाद!
-- केंद्रीय कमेटी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन