भाकपा(माले) और अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) के आह्वान पर महिला आरक्षण के मुद्दे पर भाजपा द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार के खिलाफ 24 अप्रैल 2026 को राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में प्रतिवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए. पटना में जीपीओ गोलंबर से बुद्ध स्मृति पार्क तक एक मार्च निकाला गया और सभा आयोजित की गई.
ऐपवा की महासचिव मीना तिवारी, एमएलसी शशि यादव, पूर्व विधायक गोपाल रविदास, केडी यादव, अनीता सिन्हा, शत्रुघ्न सहनी, सबा आफरीन सहित अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम का नेतृत्व किया.
पटना के अलावा आरा, अरवल, दरभंगा, सिवान, गया, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, बिहारशरीफ और गोपालगंज समेत विभिन्न जिलों में भी प्रदर्शन हुए.
प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षण तत्काल लागू करो, दलित-पिछड़ी महिलाओं को समुचित हिस्सेदारी दो और जातीय जनगणना शीघ्र पूरी कर लागू करो जैसे नारे लगाए.
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भाजपा यह झूठा प्रचार कर रही है कि विपक्ष महिला आरक्षण लागू नहीं होने दे रहा है, जबकि सच्चाई इसके ठीक विपरीत है.महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक सितंबर 2023 में ही संसद द्वारा पारित किया जा चुका है. हाल में जो विधेयक गिरा, वह परिसीमन (डिलिमिटेशन) से संबंधित था, न कि महिला आरक्षण से.
वक्ताओं ने आज बिहार विधानसभा में विपक्ष के खिलाफ लाए गए निंदा प्रस्ताव की कड़ी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करने और विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास बताया और सवाल उठाया कि महिला आरक्षण लागू करने के लिए परिसीमन और नई जनगणना को अनिवार्य शर्त क्यों बनाया जा रहा है? भाजपा महिला आरक्षण लागू करने के प्रति गंभीर नहीं है और इस मुद्दे पर भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है. जबकि परिसीमन एक गंभीर और व्यापक विषय है, जिस पर राष्ट्रीय स्तर पर सहमति बननी चाहिए. भाजपा की जल्दबाजी पर सवाल उठाते हुए वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वह चुनावी लाभ के लिए सीटों के पुनर्गठन की दिशा में काम कर रही है. इतिहास में कभी भी आरक्षण लागू करने के लिए सीटों की संख्या बढ़ाने जैसी शर्त नहीं रही है.
वक्ताओं ने महिला आरक्षण के भीतर ‘कोटा के भीतर कोटा’ की मांग को भी न्यायोचित बताते हुए कहा कि दलित और पिछड़ी महिलाओं की वास्तविक भागीदारी सुनिश्चित करना आवश्यक है.
भाजपा के भ्रामक प्रचार का व्यापक स्तर पर पर्दाफाश करने और महिला आरक्षण को दलित-पिछड़ी महिलाओं के कोटे के साथ तत्काल लागू कराने के लिए प्रखंड मुख्यालयों से लेकर गांवों और चौक-चौराहों तक नुक्कड़ सभाओं के माध्यम से राज्य भर में सघन अभियान चलाने तथा जनता के बीच सही जानकारी पहुंचाने के आह्वान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.