वर्ष 35 / अंक - 04 / का. छेछन राम को श्रद्धांजलि दी गई

का. छेछन राम को श्रद्धांजलि दी गई

का. छेछन राम को श्रद्धांजलि दी गई

8 जनवरी 2026 को कामरेड छेछन राम (उम्र 85 वर्ष), जो पटना जिले के संपतचक नगर परिषद के बैरिया गांव में भाकपा(माले) के एक जुझारू कार्यकर्ता थे, की श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई.

का. छेछन राम ने 1980 में पार्टी से जुड़ने के बाद से जीवन के अंतिम समय तक इलाके में सामंती दबदबा के खिलाफ दलित-गरीबों को संगठित कर जुझारू जन आंदोलन की अगुवाई करते रहे. इस दौरान कई बार सामंत-अपराधी पुलिस गठजोड़ के दमन का भी शिकार हुए.

का. छेछन राम को 6 जनवरी 2026 को बैरिया पटना गया नेशनल हाईवे पर सड़क पार करने के क्रम में सड़क दुर्घटना में गंभीर चोटें आईं. पहले उन्हें एनएमसीएच में भर्ती कराया गया जहां से तत्काल उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया. वहां दो दिनों तक ईलाज चलता रहा और वे मौत से लड़ते रहे. अंततः 8 जनवरी 2026 को उनकी मृत्यु हो गई.

उनके मृत्यु की खबर सुन पूरे इलाके में पार्टी कतारों के बीच दुःख के लहर दौड़ पड़ी. उनके अंतिम दर्शन के लिए लोग उमड़ पड़े. कामरेड छेछन राम का पार्थिव शरीर बैरिया स्थित उनके घर लाया गया.

भाकपा(माले) के संपतचक प्रखंड सचिव सत्यानंद कुमार, फुलवारी प्रखंड सचिव गुरुदेव दास, लक्ष्मी कुमार सुरेश चंद्र ठाकुर, सुरेश सिंह सहित दर्जनों पार्टी नेता उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए. पार्टी झंडा में लिपटा उनका पार्थिव शरीर ‘कामरेड छेछन राम अमर रह!’ के नारों के साथ मानपुर में पहुंचा. खाजकला घाट पर उन्हें अंतिम विदाई दी गई.

20 जनवरी 2026 को बैरिया में कामरेड छेछन राम की श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. इस मौके पर भाकपा(माले) पोलित ब्यूरो के सदस्य व पटना जिला सचिव का. अमर, केन्द्रीय कमीटी सदस्य व फुलवारीशरीफ के पूर्व विधायक गोपाल रविदास, राज्य कमेटी सदस्य व अखिल भारतीय किसान महासभा के राज्य सचिव उमेश सिंह आदि के साथ ही जिले के कई पार्टी नेता और उनके परिजन – पुत्र व पुत्री भारी तादाद में शुभचिंतकों ने शिरकत की.

24 January, 2026