22 जून 2026 को खेग्रामस और भाकपा(माले) के बैनर तले रायगड़ा जिले (ओडिशा) के काशीपुर ब्लाॅक के शिव राधा मंदिर से एक जुलूस निकाला गया जो वन विभाग कार्यालय व प्रखंड कार्यालय तक गया. वहां विरोध प्रदर्शन करते हुए माननीय मुख्यमंत्री को 11-सूत्री की मांगों वाला एक ज्ञापन सौंपा गया.
संगठन ने मांग किया कि लक्ष्मीनगर और अन्य दूसरे गांवों के गरीब लोगों को जंगल की जमीन और घर के पट्टे (जमीन के टाइटल) दिए जाएं, वीवी ग्रामजी और और आरजीआइ कानून रद्द किए जाएं और मनरेगा एक्ट को ठीक से लागू किया जाए.
प्रदर्शनकारियों ने मजदूरों के लिए 700 रुपये दैनिक मजदूरी देने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा को संवैधानिक हक के तौर पर लागू करने और बिजली और बीज एक्ट को रद्द करने की भी मांग की. इसके अलावे सभी घरों को 300 यूनिट फ्री बिजली देना, प्रधनमंत्री आवास योजना के तहत 5 लाख रुपये की मदद और घर के पट्टे, सभी राशन कार्डधारियों और खेतिहर मजदूरों को 50 किलो चावल और दिव्यांगों और सीनियर सिटिजन को 5,000 रुयपे प्रतिमाह की पेंशन देने की मांग शामिल थी. उन्होंने जमीन के मामलों से जुड़ी प्राॅपर्टी जब्त करने के तरीकों को वापस लेने की भी मांग की. विरोध प्रदर्शन के दौरान, राज्य सचिव तिरुपति गोमांग ने रामचंद्र प्रस्का और कैलाश सबर के साथ मिलकर राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों की जनविरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना की.
इस मौके पर अनिरुद्ध निशिका, सुंदरु मिनियाका, गुरुनाथ बागिरिया, चैतन्य गराड़िया, देबेंद्र लाबाला, अचना मंदागिंग, रूपाली प्रस्का, मूर्ति मिनियाका, राउराई कोशले व सामिया हिक्का मौजूद थे.