वर्ष 34 / अंक-26 / लखीमपुर खीरी में बुलडोजर राज के खिलाफ भाकपा(माले)...

लखीमपुर खीरी में बुलडोजर राज के खिलाफ भाकपा(माले) और ऐपवा का संघर्ष

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मोहब्बत नगर में भाजपा विधायक की नफरती राजनीति 

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर शहर के उत्तरी छोर पर उल्ल नदी के किनारे गरीब मजदूरों की एक बस्ती है. इस बस्ती का नाम है – मोहब्बत नगर. इस बस्ती में रहनी वाली मुस्लिम समुदाय की एक युवती खुशनुमा और नदी के दूसरे किनारे पर बसे गांव सैदरी के एक दलित पासी जाति  के  युवक नितिन राज के बीच प्रेम सम्बन्ध था. इसी बात को लेकर 2 अगस्त 2025 को मोहब्बत नगर में युवती के घर सुबह-सुबह दोनों परिवारों के बीच लाठी-डंडे चल गये. इस मारपीट में नितिन राज का भाई अमित बुरी तरह से जख्मी हो गया और दो दिनों बाद उसकी मौत हो गयी. घटना के समय ही पुलिस वहां पहुंची और दोनों पक्षों के खिलाफ कार्यवाही की गयी.

इस घटना को सांप्रदायिक रंग देने के लिए 5 अगस्त 2025 को भाजपा के स्थानीय विधायक योगेश वर्मा मोहब्बत नगर पहुंचे. उनके साथ बजरंग दल सहित कई हिंदूवादी संगठनों के लोग भी वहां पहुंचे. उन लोगों ने पूरे गांव को मुसलमानों का गांव बताते हुए मीडिया के सामने यह बयान दिया कि यह बस्ती लोक निर्माण विभाग की जमीन पर अवैध रूप से बसी हुई है जहां देहव्यापार, हत्या और स्मगलिंग जैसे आपराधिक कृत्य होते हैं. यह बस्ती अपराधियों का अड्डा है इसलिए प्रशासन को इस पूरे गांव को बुलडोजर चला कर उजाड़ देना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रशासन इस गांव पर बुलडोजर नही चलाएगा तो वे खुद अपने निजी बुलडोजर से पूरे गांव को ध्वस्त कर देंगे. यह योगेश वर्मा का केवल मीडिया में दिया हुआ बयान नहीं था बल्कि आक्रामक ढंग से दी गयी उनकी खुली धमकी थी.

भाकपा माले और ऐपवा की जांच

मोहब्बत नगर पर बुलडोजर चलाने की इस धमकी को अखबारों और सोशल मीडिया ने काफी प्रचारित किया. इसके बाद भाकपा(माले) केंद्रीय कमेटी की सदस्य का. कृष्णा अधिकारी, ऐपवा राज्य उपाध्यक्ष का. आरती राय और ऐपवा नेत्री अनिता निषाद की एक तीन सदस्यीय जांच टीम ने 7 अगस्त 2025 को मोहब्बत नगर का दौरा किया और बस्ती के लोगों से बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जांच-पड़ताल की.

जांच टीम ने गांव में जाने पर यह पाया कि विधायक की धमकी से लोग डरे-सहमे हुए थे. वे जांच टीम के सामने बोलने से भी घबरा रहे थे. लेकिन जांच टीम ने जब उन्हें यह विश्वास दिलाया कि वह उनकी लड़ाई लड़ने और  घटना के सही तथ्य जानने आयी है तो लोग बोलने के लिए तैयार हुए. लोगों ने बताया कि इस गांव में केवल 40 परिवार हैं. इनमें से 60 प्रतिशत पिछड़ी जातियों के मुसलमान और 40 प्रतिशत दलित व पिछड़ी जातियों के हिन्दू हैं. सभी परिवार गरीब हैं और मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं. किसी के पास अपना पक्का मकान नहीं है. यह गांव लगभग 40 वर्षा से आबाद है और सभी लोग मिलजुल कर रहते आये हैं. उनके बीच कोई मजहबी विवाद नहीं है. वे सभी विधायक की धमकी से डरे हुए हैं कि पता नहीं कब उनके घरों पर बुलडोजर चल जाये.

लोगों ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि नितिन राज और खुशनुमा के बीच प्रेम सम्बन्ध था. कुछ समय पहले ये दोनों एक साथ भाग भी गए थे लेकिन समझाने-बुझाने पर वापस घर आ गए. 2 अगस्त 2025 की सुबह करीब 5-6 बजे लोगों ने खुशनुमा के घर मारपीट की आवाज सुनी. जब लोग पहुंचे तो उन्होंने देखा कि दोनों ही परिवार एक दूसरे के ऊपर लाठियां चला रहे थे. लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कराया. लाठियों की चोट से नितिन राज का भाई अमित बुरी तरह जख्मी हो गया था. लोगों ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी. पुलिस दोनों पक्षो को पकड़कर थाने ले गयी जहां कानूनी कार्यवाही पूरी की गयी. दो दिनों बाद इलाज के दौरान अमित की मृत्यु हो गयी.

लोगों ने आगे बताया कि 5 अगस्त को अचानक से विधायक योगेश वर्मा हिंदूवादी संगठनों के लोगों के साथ गांव में पहुंचे. वे गांव वालों को धमकाने लगे कि मैं इस बस्ती पर बुलडोजर चलवा कर पूरी बस्ती को नेस्तनाबूद करवा दूंगा. यहां के सभी मुसलमान अवैध रूप से बसे हुए है और वे देहव्यापार और गलत तरह के धंधे करवाते हैं.

गांव वालों ने बताया कि इस बस्ती के चारों ओर बेशकीमती जमीनें है. करीब दो साल पहले कुछ प्रॉपर्टी डीलरों ने किसानों से बस्ती के पीछे की जमीन खरीद ली है. तभी से वे प्रॉपर्टी डीलर बस्ती को खाली कराने की धमकी दे रहे हैं और बस्ती के लोगों के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हैं. लेकिन लोगों के एकताबद्ध प्रयास के चलते आज तक प्रॉपर्टी डीलर सफल नही हो सके. लोगों का मानना है कि इस बस्ती को उजाड़ने के लिए भाजपा ने जान-बूझकर इस घटना को सम्प्रदायिक रूप दिया है ताकि इस बस्ती को बदनाम कर दिया जाए और उसके बाद बुलडोजर चलवा कर यहां के बाशिन्दों को भगा दिया जाए.

जांच टीम ने पाया कि मोहब्बत नगर सड़क किनारे आबाद मजदूरों की एक बस्ती है. इस बस्ती के चारों ओर सड़क से लगी जमीनों की कीमत काफी बढ़ गई है. प्रॉपर्टी डीलर इन जमीनों के माध्यम से मोटा पैसा कमाना चाहते हैं. यह बस्ती इस काम में उनके सामने सबसे बड़ी बाधा हैं. इसलिए वे सचेतन ढंग से इस बस्ती के बाशिंदों के खिलाफ तरह-तरह का दुष्प्रचार करते रहते हैं. 2 अगस्त 2025 को घटी घटना ने इन ताकतों को बस्ती को उजाड़ने का एक सुनहरा मौका दे दिया. इसी मौके को भुनाने के लिए स्थानीय विधायक ने साम्प्रदयिक और घृणित दुष्प्रचार अभियान चलाया और बस्ती को उजाड़ने की धमकी दी.

भाकपा(माले) और ऐपवा की पहल

भाकपा(माले) और ऐपवा की जांच टीम ने बस्ती के लोगों को विश्वास दिलाया कि भाकपा(माले) उनके साथ है और वह उनकी लड़ाई लड़ेगी. पार्टी ने मीडिया में प्रदेश की योगी सरकार की साम्प्रदायिक बुलडोजर राजनीति की कड़ी आलोचना करते हुए मोहब्बत नगर के दलित, पिछड़ा व अल्पसंख्यक मजदूरों को प्रोपर्टी डीलरों के इशारे पर अवैध तरीके से उजाड़ने के खिलाफ जबरदस्त आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी.

11 अगस्त को 2025 को भाजपा विधायक फिर से बजरंग दल और आरएसएस जैसी साम्प्रदायिक संगठनों के सैकड़ो लोगों के साथ पहुंचे. उन लोगों ने माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की और एक बार फिर से सबको धमकाया. हिंदुत्वादी संगठनों से जुड़ी लगभग सौ से अधिक महिलायेंं भी इस बार विधायक के साथ थीं जिनको आगे करते हुए साम्प्रदायिक नारे लगवाये गये और बस्ती को उजाड़ने की धमकी दिलवाई गयी. इस दौरान गांव में भारी संख्या पुलिस बल भी तैनात थी. फिर भी लोग उजाड़े जाने और हिंसा होने की आशंका में घरो में डरे-सहमे दुबके रहे. विधायक ने  पुलिस प्रशासन के सामने खुलेआम ऐलान किया कि अगर प्रशासन ने 15 दिनों के अंदर इस बस्ती पर बुलडोजर नहीं चलवाया तो वह खुद अपने निजी बुलडोजर से बस्ती को उजाड़ देगा.

भाजपा की इस गरीब विरोधी और साम्प्रदायिक राजनीति के खिलाफ भाकपा(माले) ने मोहब्बत नगर में 15 अगस्त 2025 को  स्वतंत्रता दिवस मनाने का फैसला लिया. उस दिन वहां वहां एक जनसभा आयोजित की गयी. जनसभा को सम्बोधित करते हुए भाकपा(माले) केंद्रीय कमेटी की सदस्य का. कृष्णा अधिकारी ने कहा कि भाकपा(माले) मोहब्बत नगर को साम्प्रदायिक आधार पर उजाड़ने की भाजपाई साजिश का पर्दाफाश करेगी और जनता के मूलभूत संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन करेगी. जनसभा को ऐपवा नेता लिसा और अनिता निषाद ने भी संबोधित किया.

25 अगस्त 2025 को भाकपा(माले) ने भाजपा की साम्प्रदायिक राजनीति और बुलडोजर राज के खिलाफ जिला मुख्यालय लखीमपुर खीरी पर जोरदार प्रदर्शन किया जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए. इस प्रदर्शन के माध्यम से साम्प्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले स्थानीय विधायक के खिलाफ कार्यवाही करने, मोहब्बत नगर को उजाड़ने की कार्यवाही पर रोक लगाने तथा सभी आवासहीन परिवारों को स्थायी रूप से आबाद करने और सबको आवास देने की मांग की.

भाकपा(माले) के प्रदर्शन के बाद से मोहब्बत नगर के लोगों का हौसला बढ़ा है और साम्प्रदायिक ताकतें तात्कालिक ढंग से पीछे हटने को मजबूर हुई हैं.

– कृष्णा अधिकारी


06 September, 2025