वर्ष 35 / अंक - 02 / कॉमरेड निगार नफीस की तीसरी बरसी पर मुशायरा का आयोज...

कॉमरेड निगार नफीस की तीसरी बरसी पर मुशायरा का आयोजन हुआ

कॉमरेड निगार नफीस की तीसरी बरसी पर मुशायरा का आयोजन हुआ

27 जनवरी को बदायूं शहर के स्काउट भवन सभागार मे कॉमरेड निगार नफीस की तीसरे स्मृति दिवस पर सभा व मुशायरे का आयोजन किया गया. पार्टी मे आने से पहले कॉमरेड निगार नफीस कई वर्षा तक सीपीएम की जिला सचिव रही थीं. वे जिले मे वरिष्ठ अधिवक्ता भी थीं. कॉ. निगार नफीस की शादी भाकपा(माले) के जिला प्रभारी व जिले के वरिष्ठ वामपंथी नेता कामरेड नफीस से 44 वर्ष पूर्व हुई थी. उन्होंने वामपंथी आंदोलन में बड़ा योगदान दिया. जब राजीव गांधी ने शाहबानों केस मे कट्टरपंथी लोगों के सामने झुक कर कानून मे बदलाव किया तो उसके विरोध में बदायूं में तब उन्होंने महिलाओं की एक बड़ी विरोध सभा का आयोजन किया था और चर्चा का केन्द्र बन गयी थीं.

वक्ताओं ने उनके साहस व कामों को याद करते हुए आज मोदी सरकार की जन विरोधी फास्सिट नीतियों के खिलाफ खड़े होने की जरुरत पर जोर दिया. कॉमरेड निगार नफीस की मकबूलियत की ही बजह से कडाके की ठंड में भी स्मृति सभा मे सैकड़ों लोग शामिल हुए. सभा मे समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष व पूर्व विधायक आशीष यादव, कांग्रेस जिला अध्यक्ष अजीत सिंह यादव, जिला बार एसोसिएशन की एल्डर्स कमेटी के चेयरमैन गौहर अली, किशन गोपाल गुप्ता, फकरे अहमद शोबी, डॉ. सतीश,ने विचार रखे. भाकपा(माले) के जिला प्रभारी कॉ. नफीस अहमद ने उनके संघर्ष पर व उनके विचारों पर बात रखी और बदायूं मे जन संघर्षों को आगे बढाने पर जोर दिया, सभा का संचालन अहमद अमजदी ने किया.

स्मृति सभा के बाद मशहूर शायर रागिब ककरालवी की अध्यक्षता में हुए मुशायरे में कई शायरों व कवियों ने अपने कलाम पढ़े.

10 January, 2026