वर्ष 35 / अंक - 26 / सत्ता के इशारे पर छात्र आंदोलन पर बर्बर हमला: न्या...

सत्ता के इशारे पर छात्र आंदोलन पर बर्बर हमला: न्याय की धज्जियां उड़ाती नालंदा पुलिस

सत्ता के इशारे पर छात्र आंदोलन पर बर्बर हमला: न्याय की धज्जियां उड़ाती नालंदा पुलिस

नालंदा के नगरनौसा से डिग्री काॅलेज को हटाकर अन्यत्र ले जाने के खिलाफ पूर्व से जारी आंदोलन के क्रम में 18 जून को छात्र-युवाओ का आंदोलन घोषित था. स्थानीय विधायक व सत्ताधारी नेताओं के इशारे पर पुलिस प्रशासन ने सुनियोजित ढंग से छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों पर कहर बरपाया. तीन छात्राओं समेत 39 छात्र-युवाओं को गिरफ्तार किया गया. विभिन्न मोहल्ले वासियों की भी, जो अपने घरों में आराम कर रहे थे, गिरफ्तारी हुई. घरों में घुसकर कई महिलाओं के गहने – कान बाली व चेन तथा मोबाइल – छीन कर ले गई. कई घरों के दरवाजे तोड़ दिये और कई मोटरसाइकिलों व अन्य सामानों को क्षति पहुंचाई. घायलों को सरकारी अस्पताल में इलाज कराने से भी रोका.

अगले दिन भाकपा(माले) के नगरनौसा प्रखंड प्रभारी  का. रामदास अकेला के नेतृत्व में एक सात सदस्यीय जांच टीम नगरनौसा का दौरा कर पूरे मामले की गहन जांच-पड़ताल की और लागों की आपबीतियां दर्ज की. जांच टीम में किसान महासभा के नालंदा जिला सचिव मुनीलाल यादव, पूर्व मुखिया व किसान नेता बखोरी प्रसाद, भाकपा(माले) नेता बिरेश कुमार, आरवाइए नेता व स्थानीय भाकपा(माले) नेता विनोद कुमार शामिल थे.

जांच टीम में शामिल नेताओं ने इस पुलिसिया दमन की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि भाजपा राज में अपराधियों और पुलिस को छात्रों, महिलाओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं पर दमन करने की खूली छूट दे दी गई है. सम्राट चौधरी सरकार में पुलिस ही कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रही है. इस पुलिसिया हरकत से तो यही साबित होता है कि बिहार में पुलिस-प्रशासन गुंडों जैसा बर्ताव कर रहा है और उसे न्यायालय या कानून की कोई परवाह नही है.

जांच टीम ने राज्य सरकार से सभी गिरफ्तार छात्र-छात्राओं को बिना शर्त रिहा करने और उनपर दर्ज सभी मुकदमे वापस लेने; नालंदा जिलाधिकारी व हिलसा के अनुमंडलाधिकारी व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के साथ हुए पूर्व समझौते के अनुसार डिग्री काॅलेज को नगरनौसा प्रखंड मुख्यालय में ही संचालित करने, आंदोलित छात्र-युवाओं पर हुए क्रूर लाठीचार्ज, पुलिसिया लूट व दमन की इस संपूर्ण घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा इसके दोषी अधिकारियों – हिलसा के अनुमंडलाधिकारी व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी तथा नगरनौसा के थानाध्यक्ष पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है.

का. संदीप सौरभ (पालीगंज विधायक) ने भी 22 जून 2026 को पुलिस कार्रवाई से प्रभावित ग्रामीणों एवं पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई बेहद दुखद, निंदनीय और लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है. डाॅ. सौरभ ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से उठाना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है. सरकार और प्रशासन को दमन के बजाय संवाद और समाधान का रास्ता अपनाना चाहिए. उन्होंने भी सभी गिरफ्तार लोगों की तत्काल रिहाई, निर्दाेष ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमों की वापसी तथा पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की. उन्होंने इस बर्बर दमन के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों को विशेषकर स्थानीय थाना प्रभारी, डीएसपी आदि को तत्काल निलंबित करने की मांग भी उठाई.

27 June, 2026